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माहवारी सम्बन्धी समस्याएं से राहत पाने के घरेलु उपचार

Irregular menstruation : माहवारी एक ऐसी शारीरिक प्रक्रिया है, जिससे संसार की हर स्त्री का सामना होता है। इसको मासिक धर्म, रजोधर्म, महीना, पीरियड  कई नामों से जानते हैं। माहवारी कोई बीमारी नहीं है। या कोई व्याधा नहीं है। यह भी शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। एक ऐसा चक्र है, जो नियमित समय पर चलता रहता है। जिस तरीके से शरीर के अन्य क्रिया जरूरी होते हैं। उसी प्रकार स्त्री के शरीर में मासिक धर्म का आना उनके शरीर का एक प्रक्रिया है।
इसलिए से घबराना नहीं चाहिए। लेकिन, यह प्रक्रिया हमेशा सुखद नहीं होती, कई बार मासिक धर्म की अनिमियता के कारण यह बहुत कष्टदायक हो जाती है। क्या पीरियड के अनियमिता के कई कारण होते हैं। जिससे यह बहुत कष्टकारी हो जाता है। पीरियड से जुड़े हुए बहुत से ऐसे सवाल हैं। जिनके जवाब आप को इस पोस्ट में देने की कोशिश की गई है। और कुछ ऐसे मासिक धर्म के घरेलू उपाय बताए गए हैं। जिनको अपनाकर आप एक स्वस्थ शरीर पा सकती हैं।1.  माहवारी क्या है | What is menstruation?

जब कोई बालिका बाल्यावस्था से किशोरावस्था में प्रवेश करती है, तो उसके शरीर में कई प्रकार के हारमोनल परिवर्तन होते हैं। यह प्रक्रिया उसके शरीर में बहुत से परिवर्तन लाते हैं। इस अवस्था में किशोरी के शरीर में स्तनों का विकास होना आरंभ हो जाता है। मासिक धर्म का आना इस बात का संकेत है, की महिला का शरीर गर्भधारण के लिए तैयार हो रही है। लगभग 13 से 16 वर्ष की आयु के बीच में योनि से लाल रंग का गाढ़ा पदार्थ निकलता है। योनि मार्ग से लाल रक्त के स्राव को माहवारी कहते है। यह प्रक्रिया लड़कियों में 21 दिन से 45 दिन तक का हो सकता है। और महिलाओ में 21 दिन से 35 दिन तक का हो सकता है। सामान्यतः रजोधर्म चक्र 28 दिन का होता है।

2. माहवारी शरीर की सामान्य प्रक्रिया

माहवारी क्यों होती है : जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया है कि यह शरीर की सामान्य प्रक्रिया है जो कि हर स्त्री के शरीर में होती है। जैसा कि हम जानते हैं कि स्त्री ही शिशु को जन्म देती है, उसके ही पेट में शिशु पनपता है लेकिन पेट में बच्चा बनने की प्रक्रिया क्या अपने आप शुरू हो जाती है ? क्या निश्चित समय में शिशु अपने आप शरीर में विकसित होने लगता है नहीं ? शरीर में गर्भ तभी ठहरता है, जब अंडाणु और शुक्राणु आपस में मिलते हैं। अंडाणु क्या होता हैं ? और शुक्राणु क्या होता हैं ? अंडाणु स्त्री के अंडाशय मैं बनता है। और शुक्राणु पुरुष के वीर्य में होते हैं।

3. अंडाशय / अण्डवाहिका नली

स्त्री के शरीर में अंडाशय होता है जो गर्भाशय से एक नली के द्वारा जुड़ा होता है। इस नली को अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) कहते हैं। यह अण्डवाहिका नली अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। अंडाशय का काम एक अंडा यानी डिंब को बनाना होता है। और अण्डवाहिका नली उसे डिम्ब को गर्भाशय तक पहुंचाती है। यह अंडा एक तरल पदार्थ से ढका होता है यह तरल पदार्थ अंडे को आसानी से गर्भाशय तक जाने में मदद करते हैं गर्भाशय में अंडे के पहुंच जाने पर यदि पुरुष शुक्राणु से मिलन नहीं होता तो उस स्थिति में यह अंडा फूट जाता है और योनि मार्ग से बाहर आ जाता है।

4. मासिक चक्र की अवधि

जिसको मासिक धर्म कहते हैं, यह प्रक्रिया हर निश्चित समय में बार-बार होती है। मासिक चक्र की अवधि आपको पर बताई गई है, यह किशोरियों में और महिलाओं में भिन्न भिन्न हो सकती है। यदि गर्भाशय में अंडे से शुक्राणु का मिलन हो जाता है तो अंडा निषेचित होकर भ्रूण का विकास करता है। और गर्भाशय में शिशु का विकास शुरू हो जाता है। जिसे गर्भधारण कहते हैं। इसलिए यह प्रक्रिया गर्भधारण करने के लिए बहुत ही जरूरी है। यदि स्त्री शरीर में मासिक धर्म सही समय पर नहीं होता या महावारी नहीं होती है, या पीरियड में खून कम आना या माहवारी में खून ज्यादा आना। उस स्थिति में गर्भ धारण करना मुश्किल हो जाता है। गर्भवती होने के लिए मासिक धर्म का सही होना बहुत जरुरी होता है।

5. माहवारी की गणना | Calculation of menstruation.

मासिक धर्म शुरू होने पर दो से 5 दिन तक रहता है। वैसे सामान्य तौर पर यह अवधि 2 से 7 दिनों की होती है। क्रिया हर 28 से 32 दिन बाद दोबारा होती है। इसकी गणना आप पीरियड आने के पहले दिन से कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आपको महावारी एक तारीख से शुरु हुई है तो अगली महावारी आपको 29 तारीख को होगी इसमें एक दो दिन आगे पीछे हो सकता है। यह महिलाओं में अलग-अलग हो सकती है।

6.मासिक धर्म मे दर्द का होना | Pain in menstruation.

पीरियड मे कई बार बहुत ही ज्यादा कष्टदायक, पीड़ा होती है। पीरियड होने से पहले कमर के निचले हिस्से में ऐंठन भरी दर्द होती है यह दर्द कभी कम हो जाता है कभी बढ़ जाता है यह निरंतर महावारी खत्म होने तक बना रहता है। पर यह दर्द पीरियड खत्म होने पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। पीरियड  के दर्द को आप कुछ घरेलू उपाय के द्वारा ठीक कर सकती हैं।

7. मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार | Home remedies for pain in menstruation

मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार के द्वारा अभी ठीक ना हो तो इसके लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। या फिर खून के थक्के निकले तो भी डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार माहवारी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए हल्दी को गर्म दूध में मिलाकर पीना चाहिए। इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है और पीरियड्स के दर्द में आराम मिलता है।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार हफ्ते में दो बार हल्दी वाले दूध का सेवन करते हैं तो आपको पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार मासिक धर्म के दौरान पेट में होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप घर पर एक काढ़ा बना सकती हैं।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार इस काढ़े को बनाने के लिए आप एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच शहद और 2 चम्मच जीरा ले लें। और इनको ढाई सौ मिली लीटर पानी में उबालें। जब 100 ग्राम पानी शेष रह जाए तो इसे छानकर चाय की तरह पी ले। इस दवाई का सेवन आप दिन में दो बार करें। पेट के दर्द से राहत मिल जाएगी।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय हैं। जिनको करके आप पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा पा सकती हैं। पीरियड के दौरान विटामिन और आयरन की कमी हो जाती है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने आहार में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन दूध, दही, फल के जूस का सेवन बहुत ज्यादा करें।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार यदि पेट में ज्यादा दर्द हो रहा हो तो एक किसी तोलिए को गर्म पानी में भिगोकर उससे सिकाई करें। आप पानी की बोतल से भी पेट की सिकाई कर सकती हैं। इससे शरीर में गर्मी पैदा होगी और जिससे दर्द कम हो जाएगा।
मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार दर्द को कम होने करने के लिए आप कुछ व्यायाम भी कर सकते हैं। क्योंकि व्यायाम और योग करने से शरीर की एक्टिविटी नियंत्रित रहती है। शरीर में खून का बहाव सुचारु रुप से चलता है। जिसके कारण माहवारी के समय दर्द नहीं होता। लेकिन यह एक्सरसाइज व्यायाम आपको पहले से ही करना जरुरी होता है। क्योंकि दर्द के समय में व्यायाम नहीं हो पाता।

 

8. अनियमित माहवारी का घरेलू उपचार

अनियमित माहवारी उसे कहते हैं जिसमें मासिक धर्म का कोई निश्चित समय नहीं होता कभी यह जल्दी आ जाता है। और कभी बहुत देर में आता है। या नहीं कभी 28 से 30 दिन के बीच में आता है। और कभी एक से दो महीना के बाद आता है। इसको अनियमित माहवारी कहते हैं। (Irregular menstruation) अनियमित माहवारी के कई कारण हो सकते हैं। आपको घरेलू उपाय के द्वारा आप इसको ठीक कर सकते हैं।

दालचीनी Cinnamon | Irregular menstruation

मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने के लिए दालचीनी एक रामबाण औषधि का काम करती है। इसके सेवन से ना सिर्फ अनियमित माहवारी (Irregular menstruation) ठीक होती है। बल्कि बंद महावारी के समय दर्द और हर तरह की पीरियड्स से संबंधित परेशानी को यह ठीक कर देती है। इसके लिए 4 से 5 ग्राम दालचीनी चूर्ण को रोजाना पानी के साथ या दूध के साथ सेवन करें। मासिक धर्म में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती।

आजवाइन celery | Irregular menstruation

भी मासिक धर्म से संबंधित परेशानी से निजात दिलाने के लिए एक कारगर घरेलू नुस्खा है 8 से 10 ग्राम अजवाइन को लेकर उसे चबाकर खाएं और ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें ऐसा करने से आपको धर्म की अनियमितता (Irregular menstruation) से छुटकारा मिल जाएगा। अजवाइन का सेवन एक हफ्ता करने के बाद दो हफ्तों का गैप देना जरूरी है। क्योंकि अजवाइन की प्रवृत्ति गर्म होती है।

मासिक धर्म जल्दी लाने के 10 उपाय

यदि 16 वर्ष की आयु तक माहवारी ना आए तो इसका इलाज करना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आपको किसी डॉक्टर से परामर्श लेना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आप नीचे दिए कुछ घरेलू उपाय भी कर सकते हैं।

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