Breaking News
Home / घरेलु नुस्खे / आयुर्वेदिक पौधे / हल्दी के औषधीय गुण – जानिए हल्दी के चमत्कारिक गुण एवं स्वास्थ्य लाभ

हल्दी के औषधीय गुण – जानिए हल्दी के चमत्कारिक गुण एवं स्वास्थ्य लाभ

हर रसोई घर में हल्दी आमतौर पर पाई जाती है और हम भारतीयों का खाना तो मानो हल्दी बिन अधूरा ही है। हल्दी सर्वगुण संपन्न एंटीबायोटिक्स तो है ही, साथ ही साथ प्राकृतिक चमत्कार के रूप में भी इसकी ख्याति है। हल्दी के पीले चटकीले रंग के कारण इसे “भारतीय केसर” का भी नाम दिया गया है। हल्दी रसोई घर की शान तो होती ही है साथ ही साथ इसमें पौष्टिक गुण भी पाए जाते हैं। यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों के उपचार के लिए कारगर साबित होती है। आइए जानते हैं हल्दी के अन्य फायदे।

प्रोस्टेट कैंसर से बचाव

इसमें कैंसर से लड़ने के गुण भी पाए जाते है। पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने की सम्भावना ज़्यादा होती है। कच्ची हल्दी का सेवन करने से प्रोस्टेट सेल्स को रोका जा सकता है अथवा कच्ची हल्दी इन सेल्स को ख़त्म भी करती है।

सर्दी-जुक़ाम में फायदेमंद :

यह एक आम सी बात है कि जब भी ज़ुकाम होता है अक्सर हल्दी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। इसके एंटीबायोटिक गुणों के कारण, यह सर्दी के इलाज में रामबाण साबित होती है। यह युक्ति रेडिकल्स से लड़ने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्त्रोत है।

मधुमेह रोगियों के लिए बेहद लाभदायक :

इसमें अनेक प्रकार के गुण होते हैं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ गुण यह भी है कि हल्दी हमारे शरीर में इन्सुलिन और ग्लूकोज़ की मात्रा को संतुलित रखती है। इन्सुलिन और ग्लूकोज़ के संतुलन से मधुमेह का इलाज आसानी से किया जा सकता है।

मोटापा घटता है :

मोटापा आज कल आम समस्या बन चुका है, ऐसे में कच्ची हल्दी का उपयोग वरदान के समान है। कच्ची हल्दी को दूध में डालकर रख दिया जाए और फिर दूध को गुनगुना करके पी लिया जाए। यह उपाय मोटापा कम करने में कारगर साबित होता है।

इसके सेवन से होती हैं हड्डियां मज़बूत :

इसका सेवन करने से हड्डियां भी मज़बूत होती हैं। जोड़ों के दर्द के लिए हल्दी का सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है। कच्ची हल्दी, हड्डियों से सम्बंधित बीमारियाँ होने से भी रोकती है।

चेहरे पर निखार

त्वचा के लिए भी हल्दी रामबाण के समान है। ज़्यादातर सौन्दर्य उत्पादों में हल्दी शामिल की जाती है। रोज़ाना कच्ची हल्दी को दूध में मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार बना रहता है। इसके उपयोग से त्वचा पर पड़े धब्बे भी ठीक होने लगते हैं।

एंटीसेप्टिक गुण

इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी पाए जाते हैं। यदि चोट लगने पर खून आने लगे तो हल्दी लगाई जा सकती है। आयुर्वेद के अनुसार हल्दी को ब्लड प्यूरीफायर माना गया है। हल्दी, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मज़बूत करती है। इसमें एंटीबैक्टेरियल गुण भी पाए जाते हैं।

गठिया के मरीज़ों के लिए रामबाण :

हल्दी वाले दूध के वैसे तो अनेक फायदे हैं लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह गठिया के मरीजों के लिए अत्यंत लाभदायक है। यह जोड़ों और मांसपेशियों को लचीला बनाती हैं और गठिया में होने वाले दर्द का भी निवारण करती है।

शहद Honey

शहद का नियमित सेवन सर्कुलेटरी सिस्टम और रक्त की केमिस्ट्री में संतुलन को पाने में न सिर्फ आपकी मदद करता है, बल्कि आपको ऊर्जावान और फुर्तीला भी बनाए रखता है। अगर आपको निम्न रक्तचाप की शिकायत है और अगर आप नीचे बैठे-बैठे अचानक उठने की कोशिश करते हैं तो आपको चक्कर आ जाते हैं। निम्न रक्तचाप का मतलब दिमाग में ऑक्सीजन का कम मात्रा में पहुंचना है। इसी तरह से अगर आप अपना सिर नीचे करते हैं और आपको चक्कर आते हैं तो इसका मतलब है कि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है। या तो उच्च रक्तचाप की वजह से या फिर ऑक्सीजन की कमी की वजह से आपको चक्कर आते हैं।

  • शहद का सेवन हमारे शरीर के इन असंतुलनों को दूर करता है।
  • शरीर में रक्त का दबाव शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है।
  • लोगों को लगता है कि उच्च रक्तचाप एक बीमारी है,
  • लेकिन सच्चाई यह नहीं है। दरअसल, शरीर अपनी जरूरतों के हिसाब से खून का दबाव तय करता है।
  • अगर किसी कारण वश शरीर को सामान्य रूप से ज्यादा ऑक्सीजन या पोषक तत्वों की जरूरत होती है
  • या फिर खून की गुणवत्ता वैसी नहीं होती,
  • जैसी होनी चाहिए तो शरीर का खून पंप करने वाला पंपिंग सिस्टम ज्यादा खून पंप करना शुरू कर देता है।
  • इसके लिए अंगों में शीघ्र और तेज प्रवाह के लिए दिल तेजी से खून को पंप करता है, जिससे खून का दबाव बढ़ता है।

शरीर में रक्त शर्करा का स्तर

शरीर पर सफेद चीनी के हानिकारक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। शहद उसका एक बढ़िया विकल्प है जो उतना ही मीठा है मगर उसका सेवन अहानिकर है। हालांकि शहद के रासायनिक तत्वों में भी सिंपल शुगर होती है मगर वह सफेद चीनी से काफी भिन्न होती है। उसमें करीब 30 फीसदी ग्लूकोज और 40 फीसदी फ्रक्टोज होता है यानि दो मोनोसेकाराइड या सिंपल शुगर और 20 फीसदी दूसरे कांप्लेक्स शुगर होते हैं। शहद में एक स्टार्ची फाइबर डे‍क्सट्रिन भी होता है। यह मिश्रण शरीर में रक्त शर्करा का स्तर संतुलित रखता है।

सर्दी-जुकाम

अगर आप सर्दी-जुकाम से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं या आपको हर सुबह बंद नाक से जूझना पड़ता है, तो नीम, काली मिर्च, शहद और हल्दी का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। यहां कुछ सरल उपचार दिए गए हैं:
काली मिर्च के 10 से 12 दानों को दरदरा कूट लें और उन्हें दो छोटे चम्मच शहद में रात भर भिगो कर रखें। सुबह खूब अच्छी तरह चबाते हुए काली मिर्च के दाने खा लें। आप शहद में थोड़ा हल्दी भी मिला सकते हैं।
अन्‍य –