Vastu ke upay

जानिए घर, दुकान, आफिस के वास्तु दोष के उपाय – Vastu ke upay

Vastu ke upay

जानिए दुकान का वास्तु, Dukan Ka Vastu,शो रूम का वास्तु, Show Room Ka Vastu

1. दुकान का वास्तु

जानिए आफिस का वास्तु, Office ka upay,कार्यालय के वास्तु के अचूक उपाय, karyalaya Ke Vastu ke upay2. आफिस / कार्यालय का वास्तु

 आपको यहाँ पर रेस्टोरेंट से संबंधित कुछ बहुत ही उपयोगी वास्तु के उपाय बता रहे है जिन्हे करके आप निश्चय ही लाभान्वित होंगे ,  रेस्टोरेंट का वास्तु, Restaurant ka Vastu, जलपान गृह का वास्तु, Jalpan grah ka vastu

3. रेस्टोरेंट का वास्तु

यहाँ पर आपको मुख्य द्वार के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु के उपायों के बारे में बता रहे है जिनको अपनाकर आप निश्चय ही अपने जीवन में सुख समृद्धि ला सकते है  जानिए मुख्य द्वार का वास्तु, Mukhya Dwar ka Vastu,मुख्य द्वार के शुभ वास्तु से लाभ, Mukhya dwar ke shubh vastu se labh

4. मुख्य द्वार का वास्तु

मुख्य द्वार के आगे खम्बा, बड़ा पेड़, कोई मशीन, बिजली का ट्रांसफार्मर, सीढ़ी, गंदगी का ढेर, गड्ढा, कीचड़,  कोई अन्य द्वार आदि द्वार वेध कहलाते है । भवन के आगे किसी भी प्रकार के द्वार वेध का अवश्य ही उपाय करना चाहिए,
जानिए द्वारवेध के उपाय, Dwar vedh ke upay,द्वारवेध दूर करने के उपाय, Dwar vedh dur karne ke upay

5. द्वारवेध के वास्तु

वास्तु के अनुसार खिड़कियों की स्थिति का भी हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गलत दिशा में खिड़कियाँ होने से भवन में रहने वाले निवासियों को उसके अशुभ प्रभावों का सामना करना पड़ सकता हैं। इसलिए इनका वास्तु अनुरूप ही होना चाहिए जिससे भवन में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का ही आगमन हो,
जानिए खिड़कियों का वास्तु, Khidkiyon ka Vastu

6. खिड़कियों का वास्तु

वास्तुनुसार सीढ़ियों के होने से उस भवन के लोग उन्नति करते है लेकिन गलत दिशा में सीढ़ियों के होने से वहाँ के निवासियों को हानि का सामना करना पड़ सकता है,
जानिए सीढ़ियों का वास्तु, Sidiyon ka vastu, भवन की सीढ़ियों का वास्तु, bhavan ki sidiyon ka vastu

7. सीढ़ियों का वास्तु

जिस भवन के सामने / मुख्य द्वार के सामने ईशान दिशा ( उत्तर पूर्व दिशा ) की ओर मार्ग होता है ऐसे भवन को ईशान मुखी भवन कहा जाता है। इस तरह के भवन के शुभ अशुभ के परिणाम का प्रभाव सीधे गृह स्वामी एवं उसकी संतान पर पड़ता है। ईशान मुखी भवन में निवास करने वाले अगर यहाँ पर बताये गए वास्तु के नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें निश्चय ही सदैव शुभ फलों की प्राप्ति होती रहेगी ।

8. ईशानमुखी भवन वास्तु

जिस भवन / भूखण्ड का मुख्य भाग पूर्व दिशा की तरफ हो वह पूर्वोन्मुखी कहलाता है। यह दिशा भवन / भूखण्ड के निवासियों के लिए अति उत्तम मानी जाती है। पूर्व दिशा भगवान सूर्य की मानी जाती है। इस दिशा के स्वामी देवराज इन्द्र हैं।   ऐसे भूखण्ड पर निर्माण करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का सदैव ध्यान रखना चाहिए, वरना स्वास्थ्य, धन हानि एवं विवाद- मुकदमेबाजी का भय बना रहता है,  जानिए पूर्वोन्मुखी वास्तु, Purab Mukhi vastu, भूखण्ड का वास्तु, Bhukhand ka vastu ।

9. पूर्वोन्मुखी भूखण्ड का वास्तु

जिस भवन के सामने / मुख्य द्वार के सामने अग्नेय दिशा ( दक्षिण-पूर्व ) की ओर मार्ग होता है वह आग्नेयमुखी भवन कहलाते है । आग्नेय का मतलब होता है आग का स्थान । आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) दिशा के स्वामी भगवान श्री गणेश तथा इस दिशा का प्रतिनिधि ग्रह शुक्र ग्रह है। यदि वास्तु के सिद्दांतो का पालन किया जाय तो यह भवन भी अवश्य ही शुभ साबित होते है ।

10. आग्नेयमुखी भवन का वास्तु

बहुत अधिक संखया में लोग फ्लैट्स में भी रहते हैं जो पूर्णतया वास्तु सम्मत नहीं होते है ऐसी स्थितियों में कुछ उपयोगी वास्तु टिप्स को अपनाकर वास्तु दोषों को काफी हद तक कम किया जा सकता है,
जानिए वास्तु टिप्स, Vastu Tips,वास्तु के उपाय, Vastu Ke Upay

11. रसोई घर का वास्तु

हिदु धर्म में पूजा के लिए भवन में ईशान की दिशा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है । चाहे भवन का मुख किसी भी दिशा में हो लेकिन पूजा घर यथासंभव ईशान कोण में बनाने से शुभ प्रभाव प्राप्त होते है। पूजा घर के लिए पूर्व और उत्तर की दिशा भी शुभ मानी जाती है ।  पूजा घर से सम्बंधित कुछ आसान से वास्तु टिप्स बता रहे है जिससे आपको अवश्य ही लाभ की प्राप्ति होगी ।

12. पूजा घर का वास्तु

रसोईघर के लिए बताये गए वास्तु के सिद्धांतों को अपनाकर आप निश्चय ही उत्तम लाभ प्राप्त कर सकते है ।

13. रसोई के वास्तु 

रसोईघर के लिए बताये गए वास्तु के सिद्धांतों को अपनाकर आप निश्चय ही उत्तम लाभ प्राप्त कर सकते है । किसी भी घर में बच्चों के कमरे का वास्तु का उतना ही महत्व है जितना घर के मुखिया के लिए बैड रूम का । यहाँ पर हम आपको बच्चो के कमरे के वास्तु टिप्स बता रहे जिन्हे अपनाकर आप अपने बच्चो के भविष्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते है ।

14. बच्चो के कमरे का वास्तु

वह चिड़चिड़ा हो जाता है इससे उसका स्वास्थ्य और कार्य क्षमता दोनों ही में गिरावट होती है । यहाँ पर हम शयनकक्ष के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु सिद्धांत बता रहे है जिससे आप सभी अवश्य ही लाभ उठाएंगे । जानिए बैडरूम का वास्तु, Bedroom ka vastu, शयनकक्ष का वास्तु, Shyankash ka vastu

15. शयनकक्ष-बैडरूम का वास्तु

किसी भी भवन में शौचालय और स्नानघर अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है । इसको भी वास्तु सम्मत बनाना ही श्रेयकर है वरना वहाँ के निवासियों को जीवन भर अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहाँ पर शौचालय और स्नानघर के लिए बताये गए वास्तु नियम आपके लिए अवश्य ही लाभदायक होंगे ।

16. शौचालय-स्नानघर का वास्तु

घर का ड्रॉइंग रूम Drawing Room / स्वागत कक्ष Swagat kash आपके घर का बहुत महत्वपूर्ण कमरा होता है। घर के ड्राइंग रूम को अगर वास्तु के अनुसार रखा जाय तो पूरे परिवार को सकारात्मक ऊर्जा का लाभ मिलता है परिवार में सुख शांति और समृद्धि रहती है जानिए ड्रॉइंग रूम का वास्तु, Drawing Room ka vastu,स्वागत कक्ष का वास्तु, Swagat kash Ka vastu

17. ड्रॉइंग रूम का वास्तु

ऐसे घर में रहने वाले व्यक्ति को हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे घर में रहने पर धन की हानि, बीमारी, कर्ज का सामना करना पड़ता है और किसी की अकाल मृत्यु भी हो सकती है। कुछ खास बातें बता रहे है जिसका पालन करते हुए कोई भी अपने दक्षिण मुख वाले मकान को अपने लिए भाग्यशाली बना सकता है ।

18. दक्षिणमुखी भवन वास्तु

जिस भवन में केवल नैत्रत्य कोण यानि दक्षिणी पश्चिम दिशा में मार्ग होता है वह नैत्रत्यमुखी भवन कहलाते है । नैत्रत्य वास्तु की परिभाषा में सबसे निकृष्ट कहलाता है। इसे दुर्भाग्य अथवा नरक की दिशा भी कहते है । इस दिशा के भवन में बहुत ही ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

19. नैत्रत्यमुखी भवन का वास्तु

जिन भवनो के पश्चिम दिशा की तरफ मार्ग होता है वह पश्चिम दिशा के भूखण्ड कहे जाते है । ऐसे भूखण्ड का शुभ अशुभ प्रभाव उस भवन में रहने वाली संतान पर पड़ता है।  यहाँ पर हम आपको कुछ खास नियम बता रहे है जिसका पालन करते हुए कोई भी अपने पश्चिम मुख वाले भवन को अपने लिए बहुत ही शुभ बना सकता है।

20. पश्चिममुखी भवन का वास्तु

जिन भवनो के पश्चिम दिशा की तरफ मार्ग होता है वह पश्चिम दिशा के भूखण्ड कहे जाते है । ऐसे भूखण्ड का शुभ अशुभ प्रभाव उस भवन में रहने वाली संतान पर पड़ता है।  यहाँ पर हम आपको कुछ खास नियम बता रहे है जिसका पालन करते हुए कोई भी अपने पश्चिम मुख वाले भवन को अपने लिए बहुत ही शुभ बना सकता है।

21. वायव्यमुखी भवन का वास्तु

वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा के भवन / भूखण्ड बहुत ही उत्तम माने जाते है। ऐसे भवन जिनके उत्तर दिशा में मार्ग हो वह उत्तर मुखी भवन कहे जाते है । उत्तर दिशा का भवन में रहने वाली स्त्रियों और उस भवन में रहने वालो की आर्थिक स्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ता है । उत्तर मुखी भूखंड उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों, व्यवस्थापकों और सरकारी मुलाजिमों के लिए बेहतर होते हैं।

22. उत्तरमुखी भवन का वास्तु

रसोई घर में अगर वास्तु दोष ( Vastu dosh ) हो तो उसका सीधा असर भवन में रहने वाली स्त्रियों पर पड़ता है । जानिए, रसोई घर के वास्तु दोष के उपाय, Rasoi Ghar ke vastu dosh ke upay, किचिन के वास्तु दोष के उपाय, Kitchen ke vastu dosh ke upay

23. रसोई घर के वास्तु दोष के उपाय 

बहुत अधिक संखया में लोग फ्लैट्स में भी रहते हैं जो पूर्णतया वास्तु सम्मत नहीं होते है ऐसी स्थितियों में कुछ उपयोगी वास्तु टिप्स को अपनाकर वास्तु दोषों को काफी हद तक कम किया जा सकता है,
जानिए वास्तु टिप्स, Vastu Tips,वास्तु के उपाय, Vastu Ke Upay

24. वास्तु के अचूक उपाय 

हमारे ऋषि-मुनियों ने बिना किसी तोड़-फोड़ के इन दोषों को दूर करने के कुछ आसान से उपाय बताए हैं जिन्हें करके हम निश्चय ही अपने जीवन को और भी अधिक ऊँचाइयों पर ले जा सकते है ।

25. वास्तु दोष निवारण के उपाय 

जानिए भवन निर्माण के शुभ मुहूर्त, Bhawan Nirman ke shubh Muhuart, गृह निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त, Grah Nirman Ke Shubh Muhurat, गृह निर्माण के मुहूर्त, Grah Nirman Ke Muhurat

1 Comment

Leave a Comment