घरेलु नुस्खे

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार -Thyroid symptoms and home remedies in hindi

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार, thyroid in hindi – थायरायड की बीमारी ; आज कल की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में ये समस्या आम सी हो गयी हैं, और अलोपथी में इसका कोई इलाज भी नहीं हैं, बस जीवन भर दवाई लेते रहो, और आराम कोई नहीं। hyper Thyroid, hypo thyroid

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थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार

थायराइड की बीमारी क्या होती है –  Thyroid in hindi- थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थायरायड ग्रंथि गर्दन में श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है।

  • यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है।thyroid ग्रंथि तितली के आकार की होती है जो गले में पाई जाती है।
  • यह ग्रंथि उर्जा और पाचन की मुख्य ग्रंथि है। यह एक तरह के मास्टर लीवर की तरह है जो ऐसे जीन्स का स्राव करती है जिससे कोशिकाएं अपना कार्य ठीक प्रकार से करती हैं।
  • इस ग्रंथि के सही तरीके से काम न कर पाने के कारण कई तरह की समस्‍यायें होती हैं।

इस लेख में विस्‍तार से जानें thyroid फंक्‍शन और इसके उपचार के बारे में। गर्भावस्था परीक्षण और प्रेगनेंसी टेस्ट कब, कैसे करें

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार – Thyroid symptoms and home remedies

थायराइड टेस्ट  thyroid को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

  • यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो भोजन हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है।
  • इसके अलावा यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है।

थायराइड के लक्षण – Symptoms of thyroid

Symptoms of thyroid in hindi – आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है।आखिर क्या कारण हो सकते है जिनसे थायराइड होता है।

Common Symptoms Of Thyroid in hindi

  • थायरायडिस- यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि (घेंघा) है, जिसमें थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
  • इसोफ्लावोन गहन सोया प्रोटीन, कैप्सूल, और पाउडर के रूप में सोया उत्पादों का जरूरत से ज्यादा प्रयोग भी थायराइड होने के कारण हो सकते है।
  • कई बार कुछ दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव भी थायराइड की वजह होते हैं।
  • थायराइट की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है क्यों कि यह थायरायड ग्रंथि हार्मोन को उत्पादन करने के संकेत नहीं दे पाती।
  • भोजन में आयोडीन की कमी या ज्यादा इस्तेमाल भी थायराइड की समस्या पैदा करता है।
  • सिर, गर्दन और चेस्ट की विकिरण थैरेपी के कारण या टोंसिल्स, लिम्फ नोड्स, थाइमस ग्रंथि की समस्या या मुंहासे के लिए विकिरण उपचार के कारण।
  • जब तनाव का स्तर बढ़ता है तो इसका सबसे ज्यादा असर हमारी थायरायड ग्रंथि पर पड़ता है। यह ग्रंथि हार्मोन के स्राव को बढ़ा देती है।
  • यदि आप के परिवार में किसी को थायराइड की समस्या है तो आपको थायराइड होने की संभावना ज्यादा रहती है। यह थायराइड का सबसे अहम कारण है।
  • ग्रेव्स रोग थायराइड का सबसे बड़ा कारण है। इसमें थायरायड ग्रंथि से थायरायड हार्मोन का स्राव बहुत अधिक बढ़ जाता है। ग्रेव्स रोग ज्यादातर 20 और 40 की उम्र के बीच की महिलाओं को प्रभावित करता है, क्योंकि ग्रेव्स रोग आनुवंशिक कारकों से संबंधित वंशानुगत विकार है, इसलिए थाइराइड रोग एक ही परिवार में कई लोगों को प्रभावित कर सकता है।
  • थायराइड का अगला कारण है गर्भावस्था, जिसमें प्रसवोत्तर अवधि भी शामिल है। गर्भावस्था एक स्त्री के जीवन में ऐसा समय होता है जब उसके पूरे शरीर में बड़े पैमाने पर परिवर्तन होता है, और वह तनाव ग्रस्त रहती है।
  • रजोनिवृत्ति भी थायराइड का कारण है क्योंकि रजोनिवृत्ति के समय एक महिला में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते है। जो कई बार थायराइड की वजह बनती है। प्रेग्नेंसी में शुगर होना

थायराइड के लक्षण क्या है – What is the symptoms of Thyroid in hindi

थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या

थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता। शरीर के वजन पर भी असर पड़ता है।

थाइराइड होने पर हाथ-पैर ठंडे रहना

थाइराइड होने पर आदमी के हाथ पैर हमेशा ठंडे रहते है। मानव शरीर का तापमान सामान्य यानी 98.4 डिग्री फॉरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन फिर भी उसका शरीर और हाथ-पैर ठंडे रहते हैं।

प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना- थाइराइड होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के चलते उसे कई बीमारियां लगी रहती हैं।

थाइराइड की समस्या से थकान

थाइराइड की समस्या से ग्रस्त आदमी को जल्द थकान होने लगती है। उसका शरीर सुस्त रहता है। वह आलसी हो जाता है और शरीर की ऊर्जा समाप्त होने लगती है।

थाइराइड से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा का सूखना या ड्राई होना

थाइराइड से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा सूखने लगती है। त्वचा में रूखापन आ जाता है। त्वचा के ऊपरी हिस्से के सेल्स की क्षति होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है।

थाइराइड होने पर जुकाम होना

थाइराइड होने पर आदमी को जुकाम होने लगता है। यह नार्मल जुकाम से अलग होता है और ठीक नहीं होता है।

थाइराइड की समस्या होने पर डिप्रेशन

थाइराइड की समस्या होने पर आदमी हमेशा डिप्रेशन में रहने लगता है। उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता है, दिमाग की सोचने और समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। याद्दाश्त भी कमजोर हो जाती है।

थाइराइड होने पर बाल झड़ना

थाइराइड होने पर आदमी के बाल झड़ने लगते हैं तथा गंजापन होने लगता है। साथ ही साथ उसके भौहों के बाल भी झड़ने लगते है।

  1. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  2. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और साथ ही साथ कमजोरी का होना भी थायराइड की समस्या के लक्षण हो सकते है।
  3. शारीरिक व मानसिक विकास
  4. थाइराइड की समस्या होने पर शारीरिक व मानसिक विकास धीमा हो जाता है।
  5. अगर आपको ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दे तो अपने डाक्टर से संपर्क करें आपको थाइराइड समस्या हो सकती है।

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार – thyroid home remedies in hindi

सुबह खाली पेट लौकी का जूस पिए, घर में ही गेंहू के जवारों का जूस निकाल कर पिए, इसके बाद एक गिलास पानी में हर रोज़ 30 मिली एलो वेरा जूस और 2 बूँद तुलसी की डाल कर पिए, एलो वेरा जूस आपको किसी बढ़िया कंपनी का यूज़ करना होगा, जिसमे फाइबर ज़्यादा हो, सिर्फ कोरा पानी ना हो। बाजार से आज कल पांच तुलसी बहुत आ रही हैं, किसी बढ़िया कंपनी की आर्गेनिक पांच तुलसी ले। ये सब करने के आधे घंटे तक कुछ भी न खाए पिए, इस समय में आप प्राणायाम करे।

थायराइड के घरेलू उपचार

  • लौकी का जूस – लौकी का रस इस बीमारी के इलाज में बहुत लाभदायक है। डेली इस जूस को पीने से थाइरोइड नार्मल होने लगता है।
  • लाल प्याज से मालिश – लाल प्याज के दो भाग करके सोने से पहले यानी रात को थायराइड ग्रंथि (आगे गले के बीच का भाग )के आस पास मसाज करे। ध्यान रहे गर्दन पर प्याज का रस न लगाए। सिर्फ मसाज करे।
  • काली मिर्च – थायराइड के उपचार में काली मिर्च काफी फयदेमंद है। किसी भी रूप में काली मिर्च का सेवन कर के लाभ उठा सकते है।
  • अश्वगंधा – रात को सोते समय एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को गाय के गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से इस बीमारी की रोकथाम होती है।
  • बादाम और अखरोट – बादाम और अखरोट में सेलीनीयम तत्व पाया जाता है। जो थायराइड के इलाज में लाभ करता है। इसके सेवन से गले की सूजन में भी आराम मिलता है। हाइपोथायराइड में ये उपाय बहुत ज्यादा फायदा करता है।
  • हरी धनिया की चटनी – थायराइड के घरेलु उपचार के लिए हरी धनिया पीस कर चटनी बना ले और एक गिलास पानी में एक 1 चम्मच चटनी मिलाकर कर पिए। हमेशा यह उपाय के लिए ताजी चटनी बना कर ही सेवन करे। ऐसा धनिया ले जिसकी सुगंध अच्छी हो। इस देसी नुस्खे को रोजाना सही तरीके से करने पर थायराइड कंट्रोल रहता है।
  • तुलसी और एलोवेरा – आधा चम्मच एलोवेरा जूस में दो चम्मच तुलसी के रस को मिला कर पिने से इस बीमारी से छुटकारा पाने का आसान उपाय है।
  • हल्दी वाला दूध – हल्दी वाला दूध पिने से इस रोग को कण्ट्रोल करने में काफी फायदा होता है। हल्दी को दूध में पका कर हल्दी वाले दूध का सेवन रोजाना करे। यदि ऐसा करना संभव न हो तो दिन में दो बार आधा चम्मच जल्दी पिसा हल्दी पाउडर को मिला कर पिया जा सकता है।
  • बाबा रामदेव की मेडिसिन – थायराइड से छुटकारा पाने के लिए अगर आप बाबा रामदेव की बताई आयुर्वेदिक दवा लेना चाहते है तो दिव्या कांचनार गुग्गुलु ले। किसी भी पतंजलि स्टोर से यह आयुर्वेदिक दवा मिल जाएगी।
  • योग –  रोजाना आधा घंटा योग करे, यह थाइरोइड बढ़ने नही देता है और कंट्रोल में भी रहता है।

अखरोट और बादाम फायदेमंद :- थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार – अखरोट और बादाम में सेलेनियम नामक तत्‍व पाया जाता है जो थॉयराइड की समस्‍या के उपचार में फायदेमंद है। 1 आंउस अखरोट में 5 माइक्रोग्राम सेलेनियम होता है। अखरोट और बादाम के सेवन से थॉयराइड के कारण गले में होने वाली सूजन को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। अखरोट और बादाम सबसे अधिक फायदा हाइपोथॉयराइडिज्‍म (थॉयराइड ग्रंथि का कम एक्टिव होना) में करता है।

  • इसके साथ में रात को सोते समय गाय के गर्म दूध के साथ 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करे।
  • इसके साथ प्राणायाम करना हैं, जिसे उज्जायी प्राणायाम बोलते हैं।
  • इस प्राणायाम में गले को संकुचित करते हुए पुरे ज़ोर से ऊपर से श्वांस खींचनी हैं।

थायराइड के लिए योगासन

ये प्रयोग नियमित करना हैं। इस प्राणायाम का लिंक नीचे दिया गया हैं। baba ramdev thyroid treatment from yoga video

थायराइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

थायराइड में सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक

आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.

थायराइड में काली मिर्च

थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है. और जो भाई बहने ये प्रयोग करे वह अपना जवाब और इस प्रयोग के नतीजे हमसे ज़रूर शेयर करे।

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