Jyotish

जानें अंग का फड़कना शकुन और अपशकुन

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फड़कना शकुन और अपशकुन – ज्योतिष के एक ग्रन्थ समुद्र शास्त्र में शरीर के अंगों के फड़कने के अर्थों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। समुद्र शास्त्र के अनुसार इंसान का शरीर बेहद संवेदनशील होता है और उसके पास ऐसी ताकत है जो होने वाली घटना को पहले ही भांप ले। हो सकता है आपको यकीन ना हो लेकिन समुद्र शास्त्र की सहायता से आप इंसान के फड़कते हुए अंगों को जानकर उसके साथ भविष्य में होने वाली घटना को जान सकते हैं। ज्योतिष विज्ञान या ज्योतिष शास्त्र के द्वारा मनुष्य भूत, वर्तमान और भविष्य में घटित होने वाली घटना को को बहुत ही सरलता से जान सकता है। भारतीय ज्योतिष में एक ग्रन्थ जिसे समुद्र शास्त्र में बहुत से ऐसे संकेतो का अर्थ सहित वर्णन है। जिनको जानकार कर आने वाले समय का अनुमान लगाया जा सकता है। यहाँ शरीर के अंगो का फड़कना

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भी कई आगे की घटना का एक संकेत है। जानिये शरीर के विभिन्न अंग के फड़कने का क्या अर्थ यानी मतलब होता है।

आँख फड़कने का वैज्ञानिक कारण क्या है ?

पलक फड़कना एक आम लक्षण है. इसमें आँख के आसपास की मांसपेशियां अपने आप संकुचित होती हैं जिससे उलझन तो बहुत होती है लेकिन नुक़सान कोई नहीं होता और थोड़ी बहुत देर में ये अपने आप बंद भी हो जाता है. इसका क्या कारण है ये कहना मुश्किल है लेकिन आंखों के विशेषज्ञ ये मानते हैं कि इसका संबंध थकान से होता है. नींद की कमी, कैफ़ीन का ज़्यादा प्रयोग, कम रोशनी में काम करना या देर तक कम्प्यूटर पर काम करना इसके कुछ कारण हो सकते हैं. आँख फड़कने का मतलब ये है कि आपकी मांसपेशियां थक गई हैं उन्हें आराम देने की ज़रूरत है. इसके अलावा आँख के आसपास की मांसपेशियों की हल्की मालिश, गर्म या ठंडी पट्टी लगाना, आंखों को गुनगुने पानी से धोना आदि कुछ उपाय हैं जिन्हें आप कर सकते हैं.

आँख फड़कने का ज्योतिषीय कारण क्या हैं ?

अंग फड़कना आँख – अंग स्फुरण का फल

  • दाहिनी आंख व भौंह फड़के तो समस्त अभिलाषा पूर्ण होती है।
  • बांई आंखभौंह फड़के तो शुभ समाचार मिलता है।
  • दायीं आँख ऊपर की ओर के फलक में फडकती है तो धन कीर्ति आदि की वृद्धि होती है। नौकरी में पदोन्नति होती है नीचे का फलक फडकता है तो अशुभ होने की संभवना रहती है।
  • बाँयी आँख का उपरी फलक फडकता है तो दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है.
  • नीचे का फलक फडकता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और अपमानित होना पड सकता है।
  • बाँयी आँख की नाक की ओर का कोना फडकता है जिसका फल शुभ होता है. पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।
  • दांयी आँख फडकती है तो यह शुभ फलदायक होता है. लेकिन अगर किसी स्त्री की दांयी आँख फडकती है तो उसे अशुभ माना जाता है।
    दोनों आँखे एक साथ फडकती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुडे हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।
  • दांयी आँख पीछे की ओर फडकती है तो इसका फल अशुभ होता है।
  • बाँयी आँख ऊपर की और फडकती हो तो इसका फल शुभ होता है. स्त्री की बाँयी आँख फडकती हो तो शुभ फल होता है।
  • दोनों गाल यदि फड़के तो अतुल धन की प्राप्ति होती है।
  • यदि होंठ फडफ़ड़ाएं तो हितैषी का आगमन होता है।
  • मुंह का फड़कना पुत्र की ओर से शुभ समाचार का सूचक होता है।
  • यदि लगातार दाहिनी पलक फडफ़ड़ाए तो शारीरिक कष्ट होता है।

स्त्रियों का अंग फड़कना

स्त्रियों के बाएं अंगों का तथा पुरुषों के दक्षिणांगों (दाएं) का फड़कना शुभ माना गया है।  जो भाग दाएं-बाएं में योग्य विभाजित किए जा सकते हैं उनके फल को भी तदनुसार ही समझना चाहिए। जिन भागों में योग्य विभाजन संभव नहीं है उनके फलित स्त्री पुरुष दोनों में समान होंगे।

अंग फड़कने का विचार

भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय द्वारा रचित अंग शास्त्र जो सामुद्रिक शास्त्र के नाम से भी जानी जाती है में अंगों के फड़कने के कई राज़ बताए गए हैं। सभी अंगों के फड़कने पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है अंग शास्‍त्र की मानें तो मनुष्‍य के शरीर के अंगों का फड़कना बेहद विशेष होता है। मत्स्य पुराण के अनुसार, “पुरुषों के दाहिने (Right Side) अंगों का फड़कना शुभ और बाएं भाग (Left Side) का फड़कना अशुभ होता है। स्त्रियों के लिए यह विपरीत माना जाता है।” आइए जानें मानव शरीर के किस हिस्से के फड़कने से क्या संकेत मिलता है

3 Comments

    • होंठो का फड़कना किसी प्यारी चीज से मिलनें का संकेत माना जाता है. यदि होंठो के ऊपरी हिस्सा फड़क रहा है तो आपके शत्रुओं का नाश होता है . होंठो के निचले भाग का फड़कना किसी प्यारें दोस्त से मुलाकात हो सकती हैं.

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