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मधुमेह रोग के कारण, लक्षण, उपचार | Sugar Diabetes Treatment in Hindi

Sugar Diabetes madhumeh ke gharelu upchar – मधुमेह रोग एक असाध्य बीमारी है। जिससे छुटकारा पाना आसान नहीं होता। यह रोग भारत समेत पूरे विश्व में फैला हुआ है। लेकिन मधुमेह रोगियों की सबसे बड़ी संख्या भारत में ही है। इसके पीछे भी एक प्रमुख कारण है। क्योंकि भारतीयों की जीवन शैली और आराम और आहार जिम्मेदार हैं। मधुमेह रोग को आम भाषा में शुगर का रोग(diabetes) भी कहा जाता है। मधुमेह. रोग शरीर के ताकत को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इसलिए इसको सही समय पर रोकना जरूरी है।

मधुमेह या शुगर रोग(diabetes) की रोकथाम यदि समय रहते ना किया जाए तो यह आगे चलकर बहुत ही भयानक रोग उत्पन्न कर देते हैं। जैसे हार्टअटैक, लकवा, आंखों की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, मधुमेह रोग वंशानुगत भी होता है। यानी परिवार में किसी को शुगर रोग है। तो है आने वाले बच्चों को या पीढ़ी को रोग होने की की आशंका ज्यादा रहती है। मधुमेह रोग एक ऐसा रोग है। जो पूरी तरीके से कभी भी ठीक नहीं होता। जिंदगी भर दवाइयों का सेवन और संतुलित आहार विहार के द्वारा ही इस को नियंत्रित करना पड़ता है। यदि जरा सी लापरवाही होती है। तो यह रोग फिर से परेशान करना शुरू कर देता है।

मधुमेह रोग के कारण, लक्षण, उपचार

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मधुमेह क्या है? (What is Diabetes in hindi)

हमारे शरीर में कई प्रकार की अंतः स्त्रावी ग्रंथियां होती हैं। जो हमारे शरीर के विभिन्न मेटाबॉलिज्म क्रियाओं को कंट्रोल करती है। उन्ही में से अग्नाशय ग्रंथि एक है। इस ग्रंथि में से अग्नाशय रस यानि इंसुलिन स्रावित होता है। जो हमारे द्वारा किए गए भोजन से प्राप्त शर्करा युक्त तत्वों को पचाने का काम करता है। अग्नाशय ग्रंथि पेट के पिछले भाग में यकृत से तिल्ली के बीच में होती है। हमारे द्वारा भोजन के रूप में ली गई शर्करा जब इंसुलिन से मिलती है। तो रसायनिक क्रिया के बाद में ऊर्जा में बदल जाती है। जिससे शरीर से विभिन्न कार्यो करने की ऊर्जा प्राप्त होती है।

यदि किसी कारण से अग्नाशय ग्रंथि शर्करा को नियंत्रित करने असफल रहती है तो यह शर्करा खून में पहुंच जाती है। जिसजे कारण शरीर में कई प्रकार के विकार उत्त्पन्न होने लगते है। यदि रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाए तो यह मूत्र मार्ग यानी पेशाब के रास्ते निकलने लगता है। इससे शरीर को प्रयाप्त मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाती। जिसके कारण शरीर थकने लगता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। शरीर में कमजोरी आने लगती है। इसी रोग को शुगर रोग या मधुमेह या डायबिटीज़ रोग कहते है।

मधुमेह रोग की चिकित्सा (Madhumeh gharelu nuskhe ke liye next button par click kare )

मधुमेह 2 प्रकार की होती हैं – Type 1 & 2 Diabetes in Hindi

टाइप 1 मधुमेह (type 2 diabetes) 

मधुमेह के रोगी के शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम बनती हैं, जिसे नियंत्रित किया जा सकता है, पर खत्म नही किया जा सकता। इसमें रोगी को बाहर से इन्सुलिन दिया जाता हैं। जिससे उनका जीवन सामान्य चलता रहता हैं। टाइप 1 डाइबिटीज में अग्नाशय की बीटा कोशिकाएँ (जो इन्सुलिन का स्राव करती हैं) इन्सुलिन नहीं बना पाती हैं, जिसका उपचार असम्भव हैं। यह डायाबिटिज बच्चों और 19 साल तक के युवाओं को बहुत जल्दी एफेक्ट करती है।

 

टाइप 2 मधुमेह (type 2 diabetes)

टाइप 2 मधुमेह के रोगी के शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम होती हैं या शरीर इन्सुलिन का पुर्णतः इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसमें शरीर इन्सुलिन बनाता तो है, लेकिन काम मात्रा में और कई बार वो इन्सुलिन अच्छे से काम नहीं करते है। टाइप 2 डाइबिटीज़ को योग, परहेज तथा उचित खान-पान के ज़रिये नियंत्रित किया जा सकता हैं। यह डायाबिटिज वयस्कों को होती है।

 

मधुमेह (डायबिटीज़ रोग) – बेहद घातक और व्यापक बीमारी

मधुमेह (sugar rog) आजकल बेहद घातक बीमारी बन गई है। यहाँ तक कि यह दुनिया की जानलेवा और विकलांग बनाने वाली बिमारियों में प्रमुख बीमारी बन कर उभरी है। 2007 में मधुमेह मृत्यु और विकलांगता के मामले में सातवें नंबर पर थी। मधुमेह से इस तरह से बढ़ती मृत्यु दर को देख कर लगता है कि यह जल्द ही ज्यादातर मृत्यु प्रमाण पत्र पर दिखाई देगी।

मधुमेह इस तरह की दीर्घकालिक जटिलताओं के साथ जुड़ा हुआ है, जो लगभग शरीर के हर एक हिस्से को प्रभावित करती है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों में, अंधापन, हृदय और रक्त की बीमारियां, स्ट्रोक (Stroke), गुर्दे का फेल होना, विच्छेदन, और तंत्रिका क्षति बेहद सामान्य सी बातें हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को यदि मधुमेह हो तो वह उनके होने वाले बच्चों में भी जन्म के साथ ही पहुंच जाता है। [1]

मधुमेह के लक्षण, शुगर के लक्षण, Diabetes ke Lakshan in Hindi

डायबिटीज के शुरुआत में इसके लक्षणों का पता नहीं लगता कुछ समय बाद बार-बार पेशाब आना थकावट होना।

-मुंह सूखना बार-बार पानी पीने का मन करना।

-प्यास लगना ,बहुत भूख ज्यादा लगना थोड़ा सा भी काम करने पर शरीर का थक जाना।

शरीर के मोटे होने के बावजूद शरीर में कमजोरी रहना।

-लगातार वजन घटना।

-शरीर में उर्जा शक्ति की कमी होना। –

फोड़े-फुंसी ज्यादा निकलना। मसूड़ों के रोग होना

-होठों के किनारे कटना।

-चोट या अन्य घाव हो जाने पर जल्दी ठीक न होना।

-मानसिक थकावट आना।

-चिड़चिड़ापन रहना।

-याददाश्त यानी स्मृति कम होना।

-आंखों की रोशनी का कम हो जाना।

-किसी किसी को तो मोतियाबिंद रोग भी हो जाता है।

-सारा शरीर कमजोर पड़ने लगता है।

-स्पर्श का पता नहीं चलता या नहीं स्पर्श ज्ञान कम हो जाता है।

पुरुषों में नपुंसकता या सेक्स इच्छा में कमी के लक्षण हो जाते हैं।

स्त्री में योनि कंडू, श्वेत प्रदर जैसे रोग हो जाते हैं।

डायबिटीज के कारण – मधुमेह रोग के मुख्य कारण

मधुमेह रोग का सबसे प्रमुख कारण होता है शरीर में इंसुलिन का ना बनना या अग्नाशय का कार्य करना बंद कर देना। जिसकी वजह से खून में ग्लूकोज यानी शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। ज्यादा मीठा खाने का शौक, अधिक मिठाई ,तले हुए पदार्थ खाने ओर तुरंत पानी पीने से यह रोग होता है।

अत्यधिक मैथुन क्रिया में निरंतर लगे रहने वालों को भी यह रोग हो सकता है। इसलिए यौन जीवन चर्या नियंत्रित रखें। मधुमेह रोग होने का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण आराम दायक जिंदगी भी है। जो लोग हमेशा कुर्सी, आसन, गद्दी आदि पर बैठे रहते हैं। एक्सरसाइज या व्यायाम नहीं करते उनको यह रोग होने का खतरा ज्यादा रहता है।

मधुमेह रोग की जांच – Diabetes Detection Test

डायबिटीज होने की जरा सी भी शंका होने पर तुरंत रोगी को अपने पेशाब और खून की जाँच करवानी चाहिए। शुगर में खून की जांच दो बार की जाती है। एक खाली पेट खून की जांच होती है। और उसके एक घंटा बाद कुछ मीठा खा कर फिर से खून टेस्ट किया जाता है।

इससे खून में शुगर की मात्रा का सही अनुमान लगा कर रोग का पता किया जाता है। इसके अलावा हीमोग्लोबिन, एलडीएल, एचडीएल दोनों तरह की जांच करवा लेनी चाहिए। पेशाब जांच करवाने के लिए सुबह सुबह का पहला पेशाब हो उसकी जांच करवानी चाहिए। ब्लड प्रेशर की जांच भी करवानी चाहिए ताकि इलाज सही तरीके से किया जा सके।

मधुमेह की प्राकृतिक चिकित्सा – Diabetes Treatment in Hindi

यदि मधुमेह रोग का पता चलता है। तो जल्द से जल्द उसका उस की चिकित्सा आरंभ कर देनी चाहिए। रक्त में शुगर की मात्रा निर्धारित मात्रा से न ज्यादा होनी चाहिए और ना ही कम। इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए। मधुमेह डायबिटीज की चिकित्सा कराते समय दवाइयां निर्धारित समय पर लेना चाहिए। बिना किसी नागा के साथ ही साथ परहेज करना बहुत जरूरी है। जैसे : अधिक मीठा खाना, बासी खाना खाना इस रोग में घातक सिद्ध हो सकते हैं। अगर शुगर बढ़ जाता है तो गुर्दों के रोग, दिल की बीमारी, TV जैसे रोग उत्पन्न हो जाते हैं। जो जानलेवा साबित होते हैं।

मधुमेह रोगी क्या करें और क्या ना करें

मधुमेह को कंट्रोल में करने के लिए हमेशा इन बातों का जरूर ध्यान रखें

अपने आहार को नियंत्रित करें। हर प्रकार का मीठा खाना बंद करें। मीठा भारी भोजन जैसे गन्ना, गुड़, शक्कर, चीनी, शहद, चावल, आलू, अरबी, मिठाई, गुड़, पकवान, मुरब्बे सभी का परहेज करना चाहिए।
घी, मक्खन, तेल की तली हुई चीजें बंद कर देनी चाहिए। क्योंकि यह भोजन वसा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं।
मधुमेही को सबसे पहले रोटी बनाने का आटा ही बदल लेना चाहिए। इसके लिए मधुमेह रोगी एक नया आटा तैयार करें।
जिसमें आटा 33% गेहूं 33% चना और 33% जौ और 1% सोयाबीन मिलाकर। आटा बनाएं इसी को जीवन भर खाएं।
हरी पत्तियों वाले सब्जी जैसे : मेथी की सब्जी, पालक, बथुआ, चौलाई, मूली, खीरा, पत्ता, गोभी आदि का भरपूर सेवन करे।
आप मांसाहारी हैं तो सबसे पहले मांसाहार छोड़ दे। केवल शाकाहार का ही सेवन करें।
यदि चाय, दूध फीका न लिया जाए तो शुगर फ्री की गोलियां डाल कर ले सकते हैं। यह गोली उबलते हुए दूध चाय में कभी मत डाले।
चाय, शराब, नशे की गोली, इंजेक्शन, ध्रुमपान मिथुन का त्याग मधुमेह रोगियों के लिए जरूरी है। इससे उन्हें और अधिक जीने की चाहत बढ़ेगी ।
नियमित रूप से चिकित्सीय सलाह पर व्यायाम करना चाहिए।
सुबह की सैर मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक होती है।
इसके अलावा मधुमेह रोगियों को प्रणायाम, योग, ध्यान, आध्यात्मिक जीवन बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाता है।

मधुमेह के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार – diabetes treatment at home in hindi

  1. मधुमेह रोग में सुबह-सुबह अमरूद के ताजी पत्ते तोड़कर चबाना चाहिए। मधुमेह रोगियों के लिए यह फायदेमंद होता है।
  2. ताजा करेले का रस रोजाना एक से दो चम्मच पीना चाहिए।
  3. शाम के समय आधा चम्मच मेथी दाना साफ पानी में भिगोकर रखें। और सुबह छानकर पानी खाली पेट पिएं। इससे कोलेस्ट्रोल और शुगर दोनों में ही लाभ मिलता है।
  4. बबूल की पत्तियों और कच्ची फलियों को छाया में सुखाकर उनका चूर्ण बना लें और। इस चूर्ण को सुबह-शाम नियमित रूप से लें।
  5. शुगर में गूलर के कच्चे फल की सब्जी खाना बहुत ही फायदेमंद होता है।
  6. डायबिटीज के रोगी ज्यादा मात्रा में जामुन, खीरा, ककड़ी, मूली का सेवन करें।
  7. ग्वारपाठा एलोवेरा कंकोड़ा(बाड़ करेले) की सब्जी मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद है।
  8. तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इनसुलिन के लिये सहायक होते है । इसलिए शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते को प्रतिदिन खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें। इससे मधुमेह में लाभ  मिलता है
  9. 10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी के पावडर में मिला लीजिए। इस घोल को दिन में दो बार लीजिए। इससे खून में शुगर नियंत्रण में रहती है।
  10. लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने के साथ वजन को भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। यह मधुमेह का अचूक उपचार है ।
  11. करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है।अत: इसका रस रोज पीना चाहिए। उबले करेले के पानी से मधुमेह को शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है।
  12. मधुमेह के उपचार के लिए मैथीदाने का बहुत महत्व है, इससे पुराना मधुमेह भी ठीक हो जाता है। मैथीदानों का चूर्ण नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून पानी के साथ लेना चाहिए ।
  13.  काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को गला दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए। इससे मधुमेह दूर होती है
  14.  मधुमेह मरीजो को नियमित रूप से दो चम्मच नीम और चार चम्मच केले के पत्ते के रस को मिलाकर पीना चाहिए।
  15.  ग्रीन टी भी मधुमेह मे बहुत फायदेमंद मानी । जाती है ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।
  16. सहजन के पत्तों में दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। इसके नियमित सेवन से भी लाभ प्राप्त होता है ।

मधुमेह के उपचार- Madhumeh ke gharelu nuskhe

मधुमेह /शुगर  के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खीरा नींबू निचोड़कर खाकर भूख मिटाना चाहिए।
 शुगर के उपचार  मे शलजम का भी बहुत महत्व है । शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए।
 6 बेल पत्र , 6 नीम के पत्ते, 6 तुलसी के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च ताज़ी पत्तियाँ पीसकर खाली पेट, पानी के साथ लें और सेवन के बाद कम से कम आधा घंटा और कुछ न खाएं , इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है ।
 वैज्ञानिकों की नई शोध में अदरक शुगर की बीमारी में बेहद कारगर साबित हुई है। आस्ट्रेलिया में किये गए एक शोध के अनुसार अदरक का रस खून में शर्करा के स्तर को पूरी तरह से नियंत्रित करता है। पुराने से पुराने शुगर में भी जिसमें शरीर के अंग भी प्रभावित हो चुके हो नित्य खाली पेट अदरक का रस बेहद फायदेमंद है।
 शुगर के उपचार  में सोया आटे की रोटी खानी चाहिए । सोयाबीन में स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम मात्रा में होता है और यही चीज़े शुगर में हानिकारक होती है अत: सोयाबीन को पीस कर आटे में मिलाकर खाने से मधुमेह नियंत्रण में रहता है ।
 मधुमेह/शुगर के शिकार व्यक्ति को अपने आहार में एलो वेरा जूस को अवश्य ही शामिल करना चाहिए। एलो वेरा में मौजूद विभिन्न प्रकार के विटामिन्स, मिनरल्स, खनिज शरीर के सेल स्तर पर काम करते है जिससे शरीर शर्करा की मात्रा नियंत्रित होती है और व्यक्ति चुस्त और दुरुस्त भी रहता है।
 मधुमेह/शुगर  से ग्रस्त व्यक्ति के लिए अलसी का सेवन उपयुक्त है । अलसी को मिक्सी में पीसकर आटा में मिलकर इसकी रोटी खाएं । इससे शरीर में लम्बे समय तक ताकत रहती है ।
 मधुमेह/शुगर में नित्य अमरुद का सेवन करें । इसे महीन महीन काट काट कर उसपर सेंधा / काला नमक और काली मिर्च छिड़क कर खाना चाहिए, इससे शुगर में बहुत ज्यादा आराम मिलता है ।
 मधुमेह/शुगर  को नियंत्रित करने के लिए दक्षिण की तरफ सर करके सोएं , अपने बैडरूम में कम से कम 100 ग्राम का साबुत फिटकरी का टुकड़ा अवश्य ही रखें । इससे शुगर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है ।

 

Sugar ke gharelu ilaaj or gharelu nuskhe madhumeh ki dawa

1. करेले से शुगर का इलाज के उपाय

करेला रक्त में शर्करा के प्रभाव को कंट्रोल करने में सहायक है। करेला दोनों तरीके के मधुमेह के उपचार में फ़ायदेमंद है। करेले के जूस को सुबह खाली पेट पीना लाभदायक है। सब से पहले 2 से 3 करेले लें और इसके बीज अलग कर के करेले का रस निकाल ले, अब इसमें थोड़ा पानी डाल कर पिए। इसके इलावा अपने भोजन में भी करेला का बना हुआ आहार शामिल करे।

2. आंवले से डायबिटीज कम कैसे करे

2 से 3 आंवले ले कर उसके बीज निकाल कर आंवले को पीस ले और एक पेस्ट बना ले। अब एक साफ़ कपड़े में ये पेस्ट डाल कर इसका रस निचोड़ ले और इसमें 1 कप पानी मिला कर रोजाना खाली पेट पिए। आप 1 कप करेले के जूस में भी आंवले के रस के 1 से 2 चम्मच मिला कर पी सकते है।

3. जामुन और आम से शुगर ठीक करने के उपाय

जामुन भी रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। जामुन के पत्ते, बीज और बेर हर चीज़ शुगर का इलाज करने में प्रयोग होती है। जामुन के सूखे बीजों को पीस ले और पानी के साथ दिन में 2 बार ले।
आम के पत्तों को भी शुगर कम करने की आयुर्वेदिक दवा में प्रयोग कर सकते है। 10 से 12 आम के पत्तों को रात भर 1 गिलास पानी भिगो कर रख दे, इस पानी को खली पेट पिए। इसके इलावा आम के पत्तों को छाया में सुख कर पीस ले और रोजाना आधा चम्मच पाउडर दिन में 2 बार ले।

4. शुगर के उपचार में एलोवेरा का प्रयोग कैसे करे – Aloe Vera Benefits

एलोवेरा भी शुगर को कंट्रोल करने मे फायदेमंद हो सकता है। एलोवेरा के सेवन से कुछ दिनों में ही sugar control में आने लगेगी। एलोवेरा के पत्तों को रात भर 1 गिलास पानी मे भिगने के लिए रख दे और सुबह खाली पेट ये पानी पिए। एलोवेरा के पत्तों को छील कर रस को भी पी सकते है और इसकी सब्जी बना कर भी खा सकते है।

5. गेंहू के ज्वारे से sugar control करने के टिप्स

गेंहू के ज्वारे  को धरती की संजीवनी बूटी भी कहते है जिसे अलग अलग बिमारियों के ईलाज मे प्रयोग किया जाता है। जब गेंहू को जमीन में बोने के बाद कुछ दिनों में इसकी पत्तियां निकालने लगती है, इन्हीं पत्तियों को गेंहू का ज्वारा कहते है। 5 से 7 दिन का ज्वारा काफी फायदेमंद होता है, जो शरीर को अच्छे तरीके से काम करने की ताक़त देता है। Wheatgrass शुगर कंट्रोल करने में बहुत लाभकारी है, इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स रक्त में शर्करा के स्तर की विनियमित करता है। टाइप – 2 sugar में भी गेंहू के ज्वारे के रस का सेवन फायदा करता है।

6. मेथी के दाने से मधुमेह कैसे कम करे –

को भी शुगर कंट्रोल करने और रक्त में शर्करा के स्तर को सुधारने के लिए प्रयोग कर सकते है। रात भर पानी में 2 चम्मच मेथी के दाने भिगोएे और सुबह खाली पेट बीजों को चबा चबा कर खाये और पानी पिए या फिर 2 चम्मच मेथी के दानों का पाउडर दूध के साथ ले।

7. Dalchini से शुगर कम करने का तरीक – दालचीनी के औषधीय उपयोग

में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने की क्षमता होती है। 1 कप हलके गर्म पानी 1 चम्मच दालचीनी पाउडर डाल कर हर रोज पिए या फिर 1 कप पानी में 2 से 4 लटें दालचीनी की दाल कर उबाल ले और ठंडा होने के लिए छोड़ दे फिर पिये।

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Last updated on 18/09/2019 11:00 AM

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