गर्भावस्था

माँ का दूध बढ़ाने के 10 उपाय – Remedies to Increase Breast Milk Naturally in hindi

Remedies to Increase Breast Milk Naturally

जब कोई माता अपने अंश अर्थात अपने शिशु को जन्म देती है, तो वो उसके जीवन का सबसे खुशनुमा पल होता है. किन्तु जब से वो बच्चा अपने माँ के गर्भ में आता है तब से ही माँ को उसके प्रति अनेक दायित्वों और कर्तव्यों को पूरा करना होता है, इसी तरह जब बच्चा जन्म लेता है तो माँ का सबसे अहम दायित्व होता है कि वो अपने बच्चे को स्तनपान कराएं, क्योकि माता का दूध ही बच्चे की खुराक और शक्ति होता है. ( Remedies That Increase Milk Supply for Breastfeeding )

  • शुरुआत में करीब 10 – 15 दिनों तक तो माँ को पीला दूध होता है जो बच्चे के दिमाग के लिए, उसके स्वास्थ्य के लिए और उसके विकास के लिए बहुत जरूरी होता है.
  • लेकिन कुछ महिलाओं के साथ कुछ ऐसी विडंबना हो जाती है कि उनके स्तनों में दूध ही नहीं आता और आता है तो बहुत कम आता है.

माँ का दूध बढ़ाने के 15 आयुर्वेदिक तरीके – Traditional remedies to increase breastmilk supply in hindi

माता के स्तनों में दूध ना आना बच्चे के विकास पर बहुत बुरा असर डालता है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर शिशु की माँ के स्तनों में दूध ना आयें तो वो पियेगा क्या? उसके शरीर की आवश्यकता कैसे पूरी होगी? उसको अपने जीवनयापन के लिए जरूरी पौषक तत्व जो माँ के दूध से मिलते है वो कैसे मिलेंगे? बिना दूध उसका स्वास्थ्य कैसा होगा? इत्यादि. इन सवालों का जवाब सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेद के पास है

जिसमें कुछ ऐसे आयुर्वेदिक नुस्खे बताएं गएँ है जिनको अपनाकर नवजात शिशु को वो सब पौषक तत्व दिए जा सकते है जो उन्हें उनकी माँ के दूध से मिलते है.

मां का दूध बढ़ाता है शतावर ( Asparagus and Milk ) 

अगर माता को कम दूध आता है तो उनको 1 ग्लास दूध में 2 ग्राम शतावर मिलाकर देना चाहियें, ये उनके स्तनों में दूध की मात्रा में इजाफा करता है और माता को भरपूर दूध आता है, जिसे पीकर बच्चा अपनी भूख को भी मिटा सकता है और पौषक तत्वों को भी पा सकता है. CLICK HERE TO KNOW स्तन घटाने के आयुर्वेदिक उपाय …

शतावर और दूध

शतावर और अश्वगंधा – Asparagus and Ashwagandha for Mother Breast Milk in hindi

ठीक इसी तरह आप अश्वगंधा, रुद्रवंती और शतावर को बराबर मात्रा में मिलाकर एक चूर्ण तैयार करें और उसको रोजाना दिन में दो बार ( सुबह और शाम ) 2 – 3 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ लें.

पिप्पली और शतावर- Asparagus and Long Pepper  for Breastfeeding mothers can increase milk in hindi

बच्चे को हष्ट पुष्ट रखने के लिए और माता के स्तनों में दूध की मात्रा को बढाने के लिए माता को नियमित रूप से 2 ग्राम शतावर का चूर्ण और 1 ग्राम पिप्पली का चूर्ण मिलाकार लेना है.

मुलहेठी और शतावर – Asparagus and Liquorices  

वे माताएं जो इस समस्या से पीड़ित है उन्हें मुलहेठी और शतावर के पाउडर को दूध में पकाना है और उस दूध को पीना है. इस तरह उनके स्तनों में दूध बनने लगता है और इस दूध को पीकर बच्चा भी स्वस्थ रहता है और उनके दिमाग का शीघ्र विकास होता है.

कदम्ब का फल और शतावरी चूर्ण ( Asparagus and Kadamb Tree Fruit ) – 

कदम्ब का पेड़ आयुर्वेद में अनेक रोगों से मुक्ति के लिए प्रयोग में लाया जाता है और अगर इसके फलों का चूर्ण और शतावर का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर प्रयोग किया जाएँ तो ये उन माताओं के लिए बहुत लाभदायी होता है जिनको प्रजनन के बाद दूध नहीं निकलता.

शीशम के पत्ते ( Rosewood Leaves ) – 

कुछ शीशम के पत्ते लें और उन्हें पीसकर लुगदी तैयार करें, इस लुगदी के स्तनों पर कुछ घंटे लगा रहने से स्तनों में दूध की मात्रा में आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ोतरी होती है. जिसे नवजात शिशु पीकर अपने स्वास्थ्य को बनायें रख पाता है.

करेला ( Bitter Gourd ) –

 करेला खाने में तो बहुत कडवा होता है किन्तु इसके लाभ बहुत मीठे होते है, अगर माताएं ( जिनको दूध ना आने की समस्या है ) रोजाना इसकी सब्जी खाएं तो उनके स्तनों में जल्दी दूध खत्म नहीं होता. साथ ही अक्सर देखा गया है कि प्रजनन के बाद महिलाओं को जोड़ों में दर्द होना आरम्भ हो जाता है किन्तु करेला उनके शरीर को उर्जावान भी बनायें रखता है और उनके जोड़ों को भी स्वस्थ रखता है.

करेला

शीशम की लुगदी ( Rosewood Pulp ) – 

जिस तरह महिलाओं को शीशम की लुगदी अपने स्तनों पर कुछ घंटे लगानी थी ठीक उसी तरह पीड़ित पशु के स्तनों पर शीशम के चूर्ण से बनी लुगदी को 7 – 8 घंटों को लिए लगा रहने दें. इससे उनके स्तनों में भी दूध की मात्रा बढती है.

 मुलेठी ( Liquorices ) –

एक अन्य उपाय के अनुसार पशुओं को चारे में 100 ग्राम मुलेठी की जड़ का चूर्ण खिलाये. ये उपाय उनके पेट के विकारों को दूर करता है और उनके स्तनों में दूध की मात्रा को बढाने में मदद करता है. साथ ही जो इंसान इन पशुओं का दूध पीता है उनके भी शरीर के रोग दूर होते है और वे रोगमुक्त रहते है.

Natural ways to increase breast milk के अन्य आयुर्वेदिक उपायों को जानने के लिए आप तुरन्त नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.

2 Comments

  • Mujhe 7june ko beta hua hai or ab achanak se mere breast milk ana bnd ho gaya ek do boond hi ata hai mai boht preshan hu mere bache k liye mera doodh boht zayada jruri hai kyunki ye pre mature hai or iske heart mei bhi hole hai

    • satawar ka powder 1 chammach rojana subah aur sham ko garm dudh ke saath le. kuchh hi dino me aapke breast me bharpur dudh hone lagega.

Leave a Comment