Astrology and Spirituality Tone Totke

कुछ अनुभूत टोटके, उपाय और मंत्र जो आपके जीवन की समस्यों से छुटकारा दिला सकती है।

नज़र अच्छी भी होती है और बुरी भी। लेकिन बुरी नज़र का परिणाम बहुत ही भयंकर और दुख देने वाला होता है। इस दुनिया में कई तरह के लोग है। और सबकी नज़र एक जैसी नहीं होती है। इसलिए तो कहा गया है।

भोजन, भजन और खज़ाना इन सबका अलग ठिकाना।
यानि भोजन, भजन और धन को हमेशा छुपाके रखना चाहिए।।

लेकिन, आज के युग में आदमी अपनी शान शौकत को दुनिया को दिखाना चाहता है।  लेकिन यही काम उसके परेशानी कारण बनती है। नज़र लगने पर बिना वजह की परेशानी, बीमारी, क्लेश, चिड़चिड़ापन, बनते काम बिगड़ना आदि। समस्या होती है। ऐसे में आमतौर पर यही कहा जाता है कि नजर लग गई है। नजर उतारने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं और माना जाता है कि इन्हें करने से बुरी नज़र का प्रभाव खत्म हो जाता है। जानें ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में…

शत्रु से छुटकारा पाने के लिए अचूक टोटका : शत्रु वशीकरण टोटके

38 साबूत काली उड़द की दाल के दाने और 40 दाने चावल के मिलाकर जमीन में गड्डा खोद कर गड्ढे में दबा दें। और ऊपर से एक निम्बू काट कर निचोड़ दें। जब नीबू निचोड़े उस समय शत्रु का नाम लेते रहें। इस टोटके से शत्रु का वशीकरण होगा और वह आपके खिलाफ कोई भी कदम नहीं उठाएगा।

शत्रु नाश टोटका : शत्रु नाशक उपाय : शत्रु को पीडित करने के उपाय

बिना कारण के परेशान करने वाले व्यक्ति से जल्दी छुटकारा पाने के लिए करे यह शत्रु नाशक उपाय :
यदि कोई व्यक्ति बिना किसी वजह से आपकों परेशान कर रहा हो। तो शौच क्रिया करते समय शौचालय में बैठे-बैठे वहीं के पानी से उस व्यक्ति का नाम लिखें। और बाहर निकलने से पहले जहां पानी से नाम लिखा था। उस स्थान पर अपने बाएं पैर से तीन बार ठोकर मारें। ध्यान रखे , यह उपाय किसी को बिना वजह हानि पहुंचाने के उद्देश्य से न करें, वरना आपको हानि हो सकती है।

नजर उतारने के प्राचीन उपाय : नजर दोष से बचाव : नज़र से बचने के उपाय

नमक, राई, राल, लहसुन, प्याज के सूखे छिलके व सूखी मिर्च जलती आग पर डालकर उस आग को रोगी के ऊपर सात बार घुमाने से बुरी नजर का दोष मिटता है।

नजर दोष और उनके उपाय

  1. शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर श्रद्धापुरवक हनुमान जी की पूजा आराधना करने के बाद उनके कंधे पर से सिंदूर लाकर नजर लगे हुए मनुष्य के माथे पर तिलक करने से बुरी नजर का नजर दोष कम होता है।
  2. खाना खाते समय यदि किसी व्यक्ति को नजर लग गयी है। तो नज़र उतारने के लिए इमली की तीन छोटी डालियों को लेकर आग में जलाए और नजर लगे व्यक्ति के माथे पर से सात बार घुमाकर पानी में बुझा दे। और उस पानी को रोगी को पिलाए इस क्रिया से नजर दोष दूर हो जाएगा है।
  3. कई बार ऐसा होता हैं। की भोजन में नजर लग जाती है। उस समय यह टोटका करे। तैयार भोजन में से थोड़ा-थोड़ा एक पत्ते पर लेकर उस पर गुलाल छिड़ककर रास्ते में रख दे। फिर बाद में सभी खाना खाएँ। नजर उतर जाएगी।
  4. जिस व्यक्ति नजर लगी हो उसको पान में गुलाब की सात पंखुड़ियाँ रखकर खिलाना चाहिए। जिसको नज़र लागि है वह अपने इष्ट देव का नाम लेकर पान खाए। बुरी नजर का असर समाप्त होकर नजर दोष दूर हो जाएगा।
  5. लाल मिर्च, अजवाइन और पीली सरसों को मिट्‍टी के एक छोटे बर्तन में आग लेकर जलाएँ। उसकी धूप नजर लगे बच्चे को दें। किसी भी प्रकार की नजर क्यों न हो इससे जरूर ठीक हो जाएगी।

ऊपरी बाधा निवारण : भूत प्रेत बाधा से उपचार का उपाय

  1. आप अपने नए मकान को बुरी नजर से बचाना चाहते हैं तो मुख्य दरवाजे की चौखट पर काले धागे से पीली कौड़ी बांधकर लटकाए इससे समस्त ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। और भूत प्रेत बाधा निवारण होता है।
  2. यदि आपने कोई नया वाहन खरीदा है। और आप इस बात से परेशान हैं। कि उसमे कुछ न कुछ रोज गड़बड़ी हो जाती है। यदि गड़बड़ी नहीं होती तो दुर्घटना में चोट-चपेट लग जाती है। और बेकार के खर्च से सारी अर्थ-व्यवस्था चौपट हो जाती है। अपने वाहन पर काले धागे से पीली कौड़ी बांधने से आप इस बुरी नजर से बच सकेंगे, यह उपाय करने से परेशानी से मुक्त हो जाएंगे ।
  3. यदि आपके घर पर रोज कोई न कोई आपदा या परेशानी आ रही है। आप इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं। कि कहीं किसी ने कुछ तंत्र मंत्र तो नहीं कर दिया। यदि आपको ऐसा अनुभव हो रहा हो तो यह उपाय जरूर करे। एक नारियल को काले कपड़े में सिलकर घर के बाहर लटका दें। समस्या से मुक्ति मिल जायेगी।
  4. मिर्च, राई व नमक को पीड़ित व्यक्ति के सिर से सात बार वार कर आग में जला दें। नज़र तभी लगती है। चंद्रमा जब राहु से पीड़ित होता है। मिर्च मंगल का, राई शनि का और नमक राहु का प्रतीक है। इन तीनों को आग (मंगल का प्रतीक) में डालने से नजर दोष दूर हो जाता है। यदि इन तीनों को जलाने पर तीखी गंध न आए तो नजर दोष समझना चाहिए। यदि आए तो अन्य उपाय करने चाहिए।

बच्चों की नजर उतारने के उपाय

  • यदि आपके बच्चे को नजर लग गई है और हर वक्त परेशान व बीमार रहता है। तो लाल साबुत मिर्च को बच्चे के ऊपर से तीन बार वार कर जलती आग में डालने से नजर उतर जाएगी और मिर्च का धचका भी नहीं लगेगा।
  • यदि कोई व्यक्ति बुरी नजर से परेशान है तो कि शनिवार के दिन कच्चा दूध उसके ऊपर से सात बार वारकर कुत्ते को पिला देने से बुरी नजर का प्रभाव ख़त्म हो जाता है।
  • अगर कोई भी व्यक्ति बुरी नजर से परेशान है। तो कि मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर उनके कन्धे से सिन्दुर लेकर नजर लगे व्यक्ति के माथे पर यह सोचकर तिलक कर दें। कि यह नजर दोष से मुक्त हो जाएगा।

दिमाग से चिन्ता हटाने का टोटका

अधिकतर पारिवारिक क्लेश या परेशानियों के कारणों से दिमाग बहुत ही उत्तेजना में आ जाता है। परिवार की किसी समस्या से या लेन देन से,अथवा किसी रिस्ते-नाते को लेकर दिमाग एक दम परेशान होने लगता है। ऐसा लगने लगता है। कि दिमाग फ़ट पडेगा,इसका एक अनुभूत टोटका है।

  1. कि जिस समय दिमाग में टेंसन हो एक लोटे में या जग में पानी लेकर उसके अन्दर चार लालमिर्च के बीज डालकर अपने ऊपर सात बार उतारा (उसारा) करने के बाद घर के बाहर सडक पर डाल दे। तुरंत आराम मिल जायेगा।
  2. यदि किसी बच्चे को बार-बार नजर लगती है। तो उसके गले में रीठे का एक फल, काले धागे में पिरो कर उसके गले में पहना दें।
  3. यदि आप नजर दोष से मुक्त होना चाहते हैं तो सूती कोरे कपड़े को सात बार वारकर सीधी टांग के नीचे से निकालकर आग में झोंक दें। यदि नजर होगी तो कपड़ा जल जाएगा व जलने की बदबू भी नहीं आएगी। यह प्रयोग बुधवार एवं शनिवार को ही किया जाता है।
  4. यदि कोई बच्चा नजर दोष से बीमार रहता है और उसका समस्त विकास रुक गया है तो फिटकरी एवं सरसों को बच्चे पर से सात बार वारकर चूल्हे पर झोंक देने से नजर उतर जाती है। यदि यह सुबह, दोपहर एवं सायं तीनों समय करें तो एक ही दिन में नजर दोष दूर हो जाता है।

मानसिक परेशानी दूर करने के लिए :

  • रोज़ हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें ! अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें !

घर से पराशक्तियों को हटाने का टोटका

  • एक कांच के गिलास में पानी में नमक मिलाकर घर के नैऋत्य के कोने में रख दीजिये,और उस बल्ब के पीछे लाल रंग का एक बल्व लगा दीजिये,जब भी पानी सूख जाये तो उस गिलास को फ़िर से साफ़ करने के बाद नमक मिलाकर पानी भर दीजिये।

व्यक्तिगत बाधा निवारण के लिए

  1. व्यक्तिगत बाधा के लिए एक मुट्ठी पिसा हुआ नमक लेकर शाम को अपने सिर के ऊपर से तीन बार उतार लें और उसे दरवाजे के बाहर फेंकें। ऐसा तीन दिन लगातार करें। यदि आराम न मिले तो नमक को सिर के ऊपर वार कर शौचालय में डालकर फ्लश चला दें। निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
  2. हमारी या हमारे परिवार के किसी भी सदस्य की ग्रह स्थिति थोड़ी सी भी अनुकूल होगी तो हमें निश्चय ही इन उपायों से भरपूर लाभ मिलेगा।

बनता काम बिगडता हो, लाभ न हो रहा हो या कोई भी परेशानी हो तो :

  1.  हर मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में बदाना (मीठी बूंदी) चढा कर उसी प्रशाद को मंदिर के बाहर गरीबों में बांट दें !
  2. व्यापार, विवाह या किसी भी कार्य के करने में बार-बार असफलता मिल रही हो तो यह टोटका करें- सरसों के तैल में सिके गेहूँ के आटे व पुराने गुड़ से तैयार सात पूये, सात मदार (आक) के पुष्प, सिंदूर, आटे से तैयार सरसों के तैल का रूई की बत्ती से जलता दीपक, पत्तल या अरण्डी के पत्ते पर रखकर शनिवार की रात्रि में किसी चौराहे पर रखें और कहें -“हे मेरे दुर्भाग्य तुझे यहीं छोड़े जा रहा हूँ कृपा करके मेरा पीछा ना करना। सामान रखकर पीछे मुड़कर न देखें।

रोग से छुटकारा  पाने के लिए | किसी रोग से ग्रसित होने पर :

  1. सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें ! अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें ! सेहत ठीक रहेगी !
  2. एक रुपये का सिक्का रात को सिरहाने में रख कर सोएं और सुबह उठकर उसे श्मशान के आसपास फेंक दें, रोग से मुक्ति मिल जाएगी।

लगातार बुखार आने पर

  • यदि किसी को लगातार बुखार आ रहा हो और कोई भी दवा असर न कर रही हो तो आक की जड लेकर उसे किसी कपडे में कस कर बांध लें ! फिर उस कपडे को रोगी के कान से बांध दें ! बुखार उतर जायगा !

 बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए :

  1. एक काला रेशमी डोरा लें ! “ऊं नमोः भगवते वासुदेवाय नमः” का जाप करते हुए उस डोरे में थोडी थोडी दूरी पर सात गांठें लगायें ! उस डोरे को बच्चे के गले या कमर में बांध दें !
  2. प्रत्येक मंगलवार को बच्चे के सिर पर से कच्चा दूध 11 बार वार कर किसी जंगली कुत्ते को शाम के समय पिला दें बच्चा दीर्घायु होगा !
  3. यदि किसी को टायफाईड हो गया हो तो उसे प्रतिदिन एक नारियल पानी पिलायें ! कुछ ही दिनों में आराम हो जायगा
  4. सिन्दूर लगे हनुमान जी की मूर्ति का सिन्दूर लेकर सीता जी के चरणों में लगाएँ। फिर माता सीता से एक श्वास में अपनी कामना निवेदित कर भक्ति पूर्वक प्रणाम कर वापस आ जाएँ। इस प्रकार कुछ दिन करने पर सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है।

रोगी को ठीक करने के लिए :- कृष्ण पक्ष में अमावस्या की रात को 12 बजे नहा-धोकर नीले रंग के वस्त्र ग्रहण करें। आसन पर नीला कपड़ा बिछाकर पूर्व की ओर मुख करके बैठे। इसके पश्चात चौमुखी दीपक (चार मुँह वाला जलाएँ। (निम्न सामग्री पहले से इकट्‍ठी करके रख लें) नीला कपड़ा सवा गज – 4 मीटर चौमुखी दिए 40 नग, मिट्‍टी की गड़वी 1 नग, सफेद कुशासन(कुश का आसन) 1 नग, बत्तियाँ 51 नग, छोटी इलायची 11 दाने, छुहारे (खारक) 5 नग, एक नीले कपड़े का रूमाल, दियासलाई, लौंग 11 दाने, तेल सरसों 1 किलो इत्र व शीशी गुलाब के फूल 5 नग, गेरू का टुकड़ा, 1 लडडू और लड्डू के टुकड़े 11 नग।
विधि – नीले कपड़े के चारों कोने में लड्‍डू, लौंग, इलायची एवं छुहारे बाँध लें, फिर‍ मिट्‍टी के बर्तन में पानी भरकर, गुलाब के फूल भी वहाँ रख लें। फिर नीचे लिखा मंत्र पढ़ें। मंत्र पढ़ते समय लोहे की चीज (दियासलाई) से अपने चारों ओर लकीर खींच लें।
मंत्र इस प्रकार है।

ऊँ अनुरागिनी मैथन प्रिये स्वाहा।
शुक्लपक्षे, जपे धावन्ताव दृश्यते जपेत्।।

यह मंत्र चालीस दिन लगातार पढ़ें, (सवा लाख बार) सुबह उठकर नदी के पानी में अपनी छाया को देखें। जब मंत्र संपूर्ण हो जाएँ तो सारी सामग्री (नीले कपड़े सहित) पानी में बहा दें।

  1. अब जिसको आप अपने वश में करना चाहते हैं अथवा जिस किसी रोगी का इलाज करना चाहते हैं, उसका नाम लेकर इस मंत्र को 1100 बार पढ़ें, बस आपका काम हो जाएगा।
  2. यदि घर के छोटे बच्चे पीड़ित हों, तो मोर पंख को पूरा जलाकर उसकी राख बना लें और उस राख से बच्चे को नियमित रूप से तिलक लगाएं तथा थोड़ी-सी राख चटा दें।
  3. यदि बीमारी का पता नहीं चल पा रहा हो और व्यक्ति स्वस्थ भी नहीं हो पा रहा हो, तो सात प्रकार के अनाज एक-एक मुट्ठी लेकर पानी में उबाल कर छान लें। छने व उबले अनाज (बाकले) में एक तोला सिंदूर की पुड़िया और ५० ग्राम तिल का तेल डाल कर कीकर (देसी बबूल) की जड़ में डालें या किसी भी रविवार को दोपहर 12 बजे भैरव स्थल पर चढ़ा दें।
  4. बदन दर्द हो, तो मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में सिक्का चढ़ाकर उसमें लगी सिंदूर का तिलक करें।
  5. पानी पीते समय यदि गिलास में पानी बच जाए, तो उसे अनादर के साथ फेंकें नहीं, गिलास में ही रहने दें। फेंकने से मानसिक अशांति होगी क्योंकि पानी चंद्रमा का कारक है।

 ससुराल में सुखी रहने के लिए :

  1. कन्या अपने हाथ से हल्दी की 7 साबुत गांठें, पीतल का एक टुकड़ा और थोड़ा-सा गुड़ ससुराल की तरफ फेंके, ससुराल में सुरक्षित और सुखी रहेगी।
  2. सवा पाव मेहंदी के तीन पैकेट (लगभग सौ ग्राम प्रति पैकेट) बनाएं और तीनों पैकेट लेकर काली मंदिर या शस्त्र धारण किए हुए किसी देवी की मूर्ति वाले मंदिर में जाएं। वहां दक्षिणा, पत्र, पुष्प, फल, मिठाई, सिंदूर तथा वस्त्र के साथ मेहंदी के उक्त तीनों पैकेट चढ़ा दें। फिर भगवती से कष्ट निवारण की प्रार्थना करें और एक फल तथा मेहंदी के दो पैकेट वापस लेकर कुछ धन के साथ किसी भिखारिन या अपने घर के आसपास सफाई करने वाली को दें। फिर उससे मेहंदी का एक पैकेट वापस ले लें और उसे घोलकर पीड़ित महिला के हाथों एवं पैरों में लगा दें। पीड़िता की पीड़ा मेहंदी के रंग उतरने के साथ-साथ धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।

पति-पत्नी के बीच वैमनस्यता को दूर करने हेतु :

रात को सोते समय पत्नी पति के तकिये में सिंदूर की एक पुड़िया और पति पत्नी के तकिये में कपूर की २ टिकियां रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर फेंक दें तथा कपूर को निकाल कर उस कमरे जला दें।

पति को वश में करने के लिए :पति को खुश करने के उपाय : पति वशीकरण टोटके

  •  यह प्रयोग शुक्ल में पक्ष करना चाहिए ! एक पान का पत्ता लें ! उस पर चंदन और केसर का पाऊडर मिला कर रखें ! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गा स्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें ! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगायें ! और फिर तिलक लगा कर पति के सामने जांय ! यदि पति वहां पर न हों तो उनकी फोटो के सामने जांय ! पान का पता रोज़ नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा न हो ! रोज़ प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें ! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर दें ! शीघ्र समस्या का समाधान होगा
  • शनिवार की रात्रि में 7 लौंग लेकर उस पर 21 बार जिस व्यक्ति को वश में करना हो उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार 7बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है।
  • अगर आपके पति किसी अन्य स्त्री पर आसक्त हैं और आप से लड़ाई-झगड़ा इत्यादि करते हैं। तो यह प्रयोग आपके लिए बहुत कारगर है, प्रत्येक रविवार को अपने घर तथा शयनकक्ष में गूगल की धूनी दें। धूनी करने से पहले उस स्त्री का नाम लें और यह कामना करें कि आपके पति उसके चक्कर से शीघ्र ही छूट जाएं। श्रद्धा-विश्वास के साथ करने से निश्चिय ही आपको लाभ मिलेगा।

शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर अपने पूजन स्थल पर आएं। एक थाली में केसर से स्वस्तिक बनाकर गंगाजल से धुला हुआ मोती शंख स्थापित करें और गंध, अक्षत पुष्पादि से इसका पूजन करें। पूजन के समय गोघृत का दीपक जलाएं और निम्नलिखित मंत्र का 1 माला जप स्फटिक की माला पर करें। श्रद्धा-विश्वास पूर्वक 1 महीने जप करने से किसी भी व्यक्ति विशेष का मोहन-वशीकरण एवं आकर्षण होता है। जिस व्यक्ति का नाम, ध्यान करते हुए जप किया जाए वह व्यक्ति साधक का हर प्रकार से मंगल करता है। यह प्रयोग निश्चय ही कारगर सिद्ध होता है।

मंत्र : ऊँ क्रीं वांछितं मे वशमानय स्वाहा।”

  • जिन स्त्रियों के पति किसी अन्य स्त्री के मोहजाल में फंस गये हों या आपस में प्रेम नहीं रखते हों, लड़ाई-झगड़ा करते हों तो इस टोटके द्वारा पति को अनुकूल बनाया जा सकता है।
  • गुरुवार अथवा शुक्रवार की रात्रि में 12 बजे पति की चोटी (शिखा) के कुछ बाल काट लें और उसे किसी ऐसे स्थान पर रख दें जहां आपके पति की नजर न पड़े। ऐसा करने से आपके पति की बुद्धि का सुधार होगा और वह आपकी बात मानने लगेंगे। कुछ दिन बाद इन बालों को जलाकर अपने पैरों से कुचलकर बाहर फेंक दें। मासिक धर्म के समय करने से अधिक कारगर सिद्ध होगा।

पति पत्नी में कलेश दूर करने के लिए : गृह शांति के आसान उपाय

  •  श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे |
  • सोते समय पूर्व की और सिरहाना होना चाहिए |
  • चींटियों को शक्कर डालना चाहिए |

भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिख कर तथा ” हं हनुमंते नमः ” का 21 बार उच्चारण करे उसे शहद में अच्छी तरह से बंद कर के घर के किसी कोने में रख दे जहाँ पर किसी की दृष्टि न पढ़े |धीरे धीरे कलहपूर्ण वातावरण दूर होगा |
कुछ परिवारों में सब कुछ होते हुए भी छोटी छोटी बातो में गृह कलेश होता रहता है | निम्न मंत्र का जाप पति या पत्नीमें से कोई करे तो किसी एक को बुधि आ जायेगी और घर में शांति का वातावरण बनेगा |

मंत्र –
धं धिं धुम धुर्जते | पत्नी वां वीं बूम वाग्धिश्वरि | क्रं क्रीं क्रूं कालिका देवी | शं षीम शूं में शुभम कुरु |

यदि लड़की यह प्रयोग कर रही है तो पत्नी की जगह पति शब्द का उलेख़ करे |
विधि –
प्रातः स्नान कर के काली या माँ दुर्गा के चित्र पर लाल पुष्प चढाये |

घर की कलह को समाप्त करने का उपाय

रोजाना सुबह जागकर अपने स्वर को देखना चाहिये,नाक के बायें स्वर से जागने पर फ़ौरन बिस्तर छोड कर अपने काम में लग जाना चाहिये,अगर नाक से दाहिना स्वर चल रहा है तो दाहिनी तरफ़ बगल के नीचे तकिया लगाकर दुबारा से सो जाना चाहिये,कुछ समय में बायां स्वर चलने लगेगा,सही तरीके से चलने पर बिस्तर छोड देना चाहिये।

परिवार में शांति बनाए रखने के लिए : घर में सुख शांति के लिए उपाय

बुधवार को मिट्टी के बने एक शेर को उसके गले में लाल चुन्नी बांधकर और लाल टीका लगाकर माता के मंदिर में रखें और माता को अपने परिवार की सभी समस्याएं बताकर उनसे शांति बनाए रखने की विनती करें। यह क्रिया निष्ठापूर्वक करें, परिवार में शांति कायम होगी।

शादी विवाह में विघ्न न पडने देने के लिये टोटका

शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये,शादी विवाह के समय में बाधायें नहीं आयेंगी।

वैवाहिक सुख के लिए : दाम्पत्य सुख के उपाय

कन्या की शादी हो जाने के बाद उसके घर से विदा होते समय एक लोटे में गंगाजल, थोड़ी सी हल्दी और एक पीला सिक्का डालकर उसके आगे फेंक दें, उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।

Sending
User Review
0 (0 votes)

Leave a Comment

1 Comment