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आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार से बांझपन का इलाज

home remedies to cure infertility बांझपन, प्रजनन प्रणाली की एक बीमारी है जिसके कारण किसी महिला के गर्भधारण में विकृति आ जाती है। महिलाओं में बांझपन का सबसे सामान्य कारण मासिक चक्र में गड़बड़ी है। इसके अलावा गर्भ नालियों का बंद होना और जननांग में गड़बड़ी आ जाना भी कारण हो सकता है। ऐसा नहीं है कि बांझपन केवल महिलाओं के कारण ही होता है। पुरुषों में शुक्राणु का कम होना या अंड़े तक पहुंचकर उसे उर्वर बनाने में शुक्राणु की असमर्थता होना भी एक कारण हो सकता है।

बांझपन दूर कर गर्भ धारण करने के घरेलु आयुर्वेदिक उपचार

अत्यधिक-तनाव, शराब्, धुम्रपान, बढ़ती उम्र, अधिक या कम वजन, यौन संक्रमित रोग, पोषण की कमी और अत्यधिक शारीरिक-प्रशिक्षण ये कुछ ऐसे कारण है जिसकी वजह से महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार् नियमित आहार और पौष्टिक आहार लेकर इस समस्या से कुछ हद तक निजात पाया जा सकता है।

आनार Pomegranate

anar jus ke phayde

रोजाना आनार का सेवन आपके बॉडी को फायदा देता है।यह गर्भाशय के रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है, और गर्भाशय की दीवारों को मोटा करके गर्भपात की संभावना को कम करने के लिए सहायक है। साथ ही, यह भ्रूण के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देता है।

दालचीनी Cinnamon

दालचीनी Cinnamon

दालचीनी बांझपन से लड़ने में प्रभावशाली सिद्ध हो सकती है। गर्म पानी के एक कप में, दालचीनी पाउडर काएक चम्मच मिलाएं। कुछ महीनों के लिए दिन में एक बार इसे पीते रहें। इसके अलावा, अपने अनाज, दलिया, और दही पर भी दालचीनी पाउडर का छिड़काव करके इसे अपने आहार में शामिल करें।

अश्वगंधा Ashwagandha

अश्वगंधा Ashwagandha

हार्मोनल-संतुलन को बनाए रखने और प्रजनन अंगों के समुचित कार्य-क्षमता को बढ़ाने में मददगार यह जड़ी बूटी बार-बार हुए गर्भपात के कारण, शिथिल-गर्भाशय को समुचित आकर में लाकर उसे स्वस्थ बनाने में मदद करती है। गर्म पानी के एक गिलास में अश्वगंधा चूर्ण का 1 चम्मच मिश्रण बनाकर, दिन में दो बार लें।

संतुलित आहार balanced diet

संतुलित आहार balanced diet

प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए आप संतुलित आहार खाएं। एक स्वस्थ, संतुलित आहार स्वास्थ्य की उस दशा या बीमारियों को रोकने में मदद करता है जो बांझपन का कारण हो सकती हैं।

आयुर्वेद Ayurveda

आयुर्वेद Ayurveda

महिला-बांझपन के इलाज में आयुर्वेद एक महत्वपूर्ण कारण बन सकता है। इसके लिए आप कुछ दिन तक धूप में एक बरगद के पेड़ की कोमल जड़ों को सुखाएं। फिर इसका महीन चूरण बनाकर एक बंद डिब्बे में रख लें। एक गिलास दूध में चूरण के 1 से 2 बड़े चम्मच मिलाएं। माहवारी का समय खत्म होने के बाद लगातार तीन-रातों के लिए, खाली पेट इसे एक बार पियें। इसे पीने के बाद एक घंटे के लिए कुछ भी खाने से बचें।

योग Yoga

योग Yoga

नाड़ीशोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, पश्चिमोत्तानासन, हस्तपादासन, जानू शीर्षासन, बाधा कोनासना, विपरीत-करणी और योग निद्रा इत्यादि यह कुछ ऐसे आसन है जिसकी मदद से प्रजनन क्षमता को बढ़ावा दिया जा सकता है। याद रखें, योग का लाभ लेने के लिए इसे ठीक-प्रकार से किया जाना चाहिए।

खजूर Dates

खजूर Dates

खजूर में कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे कि विटामिन ए, ई और बी, लोहा और अन्य जरूरी खनिज तत्व जो गर्भ धारण करने के लिए, आपकी क्षमता को बढाने में मदद कर सकते हैं।

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2 Comments

  • आज कल बहुत से लोगो में ये बीमारी फैल रही है; यह जानकारी प्राप्त करके लोगो को काफी राहत मिलेगी।

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