माहवारी सम्बन्धी समस्याएं से राहत पाने के 35 घरेलू उपाय

माहवारी सम्बन्धी समस्याएं से राहत पाने के 35 घरेलू उपाय

Irregular menstruation : माहवारी एक ऐसी शारीरिक प्रक्रिया है, जिससे संसार की हर स्त्री का सामना होता है। इसको मासिक धर्म, रजोधर्म, महीना, पीरियड  कई नामों से जानते हैं। माहवारी कोई बीमारी नहीं है। या कोई व्याधा नहीं है। यह भी शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। एक ऐसा चक्र है, जो नियमित समय पर चलता रहता है। जिस तरीके से शरीर के अन्य क्रिया जरूरी होते हैं। उसी प्रकार स्त्री के शरीर में मासिक धर्म का आना उनके शरीर का एक प्रक्रिया है।

इसलिए से घबराना नहीं चाहिए। लेकिन, यह प्रक्रिया हमेशा सुखद नहीं होती, कई बार मासिक धर्म की अनिमियता के कारण यह बहुत कष्टदायक हो जाती है। क्या पीरियड के अनियमिता के कई कारण होते हैं। जिससे यह बहुत कष्टकारी हो जाता है। पीरियड से जुड़े हुए बहुत से ऐसे सवाल हैं। जिनके जवाब आप को इस पोस्ट में देने की कोशिश की गई है। और कुछ ऐसे मासिक धर्म के घरेलू उपाय बताए गए हैं। जिनको अपनाकर आप एक स्वस्थ शरीर पा सकती हैं।

 माहवारी क्या है | What is menstruation?

 माहवारी क्या है | What is menstruation?

जब कोई बालिका बाल्यावस्था से किशोरावस्था में प्रवेश करती है, तो उसके शरीर में कई प्रकार के हारमोनल परिवर्तन होते हैं। यह प्रक्रिया उसके शरीर में बहुत से परिवर्तन लाते हैं।

  • इस अवस्था में किशोरी के शरीर में स्तनों का विकास होना आरंभ हो जाता है।
  • मासिक धर्म का आना इस बात का संकेत है, की महिला का शरीर गर्भधारण के लिए तैयार हो रही है।
  • लगभग 13 से 16 वर्ष की आयु के बीच में योनि से लाल रंग का गाढ़ा पदार्थ निकलता है।
  • योनि मार्ग से लाल रक्त के स्राव को माहवारी कहते है।
  • यह प्रक्रिया लड़कियों में 21 दिन से 45 दिन तक का हो सकता है।
  • और महिलाओ में 21 दिन से 35 दिन तक का हो सकता है।
  • सामान्यतः रजोधर्म चक्र 28 दिन का होता है।

मासिक धर्म चक्र शरीर की सामान्य प्रक्रिया

माहवारी क्यों होती है :

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया है कि यह शरीर की सामान्य प्रक्रिया है जो कि हर स्त्री के शरीर में होती है। जैसा कि हम जानते हैं कि

  • स्त्री ही शिशु को जन्म देती है,
  • उसके ही पेट में शिशु पनपता है
  • लेकिन पेट में बच्चा बनने की प्रक्रिया क्या अपने आप शुरू हो जाती है ?
  • क्या निश्चित समय में शिशु अपने आप शरीर में विकसित होने लगता है नहीं ?
  • शरीर में गर्भ तभी ठहरता है, जब अंडाणु और शुक्राणु आपस में मिलते हैं।
  • अंडाणु क्या होता हैं ? और शुक्राणु क्या होता हैं ?
  • अंडाणु स्त्री के अंडाशय मैं बनता है। और शुक्राणु पुरुष के वीर्य में होते हैं।

 अंडाशय / अण्डवाहिका नली / ओवेरियन सिस्ट

स्त्री के शरीर में अंडाशय होता है जो गर्भाशय से एक नली के द्वारा जुड़ा होता है। इस नली को अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) कहते हैं।

  • यह अण्डवाहिका नली अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है।
  • अंडाशय का काम एक अंडा यानी डिंब को बनाना होता है।
  • और अण्डवाहिका नली उसे डिम्ब को गर्भाशय तक पहुंचाती है।
  • यह अंडा एक तरल पदार्थ से ढका होता है
  • यह तरल पदार्थ अंडे को आसानी से गर्भाशय तक जाने में मदद करते हैं
  • गर्भाशय में अंडे के पहुंच जाने पर यदि पुरुष शुक्राणु से मिलन नहीं होता तो
  • उस स्थिति में यह अंडा फूट जाता है और योनि मार्ग से बाहर आ जाता है।

 माहवारी चक्र किस तरह काम करता है

जिसको मासिक धर्म कहते हैं, यह प्रक्रिया हर निश्चित समय में बार-बार होती है। मासिक चक्र की अवधि आपको पर बताई गई है, यह किशोरियों में और महिलाओं में भिन्न भिन्न हो सकती है।

अपने मासिक चक्र की गणना कैसे करें | Peroids Calculator

Peroids Calculator

  • मासिक धर्म शुरू होने पर दो से 5 दिन तक रहता है। वैसे सामान्य तौर पर यह अवधि 2 से 7 दिनों की होती है।
  • क्रिया हर 28 से 32 दिन बाद दोबारा होती है।
  • इसकी गणना आप पीरियड आने के पहले दिन से कर सकते हैं।
  • उदाहरण के तौर पर यदि आपको महावारी एक तारीख से शुरु हुई है
  • तो अगली महावारी आपको 29 तारीख को होगी
  • इसमें एक दो दिन आगे पीछे हो सकता है।
  • यह महिलाओं में अलग-अलग हो सकती है।

मासिक धर्म (पीरियड्स) के समय होने वाले दर्द | Period Pain | Menstrual Cramps | MedlinePlus

पीरियड मे कई बार बहुत ही ज्यादा कष्टदायक, पीड़ा होती है। पीरियड होने से पहले कमर के निचले हिस्से में ऐंठन भरी दर्द होती है यह दर्द कभी कम हो जाता है कभी बढ़ जाता है यह निरंतर महावारी खत्म होने तक बना रहता है। पर यह दर्द पीरियड खत्म होने पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। पीरियड  के दर्द को आप कुछ घरेलू उपाय के द्वारा ठीक कर सकती हैं।

पीरियड्स के दर्द में आराम दिलाएं ये घरेलू उपाय | Best Natural Remedies for Menstrual Pain in Hindi

मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार के द्वारा अभी ठीक ना हो तो इसके लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। या फिर खून के थक्के निकले तो भी डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार
घरेलू उपाय
  • माहवारी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए हल्दी को गर्म दूध में मिलाकर पीना चाहिए।
  • इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है और पीरियड्स के दर्द में आराम मिलता है।
घरेलू उपाय
  • हफ्ते में दो बार हल्दी वाले दूध का सेवन करते हैं तो आपको पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
घरेलू उपाय
  • मासिक धर्म के दौरान पेट में होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप घर पर एक काढ़ा बना सकती हैं।
घरेलू उपाय
  • इस काढ़े को बनाने के लिए आप एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच शहद और 2 चम्मच जीरा ले लें।
  • और इनको ढाई सौ मिली लीटर पानी में उबालें।
  • जब 100 ग्राम पानी शेष रह जाए तो इसे छानकर चाय की तरह पी ले।
  • इस दवाई का सेवन आप दिन में दो बार करें। पेट के दर्द से राहत मिल जाएगी।
घरेलू उपाय
  • इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय हैं।
  • जिनको करके आप पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा पा सकती हैं।
  • पीरियड के दौरान विटामिन और आयरन की कमी हो जाती है।
  • इसके लिए जरूरी है कि आप अपने आहार में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन दूध, दही, फल के जूस का सेवन बहुत ज्यादा करें।
घरेलू उपाय
  • यदि पेट में ज्यादा दर्द हो रहा हो तो एक किसी तोलिए को गर्म पानी में भिगोकर उससे सिकाई करें।
  • आप पानी की बोतल से भी पेट की सिकाई कर सकती हैं।
  • इससे शरीर में गर्मी पैदा होगी और जिससे दर्द कम हो जाएगा।

 

दर्द को कम होने करने के लिए

आप कुछ व्यायाम भी कर सकते हैं। क्योंकि व्यायाम और योग करने से शरीर की एक्टिविटी नियंत्रित रहती है। शरीर में खून का बहाव सुचारु रुप से चलता है। जिसके कारण माहवारी के समय दर्द नहीं होता। लेकिन यह एक्सरसाइज व्यायाम आपको पहले से ही करना जरुरी होता है। क्योंकि दर्द के समय में व्यायाम नहीं हो पाता।

अनियमित माहवारी का आयुर्वेद में इलाज (Irregular Periods Treatment)

अनियमित माहवारी उसे कहते हैं जिसमें मासिक धर्म का कोई निश्चित समय नहीं होता कभी यह जल्दी आ जाता है। और कभी बहुत देर में आता है। या नहीं कभी 28 से 30 दिन के बीच में आता है। और कभी एक से दो महीना के बाद आता है। इसको अनियमित माहवारी कहते हैं। (Irregular Periods) अनियमित माहवारी के कई कारण हो सकते हैं।

आपको आयुर्वेद में इलाज के द्वारा आप इसको ठीक कर सकते हैं।

दालचीनी (Cinnamon)

मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने के लिए दालचीनी एक रामबाण औषधि का काम करती है। इसके सेवन से ना सिर्फ अनियमित माहवारी (Irregular menstruation) ठीक होती है। बल्कि बंद महावारी के समय दर्द और हर तरह की पीरियड्स से संबंधित परेशानी को यह ठीक कर देती है।

कैसे करे

  •  4 से 5 ग्राम दालचीनी चूर्ण को रोजाना पानी के साथ या दूध के साथ सेवन करें।
  • मासिक धर्म में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती।

आजवाइन (celery)

भी मासिक धर्म से संबंधित परेशानी से निजात दिलाने के लिए एक कारगर घरेलू नुस्खा है

  • 8 से 10 ग्राम अजवाइन को लेकर उसे चबाकर खाएं और ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें
  • ऐसा करने से आपको धर्म की अनियमितता (Irregular menstruation) से छुटकारा मिल जाएगा।
  • अजवाइन का सेवन एक हफ्ता करने के बाद दो हफ्तों का गैप देना जरूरी है।
  • क्योंकि अजवाइन की प्रवृत्ति गर्म होती है।

पीरियड्स लेट आने का कारण (Causes of delay period)

सामान्य तौर पर किसी भी महिला का मासिक धर्म चक्र 21 से 35 दिनों का होता है। पीरियड्स न आने को एमेनोरिया (amenorrhea) कहते है। जिन लड़कियों को 15 साल की उम्र में भी पीरियड्स शुरू नहीं हुए और वे महिलाएं जिनका तीन या तीन से ज्यादा महीने तक पीरियड्स न आए हैं, उन्हें एमेनोरिया हो सकता हैं। पीरियड्स मिस या लेट होने के निम्न कारण हो सकते हैं;

  1. तनाव
  2. बहुत कम या ज्यादा वजन
  3. पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome)
  4. हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव
  5. गंभीर बीमारियां जैसे डाइबिटीज या सीलिएक रोग
  6. थायरॉइड की बीमारी
  7. मेनोपॉज
  8. प्रेग्नेंसी

पीरियड्स जल्दी लाने के उपाय

यदि 16 वर्ष की आयु तक माहवारी ना आए तो इसका इलाज करना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आपको किसी डॉक्टर से परामर्श लेना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आप नीचे दिए कुछ घरेलू उपाय भी कर सकते हैं।

विटामिन सी

विटामिन सी पीरियड्स जल्दी लाने में मदद करता है, हालांकि इसका कोई scientific evidence नहीं है। कहा जाता है कि विटामिन सी एस्ट्रोजल लेवल को बढ़ा कर प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम करता है। इससे यूटेरस की लाइन गिरने लगती है और ब्लीडिंग होने के साथ पीरियड्स आ जाते है। इसे आजमाने के लिए विटामिन सी का सप्लीमेंट लें तो डॉक्टर से जरूर पूछें। जरूरत से ज्यादा विटामिन लेने से दूसरी कोई और समस्या भी हो सकती है।

पाइनएप्पल

इसमें ब्रोमलेन नाम का एंजाइम होता है जो सूजन कम करने में मदद करता है। एक रिसर्च के अनुसार, ब्रोमलेन सूजन कम करने के साथ अनियमित पीरियड्स के कारणों को दूर करता है लेकिन इसका कोई scientific evidence नहीं है।

अदरक

अदरक हमेशा से पीरियड्स जल्दी लाने के लिए लिया जाता है। यह यूटेरस पर दबाव डालता है, जिससे ब्लीडिंग होना शुरू हो जाती है। इसके लिए अदरक की चाय बना कर पी जा सकती है।

अजमोद (Parsley)

अजमोद में अच्छी मात्रा में विटामिन सी होता है, इससे यूटेरस पर दबाव पड़ता है। यह कुछ निश्चित मात्रा में लेने से प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए घातक भी साबित हो सकता हैं। इसे प्रेग्नेंसी, किडनी की प्रॉब्लम और ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान नहीं लेना चाहिए।

हल्दी

कहा जाता है, हल्दी में Therapeutic properties (किसी भी बीमारी को ठीक करने के गुण) होती हैं। हल्दी एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने-घटाने का काम करता है, हालांकि इसका कोई scientific evidence नहीं है। इसे दूध, सब्जी जैसी चीजों में डाल कर लिया जा सकता है।

आराम

कई महिलाएं जो लगातार एक्सरसाइज करती हैं या स्पोर्ट्स से जुड़ी हैं, उन्हें सामान्यतः पीरियड लेट आता है। अगर पीरियड्स लेट आने का कारण ये है तो कुछ दिन एक्सरसाइज को कम कर आराम भी कर सकती हैं। इस चीज का ध्यान रखें कि एक्सरसाइज को पूरी तरह बंद न करें। मानसिक रूप से भी आराम करना जरूरी होता है। ज्यादा तनाव लेने से भी हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है तो पीरियड्स लेट हो जाते है।

हॉट बाथ

हॉट बाथ लेने से टाइट मसल्स को आराम मिलता है और इससे Emotional Stress भी कम होता है। इससे ब्लड फ्लो सुधरता है और पीरियड्स समय पर आने लगते है।

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