यह बुधवार बहुत ही खास है, ऐसा करने से गणेश जी मनोकामनाएं पूरी करते हैं

This Wednesday is very special, by doing this Ganesh ji fulfills the wishes.

यह बुधवार 13 मई ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की सबसे अच्छी तिथि है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ माह की इस तिथि को, विघ्नहर्ता श्री की इच्छा से जो भी पूजा, उपाय आदि किए जाते हैं, वे पूर्णता की कामना करते हैं, यह जल्द ही पूरा होने लगता है। अगर गणेश जी की कृपा पाना चाहते हैं तो करें ये उपाय, इससे आपकी मनोकामना पूरी होने के सारे बंद रास्ते खुल जाएंगे

ganesh ji ke upay

मंगलमूर्ति श्री गणेश जी सभी देवताओं में सबसे पहले पूजे जाते हैं, कहा जाता है कि इनका ध्यान करने मात्र से व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याएं हल हो जाती हैं। इस कारण से, किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले, श्री गणपति जी को न केवल बुलाया जाता है, बल्कि उन्हें विशेष पूजा भी की जाती है। यदि आप अपनी सभी बाधाओं से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो बुधवार को इन उपायों को आजमाएं।

mangal murti

बुधवार को यह बहुत ही सरल उपाय करें

बुधवार की सुबह और शाम श्री गणेश जी के इन 12 नामों का जप 108 बार करने से भविष्य की सभी बाधाएं नष्ट हो जाती हैं।

– सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन।

shri ganesh ji ke upay

ज्योतिष के अनुसार, बुधवार को भगवान श्री गणेश के इन बारह नामों का ध्यान करने से भगवान गौरी नंदन गणेश अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न होते हैं। इसलिए, यदि आप गणपति जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो अनुष्ठान के साथ अपने घर में गणेश जी की पूजा करें और उनके बारह नामों का 108 बार जाप करने से सभी कार्य सफल हो जाते हैं।

ganesh ji ki photo

यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी से परेशान है, तो बुधवार के दिन भगवान गणेश को गाय के घी और गुड़ दोनों से अर्पित करें।

सूर्यास्त के समय गणेश गायत्री मंत्र का जप कई बाधाओं से बचाता है।

हर बुधवार इन मंत्रों से करें गणेश जी की पूजा-

  • सुबह सूर्योदय से पहले जागें और स्नान करें।
  • घर या देवालय में पीले वस्त्र पहन श्री गणेश की पूजा सिंदूर, दूर्वा, गंध, अक्षत, अबीर, गुलाल, सुंगधित फूल, जनेऊ, सुपारी, पान, मौसमी फल व भोग में लड्डू अर्पित करें।

पूजा के बाद पीले आसन पर बैठ नीचे लिखे अचूक श्री गणेश मंत्र से पूजन संपन्न करें।

गणेश गायत्री मंत्र –

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

मंत्र का महत्व –

यह गणेश गायत्री मंत्र है। इस मंत्र का 11 दिन शांत मन से 108 बार जप करने से गणेशजी की विशिष्ट कृपा होती है। गणेश गायत्री मंत्र के जप से व्यक्ति का भाग्य चमक जाता है और हर कार्य अनुकूल सिद्ध होने लगता है।

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