Stories

नम्रता और मधुरता का जादू

DigitalOcean से क्लाउड होस्टिंग ख़रीदे | Simple, Powerful Cloud Hosting‎

Build faster DigitalOcean पर 2 महीने की मुफ्त होस्टिंग है।. Spin up an SSD cloud server in less than a minute. And enjoy simplified pricing. Click Signup

अब खोलें 100% मुफ़्त* डीमैट और ट्रेडिंग खाता! 0* एएमसी लाइफटाइम के लिए
मुफ्त डीमैट खाते के लिए साइनअप करें
ऑनलाइन अकाउंट खोले  

 प्रेरक प्रसंग : वाणी की मधुरता से सहज ही सभी को मित्र और कर्कश वाणी से दुश्मन बनाया जा सकता है। “वाणी में इतनी शक्ति होती है कि कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता और मीठा बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती है।” वास्तव में मीठी वाणी बोलना न सिर्फ अपने, बल्कि दूसरों के कानों को भी सुकून देता है। किसी ने सत्य ही कहा है,

जरूरी नहीं कि आप केवल मिठाई खिलाकर दूसरों का मुंह मीठा करें,
आप मीठा बोलकर भी लोगों का मुंह मीठा कर सकते हैं!

प्रेरक प्रसंग :  नम्रता और मधुरता का जादू –

एक समय की बात है, एक राजा था जिसने एक सपना देखा! जिसमे उससे एक परोपकारी साधू रहा था कि, बेटा, कल रात तुम्हें एक विषैला सांप काटेगा और उसके काटने तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी।(प्रेरक प्रसंग)
वह सर्प अमुक पेड के जड में रहता है, वह तुमसे पूर्व जन्म की शत्रुता का बदला लेना चाहता है। जब सुबह हुई। राजा सोकर उठा! और वह आत्मरक्षा के लिए क्या उपाय करना चाहिए? वह इसे लेकर विचार करने लगा। सोचते-सोचते राजा इस निर्णय पर पहुंचा कि मधुर व्यवहार से बढकर शत्रु को जीतने वाला और कोई हथियार इस पृथ्वी पर नहीं है। उसने सर्प के साथ मधुर व्यवहार करके उसका मन दल देनेे का निश्चय किया। शाम होते ही राजा ने उस पेड की जड से लेकर अपनी शैय्या तक फूलों का बिछौना विछवा दिया।
सुगंधित जल का छिडकाव करवाया, मीठे दूध के कटोरे जगह-जगह रखवा दिये और और सेवकों से कह दिया कि रात को जब सर्प निकले तो कोई उसे किसी प्रकार कष्ट पहुंचाने की कोशिश न करें। रात को सांप अपनी बांबी में से बाहर निकला और राजा के महल के तरफ चल दिया वह जैसे आगे बढता गया, अपने लिए की गई स्वागत व्यवस्था को देखकर आनदित होता गया। कोमल बिछौना पर लेटता हुआ मनभावनी सुगंध का रसास्वादन करता हुआ, जगह-जगह पर मीठा दूध पीता हुआ आगे बढता था।(प्रेरक प्रसंग)
इस तरह क्रोध के स्थान पर संतोष और प्रसन्नता के भाव उमसें बढने लगे। जैसे-जैसे वह आगे चलता गया, वैसे ही वैसे उसका क्रोध कम होता गया। राजमहल में जब वह प्रवेश करने लगा, तो देखा कि प्रहरी और द्वारपाल सशस्त्र खडे है, परन्तु  उसे जरा भी हानि पहुंचाने की चेष्टा नहीं कर रहे। यह असाधारण से लगने वाले दृश्य देखकर सांप के मन में स्नेह उमड आया। सदव्यवहार, नम्रता मधुरता के जादू ने उसे मंत्र मुुगध कर दिया था। कहां वह राजा को काटन चला था, परंतु अब उसके लिए अपना कार्य असंभव हो गया।
हानि पहुंचाने के लिए आने वाले शत्रु के साथ जिसका ऐसा मधुर व्यवहार है, उस धर्मात्मा राजा को कांटू तो किस तरह काटूं? इस प्रश्न के चलते वह दुविधा में पड गया।
उस धर्मात्मा राजा को कांटू तो किस तरह काटूं?
राजा के पलंग तक पहुंचाने तक सांप का निश्चय पूरी तरह से बदल गया। उधर समय से कुछ देर बाद सांप राजा के शयन-कक्ष में पहुंचा। सांप ने राजा से कहा, ‘राजन्!  मैं तुम्हें काटकर अपने पूर्व जन्म का बदला चुकाने आया था, परंतु तुम्हारे सौजन्य और सदव्यवहार ने मुझे परास्त कर दिया।
अब मैं तुम्हारा शत्रु नहीं, मित्र हूं। मित्रता के उपहार स्वरूप अपनी बहुमूल्य मणि मैं तुम्हें दे रहा हूं! लो इसे अपने पास रखो। इतना कहकर मणि राजा के सामने रखकर सांप चला गया।(प्रेरक प्रसंग)
यह महज कहानी नहीं, जीवन की सच्चाई है। अच्छा व्यवहार कठिन से कठिन कार्यो को सरल बनाने का माद्दा रखता है। यदि व्यक्ति का व्यवहार कुशल है, तो वह सब कुछ पा सकता है, जो पाने की वह हार्दिक इच्छा रखता है।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है, कि एक राजा ने किस प्रकार से अपने नम्रता और मधूर व सद्व्यवहार से अपने पर आने वाले मौत को टाल दिया।


पड़ोसी होने का फर्ज

एक सीख जिंदगी की ऐसी भी

ख़ुशी पाने की चाह Gladly want to get


लेटेस्ट अपडेट व लगातार नयी जानकारियों के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करे, आपका एक-एक लाइक व शेयर हमारे लिए बहुमूल्य है यह पोस्ट आपको कैसी लगी निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें बताएं, और अगर कोई सवाल पूछना हो या सुझाव देना हो तो आप अपना मेसेज निचे लिख दें . अगर आपको पोस्ट अच्छे लगी हो तो इसे शेयर और करना न भूले। आप हमसे  Facebook, +google, Instagram, twitter, Pinterest और पर भी जुड़ सकते है ताकि आपको नयी पोस्ट की जानकारी आसानी से मिल सके। हमारे Youtube channel को Subscribe जरूर करे।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

अब खोलें 100% मुफ़्त* डीमैट और ट्रेडिंग खाता! 0* एएमसी लाइफटाइम के लिए
मुफ्त डीमैट खाते के लिए साइनअप करें
ऑनलाइन अकाउंट खोले