वास्तु टिप्स शयन कक्ष या सोने का कमरा कहाँ हो।

वास्तु शास्त्र. वास्तु शास्त्र के टोटके. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का नक्शा. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर. वास्तु दोष. वास्तु के अनुसार घर. वास्तुशास्त्र के अनुसार शौचालय. वशीकरण के आसान टोटके
शयन कक्ष (BEDROOM )के स्थान और सामान के लिए वास्तु टिप्स इन हिंदी

शयन कक्ष या सोने का कमरा कहाँ हो। वास्तु टिप्स इन हिंदी: Vastu Tips for Bedroom in Hindi

शयन कक्ष (BEDROOM ) आपका वह जगह जहां आप अपना सबसे ज्यादा समय बिताते है। पुरे दिन काम करने के बाद यह स्थान आपके शरीर और मस्तिष्क को आराम और शांति देने का काम करता है। यहाँ वास्तु के अनुसार सोने के कमरे के स्थान और सामान के रखरखाव के लिए कुछ उपाय सुझाएँ गए हैं।

वास्तु टिप्स इन हिंदी के अनुसार शयन कक्ष के लिए सही दिशाये:

शयन कक्ष, जिसे master Bedroom भी कहते है। वह घर के दक्षिण पश्चिम या उत्तर पश्चिम की ओर होना चाहिए। यदि किसी घर में मकान की ऊपरी मंजिल है तो, मुख्य शयन कक्ष ऊपरी मंजिल में दक्षिण पश्चिम कोने में होना चाहिए।

वास्तु के अनुसार; कैसा हो बच्चों का कमरा

vastu tips
  1. बच्चों का कमरा उत्तर–पश्चिम या पश्चिम में अच्छा रहता है और अतिथियों के लिए कमरा (Guest Bedroom) उत्तर पश्चिम या उत्तर–पूर्व की तरफ ही होना चाहिए। पूर्व दिशा में बना कमरा का बच्चों (जिनकी अभी शादी नहीं हुई हो ) या मेहमानों के सोने के लिए उपयोग में लिया जा सकता है।
  2. उत्तर–पूर्व दिशा में पूजा करने का स्थान है। इसलिए यह जरुरी है की इस दिशा में कोई शयन कक्ष नहीं होना चाहिए। क्यूंकि उत्तर–पूर्व में शयन कक्ष होने से धन की हानि , काम में रुकावट और बच्चों की शादी में रुकावट हो सकती है।
  3. दक्षिण–पश्चिम का शयन कक्ष मजबूती और जरुरी मुद्दों को हिम्मत से हल करने में सहायता देने का काम करता है।
  4. यदि दक्षिण–पूर्व में शयन कक्ष है तो अनिद्रा, चिंता, और वैवाहिक समस्याओं को जन्म देता है।
  5. दक्षिण पूर्व दिशा अग्नि कोण है जो मुखरता और आक्रामक रवैये से सम्बन्ध रखता है। शर्मीले और डरने वाले बच्चों को इस कमरे का उपयोग करना चाहिए। इससे उनको हिम्मत मिलती है।
  6. झगड़ालू और क्रोधी स्वभाव के जो व्यक्ति को घर में बने दक्षिण–पूर्व कमरे में नहीं रहना चाहिए।
  7. उत्तर–पश्चिम दिशा वायु के द्वारा संचालित है और आने जाने से संबंधित है। इस तरह के शयन कक्ष विवाह योग्य लड़किया के लिए वस्तु शस्त्र के अनुसार अच्छा माना गया है।
  8. उत्तर–पश्चिम दिशा यह मेहमानों के शयन कक्ष लिए भी एक अच्छा स्थान है।
  9. शयन कक्ष घर के बीच वाले हिस्से में नहीं होना चाहिए, घर के मध्य हिस्से को वास्तु में बर्हम स्थान कहा जाता है। यह बहुत सी ऊर्जा को अपनी तरफ खींचता है जोकि आराम और नींद के लिए उपयुक्त नहीं होता है।

शयन कक्ष के लिए अन्य वस्तु टिप्स :

वास्तु टिप्स इन हिंदी 1 :  सोते समय एक अच्छी नींद लेने के लिए सिर को हमेशा पूर्व या दक्षिण की ओर रखना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 2 : वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार, लिखने और पढ़ने की जगह पूर्व या शयन कक्ष के पश्चिम की ओर होनी चाहिए | लेकिन पढाई करते समय चेहरा पूर्व दिशा में होना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 3 : हमेशा ड्रेसिंग टेबल के साथ दर्पण पूर्व या उत्तर की दीवारों पर लगाना चाहि।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 4 : अलमारी को शयन कक्ष के उत्तर पश्चिमी या दक्षिण की ओर होना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 5 : टेलीविज़न हीटर और एयर कंडीशनर को दक्षिण पूर्वी के कोने में रखना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 6 : बेड रूम के साथ बाथरूम को हमेशा कमरे के पश्चिम या उत्तर में बनवाना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 7 : दक्षिण–पश्चिम, पश्चिम कोना कभी खाली नहीं होना चाहिए।
वास्तु टिप्स इन हिंदी 8 : यदि आप कोई सेफ या तिजोरी, बेड रूम में रखना चाहे तो उसे दक्षिण कि दिवार के साथ रखे। ताकि खुलते समय उसका मुंह धन की दिशा, उत्तर की तरफ खुलना चाहिए।
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.