मां का दूध तुरंत बढ़ाने के लिए क्या खाये – Increase Breast Milk

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(Breastfeeding|) स्तनपान एक माँ द्वारा अपने बच्चे को अपने स्तनों से आने वाले प्राकृतिक दूध को पिलाने की प्रक्रिया है। माँ का दूध केवल पोषण नहीं, जीवन की धारा है। इसका मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शिशु को पहले छह माह तक केवल Breastfeeding ही कराना चाहिए। यह जरूरी नहीं है कि हर बार Breast में पर्याप्त दूध का उत्पादन हो और दूध कम आए तो बच्चे का पेट पूरी तरह से नहीं भर पाता है।  यह जानिए कैसे मां का दूध बढ़ाये। ऐसा क्या खाये जिससे तुरंत और भरपूर बने। स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए कई तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सके और दूध बढ़ाने के लिए आप lactation tea का भी सेवन कर सकते हैं।

मां के दूध में lactoformin नामक पदार्थ होता है, जो बच्चे की आंत में iron element को बांधता है और आयरन की कमी होने पर बच्चे की आंत में रोगाणु नहीं पनप पाते हैं। माँ के दूध से आने वाले साधारण जीवाणु बच्चे की आंत में पनपते हैं और रोगाणुओं से प्रतिस्पर्धा करके उन्हें बढ़ने नहीं देते। मां के दूध में रोगाणुनाशक तत्व होते हैं। पर्यावरण से मां की आंत में प्रवेश करने वाले रोगजनक आंत के विशिष्ट हिस्सों के संपर्क में आते हैं, उन विशेष सूक्ष्म जीवों के खिलाफ Antibodies बनाते हैं। ये तत्व वक्ष वाहिनी के माध्यम से एक विशेष वाहिनी तक सीधे मां के स्तन और दूध बच्चे के पेट तक पहुंचते हैं। इस तरह मां का दूध पीना बच्चे के लिए काफी फायदेमंद होता है, हमेशा स्वस्थ रहता है।

माँ के लिए स्तनपान के लाभ – Benefits of Breastfeeding for mother

new moms द्वारा Breastfeeding कराने से उन्हें pregnancy के बाद की शिकायतों से राहत मिलती है। यह तनाव को कम करता है और प्रसव के बाद के रक्तस्राव को नियंत्रित कर सकता है। मां के लिए दीर्घकालिक लाभ हृदय रोग और Rheumatoid arthritis का कम जोखिम है। Breastfeeding कराने वाली माताओं को स्तन या गर्भाशय के कैंसर का कम से कम जोखिम होता है। Breastfeeding एक प्राकृतिक गर्भनिरोधक है। Breastfeeding सुविधाजनक है, मुफ्त है (अतिरिक्त दूध पिलाने के लिए दूध का मिश्रण, बोतल और अन्य महंगी वस्तुओं की आवश्यकता होती है) और सबसे बढ़कर, माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक बंधन को मजबूत करने का एक आसान तरीका। मां के साथ शारीरिक रूप से जुड़े होने का अहसास बच्चों को एक आरामदायक माहौल देता है।

बच्चे को कब तक माँ का दूध पिलाना चाहिए?

साधारणतया कम से कम 6 महीने तक शिशु को Breastfeeding कराना चाहिए और उसके बाद दो साल या उसके बाद तक भी Breastfeeding कराया जा सकता है। माता के बीमार होनेपर भी शिशु को Breastfeeding कराना जरूरी होता है। आमतौर पर साधारण बीमारियों से Breastfeeding करनेवाले शिशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। यहां तक कि Typhoid, Malaria, Tuberculosis, Jaundice और leprosy में भी स्तनपान पर रोक लगाने की सलाह नहीं दी जाती है।

माँ का दूध बढ़ाने का उपाय  – How to Increase Breast Milk

माँ का दूध बढ़ाने का उपाय

10 बादाम और 10 खजूर, एक चुटकी अदरक का पाउडर, एक चुटकी इलायची पाउडर और एक चुटकी केसर। सबसे पहले 10 बादाम और 10 खजूर को रातभर भीगने के लिए रख दें। सुबह भीगे हुए बादाम का छिलका उतार लें और खजूर के बीज निकाल लें। जरूरत के अनुसार पानी डालकर इन दोनों चीजों को मिक्सर में पीस लें। अब एक गिलास गुनगुने दूध में इस पेस्ट को डाल दें। फिर इलायची पाउडर, अदरक का पाउडर और केसर डालकर मिलाएं। आपको इस दूध को रोज सुबह और रात को पीना है।

​ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए खजूर खाए

खजूर शरीर में Prolactin नाम के हॉर्मोन को बढ़ाता है। यह हार्मोन मां का दूध बनाने में मदद करता है। खजूर में calcium, fiber की मात्रा भी अधिक होती है और यह एक natural sweetener के रूप में कार्य करता है। मेथी, क्विनोआ और ओट्स आदि खाने से भी स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ जाती है। माना जाता है कि खजूर Prolactin के production को activate करता है।

​ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में बादाम के फायदे

almond प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। यह breast milk को बढ़ाने में मदद करता है। इससे न सिर्फ मां का दूध बढ़ता है बल्कि बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है।

बादाम विटामिन ई, विटामिन बी2, बी3 और बी1 से भरपूर होते हैं। बादाम में Magnesium, copper, phosphorus, calcium, iron और Zinc जैसे विभिन्न प्रकार के खनिज भी होते हैं। डिलीवरी के बाद बादाम का सेवन करने से बच्चे की Immunity क्षमता मजबूत होती है और डिलीवरी के बाद रिकवरी भी जल्दी होती है।

बादाम दूध बढ़ाने के लिए best foods के रूप में जाना जाता है। इससे न केवल दूध की मात्रा बढ़ती है बल्कि दूध की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।

बादाम में मौजूद विटामिन ई नई मां की त्वचा को भी चमकदार बनाता है और बाल भी खूबसूरत और मजबूत होते हैं।

​ब्रेस्‍ट में मिल्‍क बढ़ाने के तरीके

  • Breastfeeding कराने वाली महिलाओं को अधिक पानी, दूध और जूस पीना चाहिए।
  • प्रसव के बाद दिन में पांच बार थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।
  • कैफीन वाली चीजों का सेवन कम करें या बिल्कुल न करें।
  • शराब और तंबाकू से दूर रहें।
  • इस समय एक दिन में 1800 कैलोरी से कम लें।
  • इस समय नई मां को पर्याप्त आराम करना चाहिए।

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