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लौंग के फायदे और नुकसान – Cloves Benefits and Side Effects in Hindi

लौंग को अंग्रेजी में क्लोव (Clove) कहते है। ये जीवनी शक्ति को बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी है। इसीलिए ये टी बी, बुखार आदि रोगो में एंटीबायोटिक का काम करती है। यही रक्त को शुद्ध करने और कीटाणुनाशक होती है। लौंग में मुंह, आंते और आमाशय में रहने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं व सड़न को रोकने के गुण है। ये पाचनतंत्र, श्वेताणुवर्धक स्फूर्ति दायक होती है। पाचनतंत्र को सही कर भूख बढ़ाती है और पेशाब अधिक लाती है। लौंग का तेल विभिन्न रोंगो में लाभदायक होता है। इसका तेल सूखे हुए फूल के कली, पत्ती और तने से निकाला जाता है।

लौंग के फायदे और नुकसान - Cloves Benefits and Side Effects in Hindi
Clove in Hindi

लौंग तेल

इसके तेल में तेज गंध वाला उड़नशील तेल रहता है। इसका तेल सल्फर डाई-ऑक्साइड व बेंज़ोइक अम्ल से अधिक सुरक्षित रहता है। इसके तेल सूक्ष्म जीवो को मारने की शक्ति रखता है। इसलिए एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक दवाओं में लौंग का तेल उपयोग किया जाता है। तेल में ऐसे तत्व पाए जाते है। जो रक्त परिसंचरण को स्थिर करते है और शरीर का तापमान ठीक रखते है। लौंग के तेल को त्वचा पर लगाने से उत्तेजक प्रभाव दिखाई देते है। त्वचा गर्मी पैदा करके लाल हो जाती है।

लौंग के उपयोग

गले में दर्दअधिक समय तक जुकाम और खांसी होने पर गले में दर्द हो जाता है। इससे छुटकारा पाने की लिए- 
दो लौंग को लोहे की तवे पर सेक ले। इसे दिन में तीन पर प्रतिदिन चूसे। इससे गले की दर्द में आराम होता है।
पीलियापीलिया हो जाने पर 8 लौंग को पीसकर एक गिलास पानी में रात को सोते समय भिगो दे। सुबह खाली पेट प्रतिदिन इसका पानी लेने से पीलिया ठीक हो जाता है।
जुकाम और बुखारव्यक्ति को बदलते मौसम में जुकाम, बुखार होता रहता है। खासकर सर्दियों के मौसम ये समस्या ज्यादा होती है।
-बीस तुलसी के पत्ते, पांच लौंग और दो कप पानी में थोड़ा सा नमक लेकर उबाले। जब आधा पानी रह जाये तो इसे उतार कर ठंडा कर ले। इसे दिन में तीन बार लेने जुकाम और बुखार में लाभ मिलता है।
-इसके तेल को दो-दो बूँद की मात्रा में रुमाल पर डालकर सूंघे। इससे बंद नाक खुल जाता है और जुकाम में लाभ मिलता है। इससे पीनस रोग ठीक हो जाता है।
भूख न लगनाव्यक्ति तनाव, चिंता, बीमारी आदि कारणों से भूख नहीं लगती है। जिससे व्यक्ति को धीरे-धीरे कमजोरी होने लगती है। और व्यक्ति को अन्य बीमारियां घेर लेती है।
-लौंग के फूल को खाना खाने से पहले मुंह में रखे। और थोड़ी देर बाद कूचकर खा जाये। इससे भूख में बढ़ोत्तरी होती है।
मुहांसेखान-पान सही न हो पाने से या किसी कारणवश चेहरे पर मुहांसे निकल जाते है। जिससे चेहरे की सुंदरता कम हो जाती है। इससे छुटकारा पाने के लिए-
-चार बूँद लौंग का तेल लेकर सरसो या नारियल के तेल पचास ग्राम में मिला ले। इसको चेहरे पर लगाने से मुहांसे ख़त्म हो जाएगी।
खांसीबदलते मौसम के कारण सर्दी, जुकाम और खांसी आम समस्या बन गई है। इससे नाक का बंद होना, खांसी से सीने में दर्द होना, नाक से पानी बहना आदि। लक्षण दिखाई देने लगते है।
-एक कप पानी में चार लौंग को उबालकर बच्चे को दिन में तीन बार पिलाये। व्यस्क एक पानी में आठ लौंग उबालकर दिन में तीन बार पिए इससे खांसी में बहुत लाभ मिलता है।
दांत दर्दगलत खान-पान के कारण या दांत के साफ-सफाई न करने से दांत में कीड़े लगने लगते है। जिससे सड़न पैदा हो जाती है। दांत में दर्द, मसूढ़ों में सूजन, गर्म ठंडा लगना आदि लक्षण दिखाई देने लगते है। इससे छुटकारा पाने के लिए-
-दो लौंग दांतो के बीच में दबाकर रखने या पांच लौंग को पीसकर उसमे निम्बू का रस निचोड़कर दांतो पर मलने से दांत के दर्द दूर हो जाते है।
-लौंग के तेल को रुई के फोहे में लगाकर दांत के दर्द वाले स्थान पर लगाकर रखने दर्द गायब हो जाते है।
मूत्रविकारकिसी भी प्रकार का मूत्रविकार हो दूर हो जाता है। पेशाब में जलन या पेशाब का अधिक आने की समस्या को लौंग दूर करता है।
-पांच लौंग को पीसकर एक गिलास पानी के साथ प्रतिदिन सुबह शाम फंकी ले। इससे मूत्राशय से मूत्रद्वार तक के मार्ग को साफ़ करता है। पेशाब की समस्या को दूर करता है।
सिरदर्दइसके होने के बहुत से कारण है। लेकिन सर्दी-जुकाम से हो रहे सिरदर्द में नाक बंद हो जाना, पानी का स्त्राव रुक जाना, साइनस आदि लक्षण दिखाई देते है। इसे दूर करने के लिए-
-तुलसी के सूखे हुए पंद्रह पत्ते और पांच लौंग ले। दोनों पर थोड़ा सा घी लगाकर आग पर डाल दे और निकलते हुए धुए को सूंघे। इससे रुका हुआ पानी स्त्राव आरम्भ हो जाता है एयर सिरदर्द ठीक हो जाता है।
-लौंग और नमक को साथ में पीसकर ललाट पर लगाने से सिरदर्द में आराम मिलता है।
-दो कप पानी में तीन लौंग को पीसकर उबाले। एक कप पानी के रहने पर गुनगुना पिए। इससे सर्दी-जुकाम में बहुत आराम मिलता है।
  • रात में लौंग खाने के फायदे – लौंग में यूजेनॉल होता है जो साइनस व दांत दर्द जैसी स्वास्थ्य संबंधी बिमारियों को ठीक करने में मदद करता है। लौंग की तासीर भी गर्म होती है, इसीलिए सर्दी में बहुत लाभदायक है। आज हम आपको लौंग के एक ऐसे प्रयोग के बारे में बताएंगे जिसे अपनाने से कुल 5 शारीरिक परेशानियों का अंत होता है।

लौंग के नुकसान – Laung ke Nuksan in Hindi

लौंग के अनेक स्वास्थ्य-लाभ हैं तो कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। गर्म-प्रवर्ति का होने की वजह से अधिक मात्रा में लौंग का सेवन करने से आपके शरीर को इसके नकारात्मक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है, जो कि निम्नलिखित हैं।

  • अत्यधिक रूप से इसका सेवन आपके गुर्दों एवं आँतों को नुकसान पहुँचा सकता है।
    इसमें उपस्थित यौगिक आपके रक्त को पतला बना सकते हैं जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
  • जिन लोगों का रक्त-शर्करा स्तर सामान्य स्तर से कम है उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। यदि आप इसका सेवन कर भी रहे है तो निरंतर अपने रक्त-शर्करा की जांच करते रहें।
  • इसके अत्यधिक सेवन से आपके शरीर में हल्की जलन भी हो सकती है।
  • इससे कामोत्तेजना (delay in orgasm or ejaculation) की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती हैं और आप स्तंभन दोष (trouble in maintaining erection) से भी ग्रस्त हो सकते हैं।
  • यह संभव है कि आपको लौंग से एलर्जी हों।
  • गर्भावस्था एवं स्तन-पान करा रहीं महिलाओं को भी इसका मौखिक सेवन कम करना चाहिए। इसकी एलर्जी प्रतिक्रिया शिशु के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है

परंतु आपको इसके दुष्प्रभाव से डरने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह आपके शरीर को तभी ग्रस्त करते हैं जब आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करें। अतः उचित मात्रा में लौंग का सेवन कर आप इसके दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। अपने शरीर अनुसार लौंग की दैनिक मात्रा सेवन जानने के लिए या फिर इसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रभावों को अच्छे से समझने के लिए आप किसी भी अच्छे डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। वैसे आमतौर पर रोजाना तीन या फिर चार लौंग का ही सेवन करना चाहिए।

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Last updated on 20/11/2019 8:09 PM

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