घरेलु नुस्खे

गले में दर्द और सूजन में असरदार हैं ये घरेलू उपाय

Sore Throat in Hindi – गले में दर्द और सूजन में असरदार हैं ये घरेलू उपाय, गले में दर्द, सूजन और इंफेक्शन का घरेलू उपचार, बोलने में गले में दर्द से तुरंत राहत, गले में दर्द और सूजन, गले में दर्द की टेबलेट, गले और कान में दर्द, गले में कुछ महसूस होना.  कई कारणों से  दर्द हो सकता है जैसे- किसी चीज से गले पर चोट लगना, गला छील जाना , अधिक गर्म चीज़ खाने या पीने के कारण, गला जल जाने पर गले में दर्द होता है। इसके अलावा गले में सूजन आ जाने या कफ बनने के कारण भी Pain होता है।

गले में दर्द के प्रकार – Types of Sore Throat Pain in Hindi

  1. फेरिंजाइटिस (Pharyngitis) – यह मुंह के ठीक पीछे वाले गले के क्षेत्र को प्रभावित करता है।
  2. टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis) – इसमें गले के टॉन्सिल्स में सूजन और लालिमा आ जाती है, ये मुंह के पीछे के दो नरम ऊतक होते हैं ।
  3. लैरिंजाइटिस (Laryngitis) – इसमें गले की कंठनली, जिसे वॉयस बॉक्स भी कहा जाता है, में सूजन व लालिमा आ जाती है।

गले में दर्द के लक्षण – Sore Throat Symptoms in Hindi

  • दर्द  या खुजली व खराश जैसी सनसनी
  • निगलने व बोलते समय दर्द का बढ़ना
  • निगलने में कठिनाई
  • गला सूखना
  • गर्दन और जबड़े की ग्रंथियों में सूजन व दर्द
  • टॉन्सिल में सूजन और लाल होना
  • टॉन्सिल में सफेद निशान बनना या पीप बनना
  • कर्कश या धीमी आवाज (जैसी आवाज मुंह ढंकने के बाद आती है।

सामान्य संक्रमण जिनके कारण  दर्द  है तो निम्न शामिल हो सकते है।

गले में दर्द से बचाव – Prevention of Sore Throat in Hindi

हाथ धोना – अपने हाथों को अच्छी तरह और बार-बार धोएं, खासकर टॉयलेट के बाद, खाना खाने से पहले, छींकनें और खांसी करने के बाद अपने हाथ जरूर धोएं।

  • एक दूसरे के साथ साझा न करें – खाद्य व पेय पदार्थ और बर्तन आदि।
  • खांसी और छींक – खांसते और छींकते समय अपने मुंह पर रुमाल या टीश्यू रखें, और इस्तेमाल के बाद फेंक दें। अगर समय पर कोई चीज़ उपलब्ध ना हो तो, कोहनी में छींकने की कोशिश करें, और बाद में उसे धो लें।
  • एल्कोहल वाले हैंड सेनिटाइजर्स का इस्तेमाल करें – अगर किसी समय हैंड वॉश या साबुन उपलब्ध नहीं है, तो हाथ धोने के लिए एल्कोहल वाले हैंड सेनिटाइजर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • एक दूसरे के स्पर्श से बचें – जैसे सार्वजनिक फोन, पानी पीने वाले नल आदि को अपने मुंह से स्पर्श होने से बचाना।
  • घर की चीजों की नियमित सफाई – घर में रोजाना स्पर्श में आने वाली चीजें जैसे, टेलीफोन, टीवी के रिमोट और कंप्यूटर की-बोर्ड आदि को सेनिटाइजिंग क्लीनर से साफ करें।
  • निकट संपर्क से बचें – अगर कोई व्यक्ति बीमार है, तो उसके करीब संपर्क से बचें।

गले में दर्द का उपचार – Sore Throat Treatment in Hindi

गले में दर्द का उपचार - Sore Throat Treatment in Hindi

1. रीठा : रीठे के छिलके को पीसकर लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग की मात्रा में शहद को मिलाकर सुबह-शाम रोगी को चटाना चाहिए।

2. शहतूत : शहतूत का शर्बत पीने से गले की खुश्की और दर्द ठीक हो जाता है।

3. मूली : मूली का रस और पानी को बराबर मात्रा में लेकर उसमें नमक मिलाकर गरारे करने से गले के घाव ठीक हो जाते हैं।

4. साबुत धनिया : हर 3-3 घंटे के अंदर 2 चम्मच सूखा साबुत धनिया को चबा-चबाकर चूसते रहने से हर प्रकार के गले का दर्द दूर होते हैं।

5. फिटकरी : भुनी हुई फिटकरी को ग्लिसरीन में मिलाकर गले में डालकर कुल्ला करने से  दर्द में आराम मिलता है। (और पढ़ें –सुहागा से कर सकते है अनेक रोगों का इलाज जानिये सुहागा के अनगिनत फायदे !)

6. अजीब : अजीब के रस को रूई के फाये में लगाकर 2 से 3 बूंद गले में सुबह-शाम लगाने से गले के रोगों में लाभ मिलता है।

7. इमली : इमली के पानी से कुल्ला करने से गले का दर्द दूर हो जाता है।

8. पालक :

पालक के पत्तों को उबालकर पानी छानकर, पत्तों को निचोड़ लें। इसके गर्म-गर्म पानी से गरारे करने से गले का दर्द ठीक हो जाता है।
250 मिलीलीटर पालक के पत्ते लेकर 2 गिलास पानी में डालकर उबाल लें और जब उबलने के बाद पानी आधा बाकी रह जाये तो उसे छान लें। इसके गर्म-गर्म पानी से गरारे करने से गले का दर्द ठीक हो जाता है।
9. नींबू :

1एक गिलास पानी में एक नींबू को निचोड़कर उससे कुल्ला और गरारे करने से आराम आता है या गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से भी आराम आता है।
2एक छोटे चम्मच नींबू के रस में एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2 से 3 बार थोड़ा-थोड़ा खाने से गले का दर्द ठीक हो जाता है।

10. बच: बच के लगभग आधा ग्राम चूर्ण को थोड़े गर्म दूध में डालकर दिन में तीन बार पिलाने से गले में जमा हुआ कफ ढीला पड़कर निकल जाता है और गले का दर्द खत्म हो जाता है।

11. निर्गुण्डी :

निर्गुण्डी के पत्तों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से लाभ होता है।
निर्गुण्डी के तेल को मुंह, जीभ तथा होठों में लगाने से तथा हल्के गर्म पानी में तेल में मिलाकर मुंह में थोड़ी-सी देर रखने से लाभ पहुंचता है।
12. नीम : 2 चम्मच नीम की पत्तियों के रस को एक गिलास गर्म पानी में, आधा चम्मच शहद को मिलाकर रोजाना गरारे करने से गले में जमा हुआ कफ दूर होता है।

13. नमक : पानी में नमक को मिलाकर गरारे करने से टॉन्सिल, गले में सूजन, दांत के दर्द आदि रोगों में आराम मिलता है।

गले में दर्द में क्या खाना चाहिए? – What to eat of you have Sore Throat in Hindi?

दर्द को कम करने के लिए क्या खाना चाहिए?

दर्द के दौरान खाने और पीने के लिए सबसे अच्छी चीजों में स्वास्थवर्धक, नरम खाद्य पदार्थ और आराम देने वाले पेय पदार्थ होने चाहिए, जो साथ में पोषण और रोगनिवारक को बढ़ावा दें। जिनमें निम्न खाद्य और पेय पदार्थ शामिल हैं:

  • जमें हुऐ खाद्य पदार्थ – फलों से बने शरबत यहां तक की बर्फ की साधा चिप्स भी दर्द व सूजन को आराम दिला सकती है।
  • अनार का रस – अध्ययन के अनुसार अनार का रस गले में संक्रमण पर रोकथाम लगाता है, और सूजन व दर्द को कम करता है।
  • केले – केला एक नरम और स्वस्थ्यवर्धक फल होता है, जो संक्रमित गले में जलन आदि पैदा नहीं होने देता है।
  • चिकन सूप – अध्ययन में पाया गया कि चिकन में सूजन विरोधी गुण होते हैं, जो वायुमार्गों को खोलनें में मदद करते हैं, और दर्द के लक्षणों को भी कम करते हैं।
  • सेज (एक प्रकार की सुगंधित वनस्पति) – इस जड़ी-बूटी का उपयोग सदियों से उपचार उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, यह दर्द से आराम देने के लिए सहायक हो सकती है।
  • हल्दी – इसको चाय या दूध में डालकर हर्बल के मिश्रणों के रूप में प्रयोग किया जाता है। माना जाता है कि इसमें उपचार, एंटीसेप्टिक और सूजन विरोधी गुण होते हैं।
  • शहद – यह एक स्वादिष्ट और आराम देनेवालाी औषधी है, शोधकर्ताओं के अनुसार, कि यह प्राकृतिक स्वीटनर, संक्रमण और घावों के घाव से लड़ने में प्रभावी है।
  • अदरक – इसके कई रूपों में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे चाय या पाउडर। मतली को रोकने और कई अन्य बीमारियों का पता लगाने के अलावा अध्ययनों में पता चला कि अदरक में सूजन विरोधी गुण हैं, जो सूजन और दर्द को कम करके गले की समस्याओं में मदद कर सकते हैं।
  • चाय – गर्म और बिना एल्कोहल वाले पेय पदार्थ व चाय आदि का सेवन करना, दर्द में आराम का अनुभव करा सकता है।
  • नर्म पदार्थ व दही – नरम और नम खाद्य पदार्थ जिन्हें लोग एक स्ट्रॉ पाइप के माध्यम से खा सकते हैं, दर्द के दौरान उन पदार्थों का सेवन करना गले की समस्याओं से आराम दिलाता है, और ठीक करने में मदद करता है।

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