Sarkari Yojana 2020

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड योजना, कैसे आप अपना राशन कार्ड बनवा सकते है।

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केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है अब वन नेशन वन राशन कार्ड योजना

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के तहत एक ही राशन कार्ड से पुरे भारत में कही भी किसी भी सरकारी राशन की दुकान से राशन ले पाएंगे। अगर आपके पास राशन कार्ड नहीं है। तो आपको बतायेगे कैसे आप अपना राशन कार्ड बनवा सकते है। दोस्तों वैसे तो केंद्र सरकार ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना पर तेजी से काम कर रही है. 1 जून से पूरे देश में इस योजना को लागू करने का प्लान है. फिलहाल देश के 12 राज्यों में इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2020 से ही हो गई है.

आपको बता दे , वन नेशन, वन राशन कार्ड मोदी सरकार की योजना है और यह जून 2020 से शुरू होने वाली है। इसके तहत देश में कहीं से भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन लिया जा सकेगा।

केंद्र सरकार ने अब देश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को सहूलियत देने और भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए “एक देश-एक राशन कार्ड योजना ” शुरु करने का फैसला लिया है। इससे PDS उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर मिलने वाले राशन को वह देश के किसी भी हिस्से में किसी भी राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकेगा।

दरअसल कोरोना संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना पर तुरंत अमल करने पर विचार करने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि इस योजना से गरीब और अप्रवासी मजदूरों को तत्काल मदद मिल पाएगी. एक तरह से कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना (ONORC) को तत्काल प्रभाव से लागू करने की कितनी संभावना है?

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड योजना

 

‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तहत पूरे देश में पीडीएस के लाभार्थियों को कहीं भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चलने वाली राशन की दुकानों से राशन मिलेगा. यानी किसी भी राज्य का राशन कार्ड धारक दूसरे किसी भी राज्य में भी कार्ड दिखाकर राशन ले सकेगा. मान लीजिये किसी का बिहार में राशन कार्ड बना हुआ है और वो दिल्ली में काम करता है तो वो बिहार के राशन कार्ड से दिल्ली में राशन ले सकेगा.

वन नेशन वन राशन कार्ड से क्या फयदा होगा

इस योजना के लागू हो जाने के बाद पूरे देश में एक ही तरह का राशन कार्ड होगा. लाभार्थी देश में कहीं भी EPOS उपकरण पर बॉयोमेट्रिक प्रमाणन करने के बाद अपने मौजूदा राशन कार्ड से राशन ले सकते हैं. लाभार्थियों को अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा, यही प्रमाण होगा. बॉयोमेट्रिक इस्तेमाल में आधार का इस्तेमाल होगा यानी आधार से लाभार्थियों की पहचान होगी.

राशन कार्ड 10 नंबर का होगा

 

केंद्र सरकार राज्यों को 10 अंकों का राशन कार्ड नंबर जारी करेगी. इस नंबर में पहले दो अंक राज्य कोड होंगे और अगले दो अंक राशन कार्ड नंबर होंगे. इसके अतिरिक्त राशन कार्ड नंबर के साथ एक और दो अंकों के सेट को जोड़ा जाएगा. इसे देश भर में लागू करने के लिए राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू होगी.

यह योजना 1 जनवरी 2020 से देश भर के 12 राज्यों में चालू है. ये राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा हैं.

पुराने राशन कार्ड का क्या होगा?

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘वन नेशन, वन राशन’ कार्ड योजना लागू होने के बाद भी पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. उसी को केवल नये नियम के आधार पर अपडेट कर दिया जाएगा, जिससे वो पूरे देश में मान्य हो जाएगा.

केंद्र सरकार का कहना है कि इस योजना का फायदा देश के करोड़ों लोगों को मिलेगा. खासतौर पर आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को इससे बहुत फायदा होगा. इस योजना के बाद एक बार राशन कार्ड बनवाने के बाद देश के किसी भी हिस्से में उस कार्ड की मदद से अनाज लिया जा सकेगा.

फर्जी राशन कार्ड पर लगेगी लगाम

इस योजना से सरकार को उम्मीद है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और फर्जी राशन कार्ड नहीं बन पाएगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देश में करीब 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दाम पर खाद्यान्न मुहैया करवाती है.

राशन कार्ड – यह एक प्रकार का प्रमाण पत्र होता है, जिसके तहत आने वाले नागरिकों को दाल , चावल इत्यादि खाद्य पदार्थों पर छूट देकर उन्हें वे चीजें सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाती है।

आपको बता दे पिछले कुछ सालों से राशन कार्ड को बहुत बड़े पैमाने पर आधार कार्ड से लिंक किया गया। यदि कोई परिवार काम की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य मैं जाता है। तो उसे कोई नया राशन कार्ड बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि उसका जो राशन कार्ड है, वह आधार कार्ड से पहले ही लिंक किया जा चुका है। कार्ड दिखाकर सब्सिडी प्राप्त कर सकता है। और खाद्य सामग्री को कम कम दाम पर खरीद सकता है ।

इस प्रकार इस योजना का फायदा सबसे ज्यादा Poor Migrant Workers को होगा । जो काम की तलाश में देख राज्य दूसरे राज्य जाते रहते हैं।

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