घरेलु नुस्खे

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार, thyroid disease treatment in hindi.

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार |Thyroid Disease Treatment In Hindi

[two_fifth][/two_fifth][three_fifth_last]थायरॉयड ग्रंथि, या सिर्फ थायराइड, गर्दन में अंतःस्रावी ग्रंथि है, जिसमें एक आयथमस से जुड़े दो भाग होते हैं। यह एडम के सेब के नीचे, गर्दन के मोर्चे पर पाया जाता है थायरॉइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन को गुप्त करता है, जो मुख्यतः चयापचय दर और प्रोटीन संश्लेषण को प्रभावित करता है। हार्मोन में विकास पर उन सहित कई अन्य प्रभाव भी होते हैं। थायराइड हार्मोन ट्राइयोडेथोरोनिनिन (टी 3) और थेरेओक्सिन (टी 4) आयोडीन और टाइरोसिन से बनते हैं। थायरॉयड हार्मोन कैल्सीटोनिन भी पैदा करता है, जो कैल्शियम होमोस्टेसिस में भूमिका निभाता है। English..[/three_fifth_last]
[toggle title=”थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार:” state=”open”]हाइपोथायरायडिज्म का रोग अधिकतर महिलायो में पाई जाती है। जिससे कि उनका मेटाबोलिज्म औसत से काफ़ी कम हो जाता है। आयुर्वेदीय चिकित्सा पद्वति से इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है। थाइरॉयड ग्रंथि का काम मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया को नियंत्रित करना होता है। जो भी भोजन शरीर ग्रहण करता है। उसको ऊर्जा में बदलने में थाइरोइड ग्रन्थि का बहुत बड़ा योगदान होता है। जिसे थाइरोइड ग्रंथि से होने वाले हॉर्मोन से संतुलित किया जाता है।[/toggle]
[toggle title=”क्या है थायराइड” state=”open”]थायराइड हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ये एक छोटी सी ग्रंथि होती है। जो गले के बीच में होती है। यह ग्रंथि शरीर में हॉर्मोन का निर्माण करती है। और शरीर को स्वस्थ रखती है और ये मेटाबोलिज्म को नियंत्रित भी रखती है। इस ग्रंथि के अधिक सक्रिय या कम सक्रिय होने पर थाइराइड से सम्बंधित परेशानिया होने लगती है।[/toggle][toggle title=”थायराइड के प्रकार” state=”open”]

  • हाइपो-थायराइ Hypo-Thyroid
  • हाइपर-थाइरोइड Hyper-Thyroid

[/toggle][toggle title=”हाइपो थायराइड (Hypo-Thyroid )” state=”open”]जब Thyroid ग्रंथि बहुत धीर धीरे काम करती है यानी थायराइड ग्रंथि से हार्मोस का स्राव बहुत कम होता है तो थाइरोइड ग्रंथि असक्रिय हो जाती है जिससे शरीर में हॉर्मोन का स्राव व संतुलन बिगड़ जाता है। इसमे जरूरी T3 और T4 होरमोन का संतुलन बिगड़ जाता है।[/toggle][toggle title=”हाइपो थायराइड होने पर निम्नलिखित लक्षण देखे जाते है।” state=”open”]

  • शरीर का वजन बढ़ने लगता है।
  • शरीर में अधिक ठण्ड महसूस होती है
  • शरीर में आलस होने लगती है। यानी किसी भी काम में नहीं लगता।
  • पेट में अक्सर कब्ज व गैस की समस्या होने लगती है।

[/toggle][toggle title=”हाइपर थायराइड (Hyper-Thyroid)” state=”open”]जब थायराइड ग्रंथि काफी तेजी से ज्यादा कार्य करने लगती है जिससे थाइरोइड ग्रंथि से अधिक मात्रा में हार्मोन निकल कर शरीर में व खून में मिलने लग जाता है तो ये स्थिति Hyper-Thyroid कहलाती है।[/toggle][toggle title=”हाइपर थायराइड होने पर निम्नलिखित लक्षण देखे जाते है।” state=”open”]भूख का बढ़ जाना।

  • शरीर की मास्पेशियो का कमजोर होना।
  • व्यक्ति निराश रहने लगता है।
  • नींद नहीं आने की समस्या होने लगती है।

[/toggle]pituitary ग्रंथि और थाइरोइड ग्रंथिया एक साथ क्रिया करती है। जिससे शरीर तापमान को नियंत्रित कर सके। थाइरोइड ग्लैंड के असामान्य रूप से कार्य करने पर या कार्य न कर पाने पर व्यक्ति को ठण्ड का अनुभव होता है। और शरीर ठंडा होने लगता है। पिच्युट्री ग्रंथी TSH अधिक मात्रा में उत्पन्न होने लगता है। सामान्य व्यक्ति के शरीर में Thyroid ग्रंथिया T4 हार्मोन का स्राव करके शरीर का तापमान सामान्य कर देती है जो मौसम के अनुसार शरीर का तापमान ठंडा और गरम रखती है! ठण्ड अधिक होने पर TSH अधिक और गर्मी अधिक होने पर TSH घट जाता है।
थायराइड उपचार के लिए प्राणायाम और योगासन
उज्जयी आसन जरूर करे, कम से कम रोजाना 1 बार अवश्य करें से लाभ हो सकता है। लम्बे समय तक करने से इससे अद्भुत लाभ होते देखे गए है। उज्जायी आसन से थाइरोइड पूरी तरह जड़ से ख़तम हो सकता है। इसे आप नियमित रूप से जीवन का हिस्सा बना ले। इसे कभी भी किया जा सकता है और किसी भी उम्र के लोग व बच्चे कर सकते है। इससे थाइरोइड की समस्या को 1 से 5 सप्ताह में पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
[toggle title=”थायराइड के घरेलु उपचार” state=”open”]
गेहूं ज्वार रस: गेहूं ज्वार को घर पर गमले में उगया जा सकता है। गेहूं और ज्यार की कोमल पत्तों का रस सुबह शाम पीने से इस समस्या से जल्दी छुटकारा मिलता है। यह खास Thyroid Ayurvedic औषधि है।
प्याज मालिश: प्याज को बीच में से दो हिस्से में गोलाई में काट लें। फिर गले के दोनों हिस्सों में हल्का हल्का रगड़ें। यह मालिश रोज सुबह शाम करने से Thyroid Infection / सूजन दर्द ठीक करने में सक्षम है।
अदरक सेवन: अदरक खाने में इस्तेमाल करने से थायराइड जल्दी ठीक करने में सहायक है। अदरक सेवन थायराइड ग्रंथि को संकामण विकार से रोकने में सक्षम है। दाल, सब्जी, चाय, में इस्तेमाल करें। चाय कम मात्रा में पीयें।
मुलहटी चबाना: Thyroid Patient को मुलेठी को चबाकर रस सेवन करना फायदेमंद है। मुलहटी सेवन से थायराइड ग्रन्थि से दर्द सूजन और थायराइड को कैंसर से बचाने में सहायक है।
आयोडीन एंव रिच विटामिनस, मिनरलस: हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, सलाद में ककड़ी, टमाटर, खीरा, पुराने चावल, पापकॉर्न, ब्रेड, जई, मशरूम खाने से Thyroid कम करने में सक्षम है। सादे नमक से ज्यादा शुद्ध आयोडीन सेधा-काला नमक फायदेमंद है।
लौकी: थायराइड का रोग से छुटकारा पाने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट लौकी (Gourd) का जूस पिए। इसके बाद एक गिलास ताजे पानी में तुलसी की एक दो बून्द और कुछ मात्रा में एलोवेरा जूस डालकर पिए। अब आप आधे से एक घण्टे तक कुछ ना खाये पिए। रोजाना ऐसा करने से थायराइड की बीमारी जल्दी ठीक हो जायेगी।
विटामिन ए: थायराइड के मरीज को अपने भोजन में विटामिन ए (Vitamin A) की मात्रा बढा देनी चाहिए। विटामिन ए (Vitamin A) Thyroid को धीरे धीरे कम करता है। गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए (Vitamin A) अधिक मात्रा में पाया जाता है।
रस:  जूस पीना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। Thyroid के मरीज को रोजाना एक गिलास ताजा मौसमी फलो का जूस पीना चाहिए।
काली मिर्च: थायराइड को ठीक करना चाहते है, तो तुरंत काली मिर्च का सेवन शुरू करे। काली मिर्च का सेवन करने से थायराइड की बीमारी (Thyroid disease) ठीक हो जाती है। काली मिर्च का सेवन आप किसी भी प्रकार से कर सकते है।
हरा धनिया: हरे धनिये के इस्तेमाल से थायराइड को ठीक किया जा सकता है। ताजे हरे धनिये को बारीक़ पीसकर इसकी चटनी बना ले। अब इस चटनी को रोजाना एक गिलास पानी में घोलकर पिए। रोजाना पानी के साथ हरे धनिये की चटनी का सेवन करने से थायराइड धीरे धीरे कण्ट्रोल होने लगता है।
आयोडीन: थायराइड के मरीज को आयोडीन (Iodine) का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। आयोडीन (Iodine) प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है, प्याज, लहसुन, टमाटर जैसी आयोडीन (Iodine) युक्त चीजो का सेवन करे।
पानी: शरीर में कोई बीमारी हो या ना हो पानी का सेवन करना बहुत जरुरी है। पानी पीने से शरीर में मौजूद सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते है।
अश्वगंधा: थाइरॉयड के मरीज को रोजाना रात को सोने से पहले गाय के दूध में एक चम्मच अश्वगंधा (Ashwagandha) चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए।
नारियल पानी: नारियल पानी भी थाइरॉयड को कण्ट्रोल करने में सहायक है। रोजाना ना हो सके तो कम से कम एक दिन छोड़कर एक नारियल पानी जरूर पिए।
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[toggle title=”थाइरॉयड सूजन में सिकाई / Swelling Fomentation” state=”open”]गले में सूजन दर्द होने पर काला नमक की पोटली सूती कपड़े में बांध कर तवे पर गर्म कर थायराइड सूजन जगह पर सिकाई करने से तुरन्त आराम मिलता है। गर्म पानी को बोतल में भर कर गर्दन गले में सिकाई करना फायदेमंद है।[/toggle]

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