घरेलु नुस्खे

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना -विभिन्न औषधियों से उपचार

Hydrocele

Hydrocele: Causes, Types, and Treatments – हीड्रोसिल या अंडकोष का बढ़ना पुरुषों को होने वाला रोग है। जिसमे अण्डकोष के अंदर जमा होता है जिसके कारण वृषण के आकर में वृद्धि होने लगती है। अण्डकोष के ऊपर की चमड़ी टाइट यानी सख्त होने लगती है। कभी-कभी एक तरफ का मांस भी बढ़ जाता है। यह अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना कहलाता है। इस रोग के शुरूआत में ध्यान न देने से यह रोग और बढ़ जाता है।

भोजन तथा परहेज :

इस रोग में केवल सूखा भोजन करना चाहिए। दही, पके केले, मिठाई और ठंड़ी चीजों को खाने से बचना चाहिए।

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना का घरेलू उपचार – Swollen testicles heal with natural remedies

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना का घरेलू उपचार - Swollen testicles – heal with natural remedies
  • कंटकरंज – कंटकरंज के बीजों का चूर्ण एरण्ड के पत्ते पर डालकर अण्डकोष के बढ़े हिस्से और अण्डकोष की सूजन वाली जगह बांधने, और लगभग आधा से 1 ग्राम कंटकरंज के बीजों की मज्जा सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ सेवन करने से अधिक लाभ होता है।
  • छोटी कटेरी – छोटी कटेरी की जड़ की छाल कच्ची और गीली हो तो 15-20 ग्राम, और सूखी हो तो 10 ग्राम, में 6 ग्राम कालीमिर्च, दोनों को अच्छी तरह से पीसकर मिलाकर 1 कप पानी में घोलकर, नित्यक्रिया से निवृत होने के बाद सेवन करायें। इसे लगातार 1 सप्ताह तक इसका सेवन करने से अण्डकोष के एक सिरे की वृद्धि ठीक हो जाती है।
  • भिलावा – भिलावा और हल्दी घिसकर अण्डकोष की वृद्धि पर लेप करें। साथ ही कण्डे की आग से सिंकाई करें, इससे अण्डकोष की वृद्धि नष्ट होती है।
  • आक – आक के पत्तों में शुद्ध सरसों तेल लगाकर आग पर सेंक करें, या अण्डकोष पर बांध दें। इसे रात में सोते समय प्रयोग करें। सुबह इसे उठकर खोल दें। इससे लाभ होता है।
  • धतूराधतूरे के ताजे पत्ते पर सरसों के तेल के लेप को आग में सेंक दें। फिर उसे अण्डकोष पर बांध दें। रोजाना रात में सोते समय इस उपचार को करें। इससे अण्डकोष की वृद्धि ठीक हो जाती है।
  • लकजन – लकजन को पीसकर अण्डकोष के बढ़े वाले जगह पर बांधने से अण्डकोष में लाभ होता है।
  • एरण्ड – 2 चम्मच एरण्ड तेल सुबह-शाम दूध में मिलाकार सेवन करने से अण्डकोष के वृद्धि ठीक हो जाती है, साथ ही इस तेल की मालिश भी करनी चाहिए।
  • महुआ – महुआ के ताजे फूलों, को लेकर पानी में डालकर उसे उबालें, जब भाप निकलने लगे तो उस भाप से अण्डकोष को सेंके। इससे अण्डकोष में होने वाले दर्द, और अण्डकोष की वृद्धि ठीक हो जाती है।
  • अरहर – अरहर की दाल को पानी में भिगो दें। उसी पानी में उसे बारीक पीसकर थोड़ा गर्म करें। इसके बाद उसे अण्डकोष पर लगायें। इसे सुबह-शाम कुछ दिनों तक ऐसा ही करने से अण्डकोष में लाभ होता है।
  • किशमिश – किशमिश को रोजाना खाने से अण्डकोष का बढ़ा हुआ हिस्सा ठीक होता है।
  • मोरवा – मोरवा का फल कमर में बांधने से अण्डकोष के बढे़ हुए एक सिरे की वृद्धि ठीक हो जाती है।
  • आम के पेड़ पर के बांझी (बान्दा) को गाय के मूत्र में पीसकर अण्डकोष के बढ़े हिस्से पर लेप करने और सेंकने से लाभ होता है।
  • आम के पत्तों को नमक के साथ पीसकर लेप करें। इससे अण्डकोष का वृद्धि और पानी भरना बन्द हो जाता है।
  • चने – चने के बेसन को पानी और शहद में मिलाकर अण्डकोष के सूजन पर लगाने से लाभ होता है।
  • तंबाकू – तंबाकू के ताजे पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर आग पर सेंकने से अण्डकोष को लाभ मिलता है।
  • करंज – चावल के पानी मे करंज की जड़ को घिसकर लेप करना चाहिए।

 

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