इन पौधों की जड़ से बदल जाएगी आपकी किस्मत

ग्रहशान्ति का आसान तरीका पौधौं द्वारा ग्रह अनुसार वनस्पतियों की सूची निम्र प्रकार है-

  1. सूर्य – अर्क (आक)
  2. चन्द्र – पलाश (ढाक)
  3. मंगल – खादिर (खैर)
  4. बुध – अपामार्ग (लटजीरा)
  5. बृहस्पति – पिप्पल (पीपल)
  6. शुक्र – औड बर (गूलर)
  7. शनि – शमी (छयोकर)
  8. राहु – दूर्वा (दूब)
  9. केतु – कुश (कुश)

*ग्रह शांति के यज्ञीय कार्यों में सही पहचान के अभाव में अधिकतर लोगों को सही वनस्पति नहीं मिल पाती, इसलिए नवग्रह वृक्षों को धार्मिक स्थलों के पास रोपित करना चाहिए ताकि यज्ञ कार्य के लिए लोगों को शुद्ध सामग्री मिल सके। यही नहीं, यह विश्वास किया जाता है कि पूजा – अर्चना के लिए इन वृक्ष वनस्पतियों के संपर्क में आने पर भी ग्रहों के कुप्रभावों की शांति होती है अतः नवग्रह वनस्पतियों के रोपण की महत्ता और बढ़ जाती है।

इसी प्रकार ग्रहों से सम्बंधित वृक्ष इस प्रकार है ..

सूर्य – मंदार(आक) चंद्र – पलाश मंगल – खैर बुध – लटजीरा, आँधीझाड़ा(अपामार्ग) गुरु – पारस पीपल शुक्र – गूलर शनि – शमी राहु-केतु – दूब चन्दन *नवग्रह वाटिका में पौधे लगाते समय विभिन्न कोणों का भी ध्यान रखा गया है।

* *उत्तर दिशा में पीपल, ईशान कोण में लटजीरा, पूर्व में गूलर, आग्नेय कोण में ढाक व दक्षिण में खैर लगाया गया है।

ध्यान रखें की पीपल के वृक्ष का प्रयोग क्षय रोग व गर्भस्राव में, गूलर घावों को भरने व मूत्ररोगों में, खदिर त्वचा संबंधी रोगों में व पलाश पेट के कीड़ों को दूर करने में प्रयुक्त होता है।

अलग-अलग नौ ग्रहों के अनुसार नवग्रह वाटिका में अलग-अलग पेड़-पौधे लगाये जाते हैं जिसका ज्योतिषीय प्रभाव अलग-अलग होगा।वहीं संबंधित ग्रह के शमन के लिए लोग उससे संबंधित पेड़-पौधों का उपयोग व आनंद प्राप्त कर सकेंगे।।

इसमें सूर्य के लिए मंदार का पौधा लगाया जायेगा. वहीं चंद्रमा के लिए पलाश, मंगल के लिए खैर, बुद्ध के लिए चिरचिरी, वृहस्पति के लिए पीपल, शुक्र के लिए गुलड़, शनि के लिए शमी, राहु के लिए दुर्वा व केतु के लिए कुश लगाया जायेगा ।

 कुल 27 नक्षत्रों के लिए ज्योतिषीय शास्त्र के अनुसार अलग-अलग गुणवाले पेड़-पौधे लगाये जायेंगे।

इसमें

  • अश्विनी के लिए कोचिला
  • भरणी के लिए आंवला
  • कृतका के लिए गुल्लड़
  • रोहिणी के लिए जामुन
  • मृगशिरा के लिए खैर
  • आद्रा के लिए शीशम
  • पुनर्वसु के लिए बांस
  • पुष्य के लिए पीपल
  • अष के लिए नागकेसर
  • मघा के लिए बट
  • पूर्वा के लिए पलास
  • उत्तरा के लिए पाकड़
  • हस्त के लिए रीठा
  • चित्रा के लिए बेल
  • स्वाती के लिए अजरुन
  • विशाखा के लिए कटैया पौधे लगाये जायेंगे।
  • जबकि अनुराधा के लिए भालसरी
  • ज्योष्ठा के लिए चीर
  • मूल के लिए शाल
  • पूर्वाषाढ़ के लिए अशोक
  • उत्तराषाढ़ के लिए कटहल
  • श्रवण के लिए अकौन
  • धनिष्ठा के लिए शमी
  • शतभिषा के लिए कदम्ब
  • पूर्व भाद्र के लिए आम
  • उत्तरभाद्र के लिए नीम
  • रेवती नक्षत्र के लिए उपयुक्त फल देनेवाला महुआ पेड़ लगाया जायेगा।

 किस व्यक्ति को कौन-सा पौधा लगाना चाहिए

प्रकृति का भी ज्योतिष में अपना महत्व हैं। चाहे खान-पान हो या फूल और फल, हर वस्तु किसी न किसी तरह से ग्रहों से जुडी है और इस तरह हर मनुष्य प्रकृति की सेवा करके ग्रहों को सुधार सकता है। आइए हम जाने कि वृक्ष किस तरह ग्रहों से जुड़े हैं.

कुल नौ ग्रह ऐसे हैं जिन्हें अलग-अलग राशि का स्वामित्व प्राप्त है। हम ग्रहों के आधार पर जानेंगे कि किस व्यक्ति को कौन-सा पौधा लगाना चाहिए।

  • मेष या वृश्चिक राशिः यदि आपकी राशि मेष या वृश्चिक है तो मुख्य ग्रह मंगल होगा। अत: आपको अनार का पेड़ लगाना चाहिए और इसकी कमजोरी की स्थिति में अनार को खाना और दान करना चाहिए।
  • वृषभ या तुला राशिः यदि आपकी राशि वृषभ या तुला है तो शुक्र आपका मुख्य ग्रह है। अत: आपके लिए नारियल का पेड़ लगाना अच्छा होगा। इसके अलावा आम और पपीते के पेड़ लगाने से भी लाभ होगा।
  • कर्क राशिः यदि आपकी राशि कर्क है तो आपका मुख्य ग्रह चन्द्रमा है। ऐसी स्थिति में शरीफा और रसभरी या खिरनी के पेड़-पौधे लगाना चाहिए व इन्ही फलों का दान करना चाहिए।
  • सिंह राशिः यदि आपकी राशि सिंह है तो मुख्य ग्रह सूर्य है। अत: आपको मुख्य रूप से बेल का वृक्ष लगाना चाहिए और इसकी कमजोरी की स्थिति में बेल का फल दान करना चाहिए।
  • कन्या या मिथुन राशिः यदि आपकी राशि कन्या या मिथुन है तो आपका मुख्य ग्रह बुध होगा। ऐसी स्थिति में संतरा, नींबू और मौसंबी के पेड़ लगाने चाहिए व इसकी कमजोरी की अवस्था में इन्ही फलों का दान करना चाहिए।
  • धनु या मीन राशिः यदि आपकी राशि धनु या मीन है तो गुरु आपका मुख्य प्लेनेट है। ऐसे में केले का पेड़ लगाना, उसकी पूजा करना और केले का दान करना चाहिए। इसके अलावा बरगद का पेड़ भी लगा सकते है।
  • मकर या कुंभ राशिः यदि आपकी राशि मकर या कुंभ है तो शनि आपका मुख्य ग्रह है। ऐसे में पीपल और नीम का पेड़ अवश्य लगाए। काले अंगूर की बेल लगाना, चीकू के पेड़ लगाना भी लाभ दे सकता है।

विशेष : यदि मुख्य ग्रह अच्छी स्थिति में है तो पेड़ लगाकर इनके फलों का सेवन करें। मगर ग्रह पाप प्रभाव में होने पर इन फलों का दान करें, खाएँ नहीं। कुंडली में कोई ग्रह खराब फल दे रहा हो या अशुभ है तो, ज्योतिषी उस ग्रह के अनुसार रत्न पहनने की सलाह देते है लेकिन यदि किसी कारणवश आप रत्न खरीद नहीं कर सकते हैं तो, विकल्प के रूप मे आप उस ग्रह से संबंधित पेड़-पौधों की जड़ को पहन कर संबंधित ग्रह को अपने अनुकूल कर सकते है।

 किस ग्रह के लिए कौन सी जड़

1- सूर्य के लिए बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण करें.

2- चंद्र के लिए सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सोमवार को धारण करें.

3- मंगल के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में मंगलवार को धारण करें.

4- बुध के लिए दिन हरे वस्त्र के साथ विधारा (आंधीझाड़ा) की जड़ को हरे धागे में बुधवार को धारण करें.

5- गुरु के लिए केले की जड़ गुरुवार को वस्त्र के साथ पीले धागे में धारण करें.

6- शुक्र के लिए गुलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेट कर शुक्रवार को सफेद धागे के साथ धारण करें.

7-शनि के लिए शमी पेड़ की जड़ को शनिवार के दिन नीले वस्त्र में नीले धागे के साथ धारण करें.

8-राहु के लिए सफेद चंदन का टुकड़ा नीले धागे में बुधवार के दिन धारण करें.

9- केतु के लिए अश्वगंधा की जड़ नीले धागे में गुरुवार के दिन धारण करें।

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