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नवग्रह शांति के लिए धारण करे इन जड़ी बूटियों को पाए चमत्कारी परिणाम !

Navgrah shanti se sambandhit jadi butiyan – सम्बन्धित ग्रहों की जड़ों को, शुभ चंद्रमा में पहले गुग्गुल की धूप देकर अभिमंत्रित कर गले में धारण करना चाहिए । क्या करें जब Shani अशुभ हो, जानिए सरल शनि के उपाय

नवग्रह शांति के लिए धारण करे इन जड़ी बूटियों को पाए चमत्कारी परिणाम !

सूर्य ग्रह की जड़ी-बूटि

बिल्वपत्र की जड़

 

यदि आप चिड़चिड़ापन, ज्वर, मान-सम्मान में कमी, राज्य की ओर से विरोध, झूठे आरोपों से पीडित हैं, तो जातक का सूर्य ग्रह खराब चल रहा है। ऐसे में जातक रविवार को बिल्वपत्र की जड़ लाल कपड़े में प्रात: दाहिने हाथ में बांधे तो सूर्य के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।

चंद्र ग्रह की जड़ी-बूटिखिरनी की जड़

 

मानसिक असंतोष, नींद में स्त्री और जल से भय आदि स्वप्न, जल से होने वाले पेट संबंधित रोग, मातृप्रेम में कमी हो तो ऐसा जातक चंद्र ग्रह से पीडित होगा। इन्हें खिरनी की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर किसी भी पूर्णमाशी को सायंकाल गले में धारण करना चाहिए। नीच अथवा कमज़ोर चन्द्र होने पर नहीं करें

मंगल ग्रह की जड़ी-बूटि

अनंतमूल की जड़

किसी काम में लगातार विफलता, ज्वर और रक्तविकार होना, रक्तदोष के कारण बीमारी होना, क्रोध की अधिकता हो तो ऐसे जातक मंगल ग्रह से पीडित होते हैं। इन्हें अनंतमूल की जड़ लाल वस्त्र में बांध कर लाभ के चौघडिए में गले में धारण करनी चाहिए।

बुध ग्रह की जड़ी-बूटि

 विधारा की जड़

शरीर में फोड़े-फुंसियों का होना, समय पर मित्रों का साथ छूटना, कार्यों में लगातार विघ्न आना, पित्त से संबंधित रोग जैसी समस्याएं हों तो ऐसे जातक का बुध कमजोर होता है। इन्हें विधारा की जड़ शुभ के चौघडिए में धारण करनी चाहिए।

बृहस्पति ग्रह की जड़ी-बूटि

केले की जड़

मान-सम्मान की हानि, रोजगार से संबंधित परेशानी, विवाह में देरी, पेट में पीड़ा और व्यर्थ की लंबी यात्राएं होती हों तो जातक का बृहस्पति ठीक नहीं है। ऐसे जातक को केले की जड़ या हल्दी की गांठ पीले वस्त्र में गले में धारण करनी चाहिए।

शुक्र ग्रह की जड़ी-बूटि

sharpunkha-सरपोंखा की जड़

स्त्री सुख में कमी, स्त्री का रोगी होना, गुप्त रोगों का बढऩा, विवाह में बाधा आ रही हो तो जातक का शुक्र कमजोर माना जाता है। ऐसे में सरपोंखा की जड़ सूर्योदय काल में गले में धारण करनी चाहिए।

शनि ग्रह की जड़ी-बूटि

शरीर का निस्तेज होना, पारिवारिक क्लेश होना, धन का नाश, काम में विफलता, शोक से ग्रसित होना, दरिद्र्रता, व्यापार में घाटा शनि की नाराजगी दिखाता है।

शनि के उपाय

बिच्छू बूटी की जड़ bicchu butiऐसे जातक बिच्छू बूटी की जड़ काले धागे में अभिजीत मुहूर्त में गले में धारण करें । नीलम रत्न के फायदे

राहू- केतू ग्रह की जड़ी-बूटि

सफेद चंदन safed chandan sandalपाप कर्मों में वृद्धि, चर्म रोगों का होना, धूम्रपान की प्रवृति बढऩा, शेयर आदि में नुक्सान होना, रात्रि में बुरे स्वप्न का आना, घर में बार-बार चोरियां होना जैसे लक्षण बार-बार दिखते हों तो जातक राहू केतू दोनों ग्रहों से पीडित है। इन्हें सफेद चंदन नीले वस्त्र में मध्य रात्रि को गले में धारण करना चाहिए।

One comment

  1. I WANT ALL NAVGRAH ROOT FOR KEEP IN MY HOUSE FOR POOJA
    WHERE I GET IT PLEASE TELL ME

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