आयुर्वेदिक पौधे घरेलु नुस्खे

सरपोंखा के गुण, उपयोग फायदे और नुकसान – Sharpunkha Benefits and side effects in hindi

सरपोंखा के गुण, उपयोग फायदे और नुकसान - Sharpunkha Benefits and side effects in hindi

इसे शरपुंखा (संस्कृत), सरफोंका, सरपोंखा का पौधा (हिन्दी), बनतील (बंगला), उन्हाली (मराठी), शरपंखी (गुजराती), कमुविकवेलाई (तमिल), वेंपलि (तेलुगु) तथा टेफ्रीजिया पप्युरिया (लैटिन) कहते हैं।

सरपोंखा का पौधा 2-3 फुट ऊँचा, झाड़ीनुमा हर वर्ष उत्पन्न होता है। सरपोंखा के पत्ते 3-6 इंच लम्बे होते हैं, जिसमें कई (13-21) छोटे पत्रक रहते हैं। फूल लाल रंग के 3-6 इंच लम्बे डंठल पर लगते हैं। फली 1-2 इंच लम्बी तथा 6-10 बीजों से युक्त होती है।

लाल तथा सफेद रंग के फूलों के भेद से इसकी दो जातियाँ होती हैं।

यह समस्त भारत में, अधिकतर पथरीली भूमि में उत्पन्न होता है। सफेद जाति का पौधा कम प्राप्त होता है।

सरपोंखा का रासायनिक संघटन : Chemical composition of Tephrosia purpurea in hindi

सरपोंखा का रासायनिक संघटन : Chemical composition of Tephrosia purpurea

इसमें क्लोरोफिल, राल, मोम, क्वेर्सेटीन के समान एक पदार्थ, गोंद, कुछ एल्ब्यूमिन, रंजक-द्रव्य, एश (भस्म) 6 प्रतिशत होते हैं।

सरपोंखा के औषधीय गुण : Properties of Sharpunkha in hindi

यह स्वाद में कड़वा, कसैला, पचने पर कटु तथा हल्का, रूखा, तीक्ष्ण और गर्म होता है। इसका मुख्य प्रभाव पाचन-संस्थान पर यकृत प्लीहा रोगहर रूप में पड़ता है। यह शोथहर, चर्मरोगहर, कीटाणुहर, घाव भरनेवाला, रक्तशोधक, कफ-निःसारक, मूत्रजनक, गर्भाशय-उत्तेजक, रसायन, ज्वरहर, अग्निदीपक तथा विषहर है।

सरपोंखा के उपयोग – Benefits and Uses of Sharpunkha in hindi

सरपोंखा के उपयोग - Benefits and Uses of Sharpunkha in hindi

गुल्मरोग :

शरपुंखा का मूल, हरड़ और सेंधानमक समान लेकर 3 माशा चूर्ण खाने से गुल्मरोग एवं उदर-शूल दूर होता है।

प्लीहा : Spleen

सरपोंखा की जड़ को मट्ठे के साथ पीसकर लेने से तिल्ली कितनी भी बढ़ गयी हो, निश्चित ठीक होती है।

 दन्तरोग : Dental disease

इसकी जड़ से नित्यप्रति दातुन करने पर दाँतों का कोई रोग नहीं होता।

शस्त्रक्षत : Cut off from any weapon

किसी शस्त्र से कट जाने पर शरपुंखा के मूल को दाँतों से चबाकर बाँध देने से रक्त बन्द हो जाता है।

मूषक-विष : Mouse poison

चूहे के काटने पर शरपुंखा के बीजों को मट्ठे में पीसकर दें।

चेहरे के दाग : Facial scars

सरपोंखा के बीजों का लेप चेहरे के दाग पर लगाने से दाग चले जाते हैं।

त्वचा की समस्या : Skin problem

सरफोंका के पत्तियों के रस के सेवन से खून साफ़ होता है और सभी प्रकार के स्किन प्रॉब्लम दूर हो जाते हैं।

स्तनों की गांठ : Breast lumps

सरपोंखा के जड़ को पानी के साथ पीसकर उसका लेप बनाकर स्तन पर लगाने से स्तन की गांठ ठीक हो जाती है।

दांत के कीड़े : tooth worms treatment in hindi

सरपोंखा के रस से दांत धोने पर दांतों के कीड़े मर जाते हैं और दर्द भी चला जाता है।

(शरपन्खा) दुष्प्रभाव/साइड-इफेक्ट्स – Sharpunkha side effects in hindi

निम्नलिखित उन संभावित दुष्प्रभावों की सूची है जो शरपन्खा से हो सकते हैं। यह व्यापक सूची नहीं है। ये दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा नहीं होते हैं। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको निम्नलिखित में से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, और यदि ये समाप्त नहीं होते हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

  • उल्टी
  • मतली
  • दस्त

यदि आपको किसी ऐसे दुष्प्रभाव का पता चलता है जो ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है तो चिकित्सीय सलाह के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

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Last updated on December 5, 2018 3:55 pm

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