व्यापार में मंदी आ जाने पर किसी साफ शीशी में सरसों का तेल भरें और उसे किसी बहती नदी या तालाब के जल में प्रवाहित कर दें। व्यापार फिर से उठने लग जाएगा।

कारोबार व व्यापार में वृद्धि के लिए करें ये उपाय, मिलेगी सफलता

क्या आप भी व्यापार वृद्धि के उपाय के बारे में जानना चाहते हैं? तो हमारे इस लेख को जरूर पढ़ें। Start up के इस युग में, आज देश का हर युवा अपने पैरों पर खड़े होने के लिए अपना व्यवसाय करने की सोचता है। Vyapar Vridhi Ke Asaan Upay

लेकिन वह पहल करने से हिचकिचाते हैं, यह सोचकर कि व्यवसाय प्रगति करेगा या नहीं। क्योंकि आए दिन एक New company खुलती है, लेकिन कारोबार में नुकसान के कारण वे जल्द ही बंद हो जाती हैं।

इसलिए यदि आपके पास भी … Business में Loss का डर है और जल्द से जल्द व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, तो इस लेख के माध्यम से व्यवसाय के विकास से संबंधित चरणों को जानें।

कारोबार व व्यापार बढ़ाने के लिए करें ये उपाय, मिलेगी सफलता

व्यापार वृद्धि के उपाय – Vyapar Vridhi Ke Asaan Upay

निम्न टोटकों को अपनाकर भी आप अपने व्यापार में बढ़ोत्तरी ला सकते हैंः

  • कार्यस्थल या दुकान पर अंदर जाने से पहले अपना दाहिना हाथ ज़मीन पर लगाएं और उसके बाद मस्तक या हृदय पर लगाएं।

ऐसा करने से आपको असीम लाभ प्राप्त होगा। व्यापार या कारोबार वृद्धि के लिए ये बहुत ही आसान उपाय है।

  • व्यापार व कारोबार में वृद्धि के लिए लक्ष्मी नारायण के मंदिर में हर शुक्रवार गुड़ चना बाँटें। मंदिर में लक्ष्मी मां की प्रतिमा के समक्ष खुशबूदार अगरबत्ती जलाएं और प्रार्थना करें। ये आसान उपाय आपको हर तरह से समृद्धि दिलाएगा।
  • व्यापार में स्थायी लाभ पाने के लिए कुत्ता, गाय और कौवों को रोटी ज़रूर खिलाएं।
  • आप नींबू और हरी मिर्च के प्रयोग से भी अपने व्यापार व कारोबार को बढ़ा सकते हैं। इसके लिए 7 हरी मिर्च और 7 नींबू लेकर माला बनाएं और उसे दुकान में वहां पर टांगें, जहाँ ग्राहक की निगाह पड़े। ये बहुत ही आसान सा उपाय है, इसके आपको काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे।
  • आप कच्चे सूत के प्रयोग से भी अपने व्यापार में तरक्की पा सकते हैं। एक कच्चे सूत को केसर के घोल में भिगोकर रंग दें और फिर इसे अपने कार्य स्थल पर बांध दें। ऐसा करने से व्यापार में सफलता मिलती है।
  • कार्यक्षेत्र पर जाते वक्त अपने इष्ट देव का ध्यान करें और कोई सुगंधित इत्र लगाएं, ऐसा करने से व्यापार में सफलता मिलेगी।
    कपूर और रोली को जलाकर उसकी राख को एक कागज में रख लें और उसे अपनी दुकान या घर के उस स्थान पर रखें, जहां आप अपना धन रखते हैं।
  • लड़ाई, झगड़े व क्लेश वाले घरों में लक्ष्मी का निवास नहीं होता है, ऐसे में घर में शांति व प्रेम बनाएं रखें।
  • शाम के समय सोएं नहीं साथ ही झाड़ू भी न लगाएं क्योंकि ऐसा करने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। पूजा स्थल पर दीपक ज़रूर जलाएं।
  • एक नारियल को चमकीले लाल नए कपड़े में लपेटकर घर और व्यापार स्थल के पूजा स्थान अथवा तिजोरी में रखें। इसमें रोजाना धूप या अगरबत्ती दिखाने से भी व्यापार में लाभ मिलता है।
  • कार्यक्षेत्र पर सफलता के लिए किसी सफल व्यक्ति को अपना आदर्श बना लें और उस व्यक्ति की तस्वीर अपने कक्ष में लगाएं। रोजाना समय निकालकर उस व्यक्ति के जीवन के बारे में अध्ययन करें और खुद को उसके बराबर लाने की योजना बनाएं।
  • व्यापारिक स्थल के पूजा घर में स्फटिक श्री यंत्र और एकाक्षी नारियल स्थापित करके प्रतिदिन गुलाब की सुगंधित अगरबत्ती से पूजा करने से व्यापार में निश्चित सफलता प्राप्त होती है।
  • व्यापार में मंदी आ जाने पर किसी साफ शीशी में सरसों का तेल भरें और उसे किसी बहती नदी या तालाब के जल में प्रवाहित कर दें। व्यापार फिर से उठने लग जाएगा।
  • शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन अपनी फैक्ट्री या दुकान के दरवाजे के बाहर दोनों तरफ थोडा सा गेहूं का आटा रख दें। ध्यान रहे इस कार्य को करते वक्त किसी की नज़र आप पर न पड़े।
  • कारोबार में नुकसान या झगड़े की स्थिति होने पर अपने वज़न के बराबर कच्चा कोयला लेकर पानी में प्रवाहित कर दें, ऐसा करने से अवश्य लाभ होगा।
  • व्यापार को बढ़ाने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ से एक पत्ता तोड़ लाएं, उसे धूप-बत्ती दिखाकर अपनी दुकान की गद्दी जिस पर आप बैठते हैं, उसके नीचे रख दें। सात शनिवार तक लगातार ऐसा ही करें। जब गद्दी के नीचे सात पत्ते इकट्ठे हो जाएं तो उन्हें एक साथ किसी तालाब या कुएं में बहा दें, आपका व्यवसाय चल निकलेगा।
  • किसी ऐसी दुकान जो काफी चलती हो, वहां से लोहे की कोई कील या नट आदि शनिवार के दिन ख़रीदकर ले आएं। काली उड़द के 10-15 दानों के साथ उसे एक शीशी में रख लें। धूप-दीप से पूजा कर ग्राहकों की नज़रों से बचाकर दुकान में रख लें। व्यवसाय खूब चलेगा।
  • शनिवार को सात हरी मिर्च और सात नींबू की माला बनाकर दुकान में ऐसे टांगें कि उस पर ग्राहक की नज़र पड़े।
    व्यापार स्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या हो,
  • तो वहां श्वेतार्क गणपति तथा एकाक्षी श्री फल की स्थापना करें और फिर नियमित रूप से धूप, दीप आदि से पूजा करें तथा सप्ताह में एक बार मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को बाँटें। चाहें तो भोग नित्य प्रति भी लगा सकते हैं।

Read Also :

Follow & Like This article on Social Platform : Facebook – Twiter – Youtube