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Hindi Moral Story For Kids : नैतिक शिक्षा पर आधारित कहानी शिक्षाप्रद कथाएँ

प्रेरक कहानियाँ (short moral stories for kids in hindi) इंसान को निराशा से आशा की ओर ले जाने का मार्ग दिखाती हैं। प्रेरक कहानियाँ (hindi short stories) पढ़ने से इंसान के आचार और विचारों में सकारात्मक भावना आती है:-

सुनयना नाम की एक औरत की कहानी The story of a woman named Sunaina

नाम उसका सुनयना था, लेकिन वह देख नहीं पाती थी। वह भीख मांगती थी। शाम को घर पहुंचते ही दस वर्ष का बेटा मोहन दौडकर उससे चिपट जाता। भीख में मिले रूपये सुनायना जमीन के नीचे गडी एक हांडी में रखती थी।
एक दिन जब हांडी भर गई, तो उसने नगर के प्रसिद्ध और धर्मात्मा सेठ बनारसीदास के पास उसे जमा करवां दिया, ताकि भविष्य में काम आए। दो वर्ष बाद एक दिन सुनयना का बेटा बीमार पडा। दवा-दारू, झाड-फूंक और टोने-टोटके का भी कोई फायदा नहीं हुआ। डाॅक्टरो से इलाज की बात आते ही वह पैसों के लिए सेठ जी के पास पहुंची। Read Continue….

कर्म का मर्म एक कहानी Karma heart of a story

यह लघु-कथा अत्यंत प्रेरक हैं : एक हवेली के तीन हिस्सों में तीन परिवार रहते थे। एक तरफ कुंदनलाल, बीच में रहमनी, दूसरी तरफ जसवंत सिंह। उसीदिन रात में बारह बजे रहमनी के बेटे पप्पू के पेट में दर्द हुआ कि वह दोहरा हो गया और जोर-जोर से रोने लगा।
मां ने बहलाया, पर वह वह चुप न हुआ। उसके रोने से कुंदनलाल की नींद खुल गई।
करवट बदलते हुए उसने सोचा, ‘कमबख्त ने नींद ही खराब कर दी। अरे, तकलीफ है तो सहो, दूसरो को तो तकलीफ में मत डालो। और कुंदनलाल फिर खर्राटे भरने लगा। नींद जसवंत सिंह की भी उचट गई। उसने करवट बदलते हुए सोचा- ‘ बच्चा कष्ट में है। हे भगवान, तू उसकी आंखों में मीठी नींद दें कि मैं भी सो सकूं। हवेली के सामने बुढिया राम दुलारी अपनी कोठरी में रहती थी। उसकी भी नींद उखड गई। लाठी उठाई और खिरकी के नीचे आवाज देकर कहा Read Continue….

अहमक नाम के राजा की कहानी The story of the king named insensate

ख्वाहिशों का कभी कोई अंत नहीं।
मिडास नामक लालची और अहमक राजा के पास काफी सोना था। जितना सोना वह जमा करता। उतना ही ज्यादा सोना पाने की उसकी भूख बढ़ती जाती थी। एक दिन उसके पास एक फ़क़ीर आया और बोला, कि वह उसकी कोई एक मनमोहक पूरी कर सुनकर बहुत खुश हुआ और बोला, मैं जिस चीज को छू लूं वह सोना बन जाएं।
फ़क़ीर ने तुरन्त ही होने का आशीर्वाद दिया। अगले दिन जब वह सोकर उठा। उसने अपने पलंग को छुआ। तो पलंग सोने का हो गया। मिडास कि प्यारी बिटिया बाहर बगीचे में खेल रही थी। मिडास ने सोचा कि वह बाहर जाकर उसे अपनी करामाती शक्ति दिखाकर खुश कर देगा। वह हर चीज को छूने लगा। उसने एक किताब को छुआ। वह पालक झपकते ही सोने कि किताब बन गई। Read Continue…

अकबर बीरबल की हिन्दी कहानियाँ– Moral Story

अकबर बीरबल – Akbar Birbal hindi story : एक बार शहंशाह अकबर (Akbar) एंव बीरबल (Birbal) शिकार पर गए और वहां पर शिकार करते समय अकबर की अंगुली कट गयी| अकबर को बहुत दर्द हो रहा था| पास में खड़े बीरबल( Birbal ) ने कहा – “कोई बात नहीं शहंशाह, जो भी होता है अच्छे के लिए ही होता है|” अकबर( Akbar ) को बीरबल की इस बात पर क्रोध आ गया और उसने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि बीरबल को महल ले जा कर कारागाह में डाल दिया जाये| सैनिकों ने बीरबल को बंधी बना कर कारागाह में डाल दिया एंव अकबर अकेले ही शिकार पर आगे निकल गए| रास्ते में आदिवासियों ने जाल बिछा कर शहंशाह अकबर को बंधी बना लिया और अकबर की बली देने के लिए अपने मुखिया के पास ले गए| जैसे ही मुखिया अकबर की बली चढाने के लिए आगे बढे तो Read Continue…

chalak lomdi story in hindi चालाक लोमड़ी

chalak lomdi story in hindi : एक दिन गदहा कहीं से घूमता फिरता उस जंगल में पहुंचा. लोमड़ी ने सोचा कि कहीं ऐसा न हो यह गदहा जंगल के छोटे मोटे जानवरों को मेरी चालाकियां समझा दे, तो हम कहीं के भी नहीं रहेंगे. अतः उसने सोचा कि क्यों न गदहा से भी दोस्ती का हाथ बढ़ा कर फिर उस का शिकार कर दिया जाय. वह बहुत ही विनम्र भाव में बोली, कि भाई तुम्हारा नाम क्या है,
और कहाँ से और किस प्रयोजन से यहाँ आना हुआ. गदहे ने अपना परिचय बता दिया. लोमड़ी ने कहा कि बड़ा अच्छा हुआ तुम आ गए अब हम तुम एक मित्र की भांति रहेंगे. गधा बिचारा सीधा सादा था उसे छल प्रपंच की बातें आती नहीं थी वह क्या समझता कि लोमड़ी के मन में क्या पक रहा है Read continue…

satsang story in hindi गुरु करो जानकार

satsang story in hindi : एक राजा महात्मा जी के पास जंगल में जाया करते थे. एक दिन राजा ने महात्मा जी से प्रार्थना की कि वो चलकर उनके महलों में रहे. महात्मा ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली. राजा ने महात्मा जी कि सारी व्यवस्था कर दी. खाना बनाने के लिए एक महाराजिन रख दिया. कुछ दिन बाद महाराजिन और महात्मा जी को लेकर खुसुर फुसुर होने लगी.
राजा से किसी को कहने की हिम्मत नहीं थी, रानी के पास लोगो ने आकर चर्चा की. रानी ने राजा से लोगो के विचार बताये और कहा की यह ठीक नहीं हो रहा है. राजा ने कहा कि रानी! मेरे मन में तो कोई बात नहीं आई लेकिन तुम्हारा मन भ्रमित हो गया. Read continue…

yeshu masih story in hindi किसका त्याग अधिक

एक समय की बात है कि ईसा-मसीह ने खुदा को याद करने के लिए एक चर्च की स्थापना करना चाहा और धन एकत्र किया गया तो बड़े-२ धनवानों ने लाखों रूपये दान के रूप में दिया | मगर एक गरीब कंगाल बुढ़िया ईसा के पास पहुंची, उसने अपनी गाँठ से एक पैसा जो उसकी सारी पूंजी थी. और बरसों से उसके पास वही एक पैसा बचा पड़ा था,
ईसा को जाकर दिया और कहा की यही मेरे सारे जीवन की कमाई का धन है, इसे स्वीकार कर लीजिए. ईसा मसीह ने बड़ी प्रसन्नता से पैसे को ले लिया. बुढ़िया का नाम दानियों में सबसे ऊपर लिखा गया, जब लोगों को मालुम हुआ तो बड़े-२ सेठों ने मसीहा से कहा कि उन्होंने तो बहुत धन दिया फिर उनका नाम नीचे क्यों रखा गया और एक पैसा देनी वाली बुढ़िया का नाम सबसे ऊपर लिखा गया. Read continue…

hindi story for children असली बलि

प्राचीन काल में प्रेमाचार्य एक महामुनि रहते थे| ऊपरी दिखावट से वे बहुत दूर रहते थे| यानी तिलक भसम आदि का सेवन नहीं करते थे| शिष्यों को उपदेश देते थे| सारी सृष्टि उनके दृष्टि में “सत्य शिवं सुन्दरं” थी| उसी देश में एक राजा श्री भूरि सिंह रहते थे| उन्होंने प्रेमाचार्य का नाम सुना था पर कौन अम्बर को धारण करते हैं? नरेश को यह ज्ञात नहीं था |
सपने में एक दिन महादुर्गा आकार राजा से कहीं – “सप्ताह के अन्दर ही बलि करो अन्यथा राज्य का दुर्गत होगा|” राजा सोच में पड़ गये| किसको बलि करें? यह सोचते ही बाग में टहलने चले| उन्होंने वहां देखा कि एक साधारण वेश वाला आदमी जिसके चेहरे से आभा दमक रही थी, Read continue…

Rani Padmavati ki story रानी पद्मावती कहानी

रानी पद्मिनी के पिता का नाम गंधर्वसेन था और माता का नाम चंपावती था। रानी पद्मनी के पिता गंधर्वसेन सिंह सिंघल द्वीप के राजा थे। बचपन में पद्मिनी का एक तोता था, जिसका नाम “हिरमणी” था। जिनके साथ उन्होंने अपना अधिकांश समय बिताया बचपन से पद्मनी बहुत सुंदर थी जब वह किशोरवस्था से जवान हुई तो उनके पिता ने अपनी पुत्री के लिए योग्य वर के लिए उनके स्वंवर का आयोजन किया। इस स्वंवर में उन्होंने सभी हिंदू राजाओं और राजपूतों को बुलाया। एक छोटे से राज्य के राजा मल्खान सिंह भी स्वंवर में आए थे।
राजा रावल रतन सिंह पहले से ही विवाह कर चुके थे। एक पत्नी के होने के बावजूद स्वंवर गए थे। प्राचीन समय में, राजा एक से अधिक विवाह करते थे, राजा रावल रतन सिंह ने स्वंवर में मल्खान सिंह को पराजित किया और पद्मावती से शादी कर ली। शादी के बाद राजा रावल रतन सिंह Read continue…

panchtantra ki kahaniya गरीबों की झोंपड़ी का मूल्य एक गरीब ही जानता है

पुराने समय की बात है, काशी में वीरबाहु नाम के एक राजा राज्य करते थे| रात- दिन वे प्रजा के सुख की चिंता करते थे| वे अपनी प्रजा को पुत्र के समान प्यार करते थे| इसीलिए उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी थी| उनका न्याय बड़ा निष्पक्ष होता था| वे अपराधी को बहुत कड़ी सजा देते थे| उनके न्याय की चारों ओर धूम थी| वीरबाहु की रानी का नाम सुमति था|
वह अपने बाप की इकलौती बेटी थी, इसलिए उसका बचपन बड़े लाड़-प्यार में बीता था| अधिक लाड़-प्यार से उसका स्वभाव कुछ हठी और घमंडी था लेकिन फिर भी ससुराल में उसकी बड़ी इज्जत थी | उसके रूप तथा गुण के कारण राजा भी उसे बहुत चाहते थे| Read continue…

बनावटी दर्द hindi short stories

माँ एक दिन चौके में खीर बना रही थी. … उसका बच्चा कहीं खेलते – खेलते गिर पड़ा और बड़ी जोर से चीख कर रोया. तो, माँ खीर को छोड़कर भागी और बच्चे को उठा लिया तब तक खीर मैं उबाल आ गया. वह सारी खीर जमीन पर गिर गई. माँ ने बच्चे को चुप कराया, उसे मिठाई दी और जो कुछ भी थोड़ी बहुत खीर बची थी उसे ठंडा करके बच्चे को खिलाया. बच्चा बोला की माँ तुम मुझे इतना चाहती हो की तुमने खीर को भी कुछ नहीं समझा. माँ बोली – “हाँ बेटा.” बच्चे को प्यार मिला और फिर खेलने लगा. एक दिन बच्चे ने सोचा की उस दिन तो माँ ने बहुत प्यार किया था और खीर भी खिलाई थी. आज कई दिनों से खीर भी नहीं बनी. यह सोच वह जमीन पर गिरा और बड़ी जोर से “चिल्लाया:. माँ चौके मैं बैठी रही और टस से मस नहीं हुई , की उसके पास जाये. अपना खाना बनाती रही और बच्चा चिल्लाता रहा. वह घंटों चिल्लाता रहा पर माँ उठकर नहीं गई.  Read continue…

ईमान को खराब कर देता है Stories For Kids in Hindi

Stories For Kids in Hindi : एक गांव में धोबी परिवार में झगड़ा हुआ. धोबिन — चुपचाप घर से निकल गई और शहर में जाकर एक धर्मशाला में रहने लगी. एक दूसरे गांव में — एक धुनियां परिवार में झगड़ा हुआ. —- कड़ेरा (धुनियां) भी घर से नाराज़ होकर शहर कि ओर चला गया और उसी धर्मशाला में रहने लगा जिसमें धोबिन रहती थी.
कुछ दिन बाद कड़ेरे ने उस स्त्री से पूछा कि तुम किस जाति की हो. स्त्री ने सोचा कि छोटी जाति क्यों बताई जाय और बोली कि मैं ब्राम्हण हूँ. कड़ेरे ने भी वही बात सोची और कहा कि मैं भी ब्राम्हण हूँ. वह फिर बोला कि मैं ब्राम्हण और तुम भी ब्राम्हण –
मैं भिक्षा मांग कर लाऊँगा और तुम भोजन बना दिया करो. धोबिन ने कहा कि ठीक है. अब दोनों उसी धर्मशाला में रहने लगे. कड़ेरा भिक्षा मांगकर लाता था और धोबिन  Read continue…

hindi devotional stories करम बरस रहे हैं

एक बार देवताओं ने सभा की | उस सभा में एक प्रस्ताव स्वीकृत हुआ कि गंगा जी मृत्युलोक में सभी प्राणियों के पापों को लेती है अतः वह सबसे बड़ी पापिनी है और अब उन्हें सभा में नहीं आने दिया जाएगा | जब गंगा जी ने सुना तो वे सभा में आकर बोलीं, देवताओं ! यह आपका कहना ठीक है कि मैं मृत्युलोक में सब के पापों को लेती हूं किन्तु मैं तो सारे पापों को समुंद्र में डाल देती हूं |
अपने पास नहीं रखती | देवताओं ने कहा ‘यह बात तो ठीक है | अच्छा ! तो वरुण देवता अब सभा से बाहर हो जांय क्योंकि वे सबसे बड़े पापी हैं |’ वरुण देवता ने हाथ जोड़कर कहा कि देवताओं ! मैं गंगा जी से पाप तो लेता अवश्य हूं किन्तु मैं भी उसे अपने पास नहीं रखता | उन पापों को मैं मेघों को दे देता हूं | Read continue…

guru nanak moral stories in hindi गद्दी का मालिक

एक बार नानक जी अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए थे| उनका पुत्र भी वहीं बैठा हुआ था| उसने हाथ जोड़ कर कहा कि पिता जी! अपनी गद्दी का मालिक मुझे बनाइयेगा| उसकी बातों को सुनकर नानक जी चुप हो गये| जाड़े के दिन थे. नानक जी अपने प्रेमियों के साथ प्रातःकाल वायु सेवन करने के लिए निकले थे. सामने एक लकड़हारा सिर पर एक भारी बोझ लादे चला आ रहा था. सर्दी से उसके पैर ठिठुर रहे थे| बदन पर ठीक से कपड़ा भी नहीं था. लगता था कि अभी वो गिर जायेगा. नानक जी को दया आई और वे अपने पुत्र से बोले कि बेटा! इस बिचारे लकड़हारे के बोझ को उठा कर घर तक पहुंचा दो. लड़का संकोच में पड़ गया और धीरे से बोला कि पिता जी! आपके साथ इतने लोग हैं किसी से कह दीजिए| मैं बोझ को न उठा पाऊँगा. Read continue…

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