फिटकरी (Alum) के फायदे और आयुर्वेदिक गुण। Fitkari

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फिटकरी (Alum) के फायदे और आयुर्वेदिक गुण। Fitkari
फिटकरी (Alum) के फायदे और आयुर्वेदिक गुण। Fitkari

fitkari ke fayde  फिटकरी बहुत ही गुणकारी पदार्थ है। जो मनुष्य की काया ‘को पलट सकता है शायद इसीलिए इसको फिटकरी यानि फिट करे कहते हैं। फिटकरी एक प्रकार का खनिज है जो प्राकृतिक रूप में पत्थर की शक्ल में मिलता है। इस पत्थर को एल्युनाइट कहते हैं। इससे परिष्कृत फिटकरी तैयार की जाती है। नमक की तरह है, पर यह सेंधा नमक की तरह चट्टानों से मिलती है। यह एक रंगहीन क्रिस्टलीय पदार्थ है।

  • फिटकरी का रासायनिक नाम है:  Potassium aluminum sulfate, alum crystals (पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट)।

अनुक्रमणिका

फिटकरी लाल व सफ़ेद

फिटकरी लाल व सफ़ेद दो प्रकार की होती है। अधिकतर सफ़ेद फिटकरी का प्रयोग ही किया जाता है। यह संकोचक यानि सिकुड़न पैदा करने वाली होती है। फिटकरी में और भी बहुत गुण होते हैं। (फिटकरी का पानी पीने के फायदे ) दुनिया के लोगों को इसका ज्ञान तकरीबन पाँच सौ से ज्यादा वर्षों से है। इसे एलम भी कहते हैं।

पोटाश एलम का इस्तेमाल रक्त में थक्का बनाने के लिए किया जाता है। इसीलिए, दाढ़ी बनाने के बाद इसे चेहरे पर रगड़ते हैं। ताकि छिले-कटे भाग ठीक हो जाएं। इसके कई तरह के औषधीय उपयोग हैं आज हम फिटकरी के कुछ गुणों को आपके सामने रखेंगे। जिसका उपयोग कर आप लाभ प्राप्त कर सके।

फिटकरी (Alum) के फायदे और आयुर्वेदिक गुण।फिटकरी (Alum) के फायदे और आयुर्वेदिक गुण। Fitkari

फिटकरी के लाभ (Fitkari ke labh) benefits of alum

बच्चों के रोगों में लाभकारी। Beneficial in diseases of children.

Whooping cough (कुकुर खांसी )

  1. यह बीमारी बच्चो को अधिकार होती हैं। इसमें इतने जोर की खांसी उठती है कि बच्चे को वमन तक हो जाती हैं। ऐसी हालत में फिटकरी भस्म 1 रत्ती, प्रवाल पिष्टी आधी रत्ती, ककड़ीसिंगी चूर्ण 2 रत्ती में मिला शहद के साथ देने से फायदा ज्यादा होता हैं। यह भस्म विष नासक हैं। अत: सभी प्रकार के विषों पर इसका प्रभाव होता हैं।
  2. आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से दमा और खाँसी में बहुत लाभ मिलता है।
  3. टॉन्सिल की समस्या होने पर एक गिलास गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी, चुटकी भर हल्दी चूर्ण और एक चम्मच नमक डालकर गरारे करें. इससे टॉन्सिल की समस्या में जल्दी आराम मिलता है। (fitkari ke fayde)

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फिटकरी बिच्छू के बिष, सांप के काटने पर  Scorpion venom and Snake bite

  1. तत्काल काटे हुए सर्प के रोगी को फिटकरी भस्म 1 माशे को 5 तोला घी में मिला कर पिलाने से कुछ देर के लिए विष का वेग आगे न बढ़कर रुक जाता हैं।
  2. बिच्छू के बिष में, बिच्छू के काटने पर  भी 1 तोला Fitkari को 5 तोला गर्म पानी में मिलकर रुई के फाहा से काटे स्थान पर इस पानी को बार बार रकने से बिच्छू का बिष दूर हो जाता हैं। (fitkari ke fayde) बिच्छू काटने पर घरेलू उपचार के लिए 4 रामबाण उपाय

 चोट लगने पर असरदार इलाज Effective treatment on injuries

फिटकरी को चोट या घाव लगने पर इस्‍तमाल करें। फिटकरी का पानी लगाने से घाव से खून बहना बंद हो जाएगा। तथा घाव पर फिटकरी का चूर्ण बनाकर डालने से खून बहना बंद हो जाता है।

 पसीना आने की समस्या Sweating Problem

  1. जिन लोगो को शरीर से ज्यादा पसीना आने की समस्या हो तो वो लोग नहाते समय पानी में फिटकरी को घोलकर नहाने से पसीना आना कम हो जाता है।
  2. फिटकरी को नहाने के पानी में घोल कर प्रयोग करने से खुजली और शरीर से बदबू आना बंद होती है।
  3. यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे खून बह रहा हो तो घाव को फिटकरी के पानी से धोने के बाद उस पर फिटकरी का चूर्ण बुरकने से खून बहना बंद हो जाता है।
  4. डेढ़ ग्राम फिटकरी पाऊडर को फाँककर ऊपर से सादा अथवा हल्दीयुक्त दूध पीने से चोट-दर्द दूर होता है।
  5. फिटकरी को तवे पर डालकर गर्म करके राख बना लें। इसे पीसकर घावों पर बुरकाएं इससे घाव ठीक हो जाएंगे। घावों को फिटकरी के घोल से धोएं व साफ करें।
  6. 2 ग्राम भुनी हुई फिटकरी, 2 ग्राम सिन्दूर और 4 ग्राम मुर्दासंग लेकर चूर्ण बना लें। 120 मिलीग्राम मोम और 30 ग्राम घी को मिलाकर धीमी आग पर पका लें। फिर नीचे उतारकर उसमें अन्य वस्तुओं का पिसा हुआ चूर्ण अच्छी तरह से मिला लें। इस तैयार मलहम को घाव पर लगाने से सभी प्रकार के घाव ठीक हो जाते हैं।
  7. फिटकरी, सज्जीक्षार और मदार का दूध इन सबको मिलाकर और पीसकर लेप बना लें। इस लेप को घाव पर लगाने से जलन और दर्द दूर होता है।
  8. भुनी हुई फिटकरी को छानकर घाव पर छिड़कने से घाव से सड़ा हुआ मांस बाहर निकल आता है और दर्द में आराम रहता है।
  9. आग से जलने के कारण उत्पन्न हुए घाव को ठीक करने के लिए पुरानी फिटकरी को पीसकर दही में मिलाकर लेप करना चाहिए।
  10. 5 ग्राम फूली फिटकिरी का चूर्ण बनाकर देशी घी में मिला दें, फिर उसे घाव पर लगायें। इससे घाव ठीक हो जाता है।
    किसी भी अंग से खून बहना.
  11. एक ग्राम फिटकरी पीसकर 125 ग्राम दही और 250 मिलीलीटर पानी मिलाकर लस्सी बनाकर पीने से कहीं से भी रक्तस्राव हो, बंद हो जाता है। (fitkari ke fayde)

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दंत रोग को दूर कर सकती है फिटकरी – Dental disease can relieve

एंटीबैक्‍टीरियल और एस्‍ट्रिजेंट तत्‍व होने की वजह से यह दंत रोग को दूर कर सकती है। यह माउथवॉश की तरह भी प्रयोग की जा सकती है।

  1. फिटकरी और काली मिर्च पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों की दर्द में लाभ होते है।
  2. प्रतिदिन फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें ,इससे दांतों के कीड़े तथा मुंह की बदबू दूर हो जाती है।
  3. फिटकरी और कालीमिर्च की बराबर-बराबर मात्रा पीसकर दाँतों की जड़ों में मलने से दाँतों के दर्द में काफी लाभ होता है।
  4. फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर प्रतिदिन सुबह-शाम कुछ दिनों तक लगातार कुल्ला करने से दाँतों के कीड़े ख़त्म हो जाते हैं व मुँह की बदबू दूर हो जाती है।
  5. 100 ग्राम Fitkari के चूर्ण में 50 ग्राम सैंधा नमक मिलाकर मंजन बना लें. इस मंजन के प्रतिदिन प्रयोग से दाँतों के दर्द में आराम मिलता है।
  6. भुनी हुई फिटकरी १० ग्राम, भुना हुआ तूतिया 5 ग्राम एवं कत्था १० ग्राम, इस अनुपात में कूट पीसकर मंजन बना लें। इस मंजन के नित्य इस्तेमाल करने से दाँतों की पीड़ा दूर होती है, और दाँत मजबूत तथा सुदृढ़ होते हैं।
  7. दाढ़ी बनाते समय कट जाने पर Shave time Cut
  8. सेविंग करने के बाद चेहरे पर फिटकरी लगाने से चेहरा मुलायम हो जाता है।
  9. सेविंग करने के बाद चेहरे पर फिटकरी लगाने से चेहरा मुलायम हो जाता है और यह एंटीसेप्टिक के रूप में ब्लेड के घाव से चेहरे की रक्षा भी करती है।
  10. कान में चींटी चली जाने पर कान में सुरसरी हो तो Fitkari को पानी में घोलकर पीने से लाभ मिलता है। (fitkari ke fayde)
  11. हाथों की उंगुलियों में सूजन या खुजली Swelling or itching in the fingers of the hands
  12. सर्दियों के समय में पानी में ज्यादा काम करने से हाथों की उंगुलियों में सूजन या खुजली हो जाती है। इससे बचने के लिए थोड़े पानी में अंदाजन थोड़ी सी फिटकरी डालकर उबाल लें.इस पानी द्वारा उंगलियाँ धोने से सूजन और खुजली में काफी आराम मिलता है।
  13. त्वचा में खुजली वाली जगह को फिटकरी वाले पानी से धोकर उस जगह पर थोड़े से सरसों के कड़वे तेल का लेप लगाकर उसके ऊपर थोड़ा सा कपूर का चूर्ण डाल लें. काफी लाभ मिलता है.

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 दस्त और पेचिश  Diarrhea and dysentery trouble

  1. दस्त और पेचिश की परेशानी से बचने के लिए 1-2 चुटकी भुनी हुई फिटकरी को गुलाबजल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाते हैं।
  2. फिटकरी 20 ग्राम और अफीम 3 ग्राम को पीसकर मिला लें। सुबह-शाम इस चूर्ण को दाल के बराबर पानी के साथ रोगी को पिलाएं इससे दस्तों में लाभ होगा। फिर तीन घंटे बाद ईसबगोल की भूसी के साथ दें तो पेचिश बंद हो जाएगी और खून का आना भी बंद हो जाएगा।
  3. 120 मिलीग्राम Fitkari को जलाकर शहद के साथ एक दिन में 4 बार पीने से खूनी दस्त और पतले दस्त का आना बंद हो जाता है। खाने में साबूदाने की खीर या जौ का दलिया लें।
  4. 1 ग्राम फिटकरी को 1 कप छाछ के साथ एक दिन में 3 बार पीने से गर्मी के कारण आने वाले खूनी दस्तों में लाभ मिलता है।
  5. 20 ग्राम फिटकरी और 3 ग्राम अफीम को मिलाकर पीसकर चूर्ण बनाकर रख दें, फिर इस बने चूर्ण को थोड़े से पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ मिलता है।
  6. Fitkari को भूनकर लगभग 2 ग्राम बेल के रस में मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
  7. भुनी हुई फिटकरी को गुलाब के जल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाता है। (fitkari ke fayde)

चूना के औषधीय एवं आयुर्वेदिक गुण

सिर के जुएँ

एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें. इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से सिर के जुएँ मर जाते हैं।

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 दमा रोग में लाभ Asthma

  1. गर्म तवे पर फुलाई हुई फिटकरी 10 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम इन दोनों को महीन पीसकर रख लें. करीब एक ग्राम मात्रा नित्य सवेरे खाने से दमा रोग में लाभ होता है।
  2. आधा ग्राम पिसी हुई Fitkari शहद में मिलाकर चाटने से दमा, खांसी में आराम आता है। एक चम्मच पिसी हुई Fitkari आधा कप गुलाब जल में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से दमा ठीक हो जाता है।
  3. एक गांठ सोंठ, सफेद फिटकरी का फूला दो ग्राम, हल्दी एक गांठ, 5 कालीमिर्च को चीनी में मिलाकर खाने से श्वास और खांसी दूर हो जाती है। बारहसिंगा की भस्म 2 ग्राम, भुनी हुई फिटकरी एक ग्राम, मिश्री 3 ग्राम मिलाकर पानी से सुबह के समय पांच दिनों तक लगातार सेवन करना चाहिए। इससे श्वास रोग नष्ट हो जाता है।
  4. आग पर फुलाई हुई फिटकरी 20 ग्राम तथा मिश्री 20 ग्राम इन दोनों को पीसकर रख लें। इस चूर्ण को 1 या 2 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह के समय सेवन करने से श्वास रोग नष्ट हो जाता है।
  5. फूली हुई फिटकरी 120 मिलीग्राम की मात्रा में मुंह में डाल लें और चूसते रहें। इससे न कफ बनता है और न ही दमा रोग होता है।
  6. फूली हुई Fitkari और मिश्री 10-10 ग्राम पीसकर रख लेते हैं। इसे दिन में एक-दो बार डेढ़ ग्राम की फंकी ताजा पानी के साथ लेना चाहिए। इससे पुराना दमा भी ठीक हो जाता है। दूध, घी, मक्खन, तेल, खटाई, तेज मिर्च मसालों से परहेज रखना चाहिए। मक्खन निकला हुआ मट्ठा तथा सब्जियों के सूप (रस) आदि लेना चाहिए।
  7. पिसी हुई Fitkari एक चम्मच, आधा कप गुलाबजल में मिलाकर सुबह-शाम पीने से दमा ठीक हो जाता है। (fitkari ke fayde)

भुनी हुई फिटकरी- खून की उल्टी vomit blood

भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से खून की उल्टी बंद हो जाती है.

 कान में फुँसी अथवा मवाद  Pimple or pus in the ear and nose

कान में फुँसी अथवा मवाद हो तो फिटकरी के पानी की 2-4 बूँदें कान में डालें काफी आराम मिलेगा।

आँखों की बीमारी Eye diseases

  1. शहद में फिटकरी मिलाकर काजल या सुरमा की भांति आँखों में आँजने से आँखों की लाली समाप्त हो जाती है।
  2. एक ग्राम फिटकरी, 40 ग्राम गुलाब जल में भिगोकर शीशी में भर लें। इसकी दो-दो बूंद आंखों में प्रतिदिन डालें। इससे आंखों का दर्द, कीचड़ तथा लाली आदि दूर जाएगी। रात को सोते समय आंखों में डालने से तरावट रहती है। इसे रोजाना डाल सकते हैं। (fitkari ke fayde)

जननांगों की खुजली। Itching of the genitals.

Alum को गर्म पानी में मिलाकर जननांगों को धोने से जननांगों की खुजली में लाभ होता है।

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टांसिल का बढ़ना।  Increased tonsils treatment

  1. टांसिल के बढ़ने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और इतनी ही मात्रा में नमक डालकर गरारे करें।
    गर्म पानी में नमक या फिटकरी मिलाकर उस पानी को मुंह के अन्दर डालकर और सिर ऊंचा करके गरारे करने से गले की कुटकुटाहट, टान्सिल (गले में गांठ), कौआ बढ़ना, आदि रोगों में लाभ होता है।
  2. 5 ग्राम फिटकरी और 5 ग्राम नीलेथोथे को अच्छी तरह से पकाकर इसके अन्दर 25 ग्राम ग्लिसरीन मिलाकर रख लें। फिर साफ रूई और फुहेरी बनाकर इसे गले के अन्दर लगाने और लार टपकाने से टांसिलों की सूजन समाप्त हो जाती है।

 घावों में रक्तस्राव (घाव से खून बहना) Lesions hemorrhage (bleeding from the wound)

  1. घाव ताजा हो, चोट, खरोंच लगकर घाव हो गया हो, उससे रक्तस्राव हो। ऐसे घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर Alum को पीसकर इसका पावडर छिड़कने, लगाने व बुरकने से रक्तस्राव (खून का बहना) बंद हो जाता है।
  2. शरीर में कहीं से भी खून बह रहा हो तो एक ग्राम फिटकरी पीसकर 125 ग्राम दही और 250 मिलीलीटर पानी मिलाकर लस्सी बनाकर सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता है।

खूनी बवासीर: Bloody piles home remedies

  1. खूनी बवासीर हो और गुदा बाहर आती हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर गुदा में पिचकारी देने से लाभ प्राप्त होता है। एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई फिटकरी मिलाकर प्रतिदिन गुदा को धोयें तथा साफ कपड़े को फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदे पर रखें।
  2. 10 ग्राम फिटकरी को बारीक पीसकर इसके चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से सूखकर गिर जाते हैं। फिटकरी को पानी में घोलकर उस पानी से गुदा को धोने खूनी बवासीर में लाभ होता है।
    भूनी फिटकरी और नीलाथोथा 10-10 ग्राम को पीसकर 80 ग्राम गाय के घी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम बवासीर के मस्सों पर लगायें। इससे मस्से सूखकर गिर जाते हैं।
  3. सफेद फिटकरी 1 ग्राम की मात्रा में लेकर दही की मलाई के साथ 5 से 7 सप्ताह खाने से रक्तार्श Bloody piles (खूनी बवासीर) में खून का अधिक गिरना कम हो जाता है।
  4. भूनी फिटकरी 10 ग्राम, रसोत 10 ग्राम और 20 ग्राम गेरू को पीस-कूट व छान लें। इसे लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से खूनी तथा बादी बवासीर में लाभ मिलता है। (fitkari ke fayde)

नकसीर (नाक से खून बहना): Epistaxis (nosebleeds)

  1. गाय के कच्चे दूध में Alum घोलकर सूंघने से नकसीर (नाक से खून आना) ठीक हो जाती है। यदि नकसीर बंद न हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर उसमें कपड़ा भिगोकर मस्तक पर रखते हैं। 5-10 मिनट में रक्तबंद हो जाएगा। चौथाई चाय की चम्मच फिटकरी पानी में घोलकर प्रतिदिन तीन बार पीना चाहिए।
  2. अगर नाक से लगातार खून बह रहा हो तो 30 ग्राम फिटकरी को 100 मिलीलीटर पानी में मिलाकर उस पानी में कोई कपड़ा भिगोकर माथे और नाक पर रखने से नाक से खून बहना रुक जाता है।
  3. गाय के कच्चे दूध के अन्दर फिटकरी को मिलाकर सूंघने से नाक से खून बहना बंद हो जाता है।

मुंह का लिबलिबापन: Sticky mouth

काला नमक और फिटकरी समान मात्रा में मिलाकर पीसकर इसके पाउडर से मंजन करने से दांतों और मुंह का लिबलिबापन दूर हो जाता है। Shilajit Benefits in Hindi – शिलाजीत के फायदे

पायरिया, मसूढ़ों में दर्द, सूजन, रक्त आना: Pyorrhea, gum pain, swelling, blood come

एक भाग नमक, दो भाग फिटकरी बारीक पीसकर मसूढ़ों पर प्रतिदिन तीन बार लगायें। फिर एक गिलास गर्म पानी में पांच ग्राम Alum डालकर हिलाकर कुल्ले करें। इससे मसूढ़े व दांत मजबूत होंगे। इससे रक्त आना और मवाद का आना बंद हो जाएगा। (fitkari ke fayde)

मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है। जरुरी है सही उपचार

दांतों का दर्द  fitkari in Toothache

  1. भुनी फिटकरी, सरसों का तेल, सेंधानमक, नौसादर, सांभर नमक 10-10 ग्राम तथा तूतिया 6 ग्राम को मिलाकर बारीक पीसकर कपड़े से छान लें। इससे दांतों को मलने से दांतों का दर्द, हिलना, टीस मारना, मसूढ़ों का फूलना, मसूढ़ों से पीव का निकलना तथा पायरिया रोग ठीक होता है।
  2. Fitkari को बारीक पीसकर पॉउडर बना लें। इससे प्रतिदिन मंजन करने से दांतों का दर्द जल्द ठीक होता है।
  3. Fitkari को गर्म पानी में घोलकर लगातार कुल्ला करने से दांत में हो रहे तेज दर्द से जल्द आराम मिलता है।
  4. भुनी फिटकरी 1 ग्राम, कत्था 1.5 ग्राम तथा भुना तूतिया 240 मिलीग्राम इन सबको बारीक पीस छानकर मंजन की तरह बना लें। इसे प्रतिदिन सुबह-शाम इस मंजन से दांतों को मलें। इससे दांत मजबूत होते हैं।
  5. दांत में छेद हो, दर्द हो तो Fitkari रूई में रखकर छेद में दबा दें और लार टपकाएं दांत दर्द ठीक हो जाएगा।

मलेरिया बुखार: fitkari in Malaria fever

  1. एक ग्राम Fitkari , दो ग्राम चीनी में मिलाकर मलेरिया बुखार आने से पहले दो-दो घंटे से दो बार दें। मलेरिया नहीं आएगा और आएगा तो भी कम। फिर जब दूसरी बार भी मलेरिया आने वाला हो तब इसी प्रकार से दे देते हैं। इस प्रयोग के दौरान रोगी को कब्ज नहीं होनी चाहिए। यदि कब्ज हो तो पहले कब्ज को दूर करें।
  2. लगभग 1 ग्राम Fitkari को फूले बताशे में डालकर उसे बुखार आने से 2 घंटे पहले रोगी को खिलाने से बुखार कम चढ़ता है।
  3. लगभग 1 ग्राम Fitkari में 2 ग्राम चीनी मिलाकर मलेरिया बुखार आने से पहले 2-2 घण्टे के अंतराल में 2-2 बार दें। इससे मलेरिया बुखार कम होकर उतर जाता है।
  4. फूली हुई फिटकरी के चूर्ण में 4 गुना पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें। इसे 2 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ 2-2 घंटे के अंतर पर 3 बार लें। इससे मलेरिया बुखार में लाभ होता है।

आंतरिक चोट: fitkari in Internal injury

चार ग्राम Fitkari को पीसकर आधा किलो गाय के दूध में मिलाकर पिलाने से लाभ प्राप्त होता है।

सूजाक: Gonorrhea: ब्लेनोरेहजया, सूजाक, प्रमेह, योनि से होने वाला विपुल स्राव

  1. सूजाक में पेशाब करते समय जलन होती है। इसमें पेशाब बूंद-बूंद करके बहुत कष्ट से आता है। इतना अधिक कष्ट होता है कि रोगी मरना पसन्द करता है। इसमें 6 ग्राम पिसी हुई फिटकरी एक गिलास पानी में घोलकर पिलाएं। कुछ दिन पिलाने से सूजाक ठीक हो जाता है।
  2. साफ पानी में पांच प्रतिशत फिटकिरी का घोल बनाकर लिंग (penis) धोना चाहिए।
  3. फिटकरी, पीला गेरू, नीलाथोथा, हराकसीस, सेंधानमक, लोध्र, रसौत, हरताल, मैनसिल, रेणुका और इलायची इन्हें बराबर लेकर बारीक कूट पीस छान लें। इस चूर्ण को शहद में मिलाकर लेप करने से उपदंश के घाव ठीक हो जाते हैं।

मोटापा रोग का एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा उपचार

सूखी खांसी: Dry cough fitkari ke fayde

  • लगभग 10 ग्राम भुनी हुई हुई फिटकरी तथा 100 ग्राम चीनी को बारीक पीसकर आपस में मिला लें और बराबर मात्रा में चौदह पुड़िया बना लेते हैं।
  • सूखी खांसी में एक पुड़िया रोजाना 125 मिलीलीटर गर्म दूध के साथ सोते समय लेना चाहिए। इससे सूखी में बहुत लाभ मिलता है।

बलगमी खांसी  Phlegmy cough

  1. 10 ग्राम भुनी हुई फिटकरी और 100 ग्राम चीनी को बारीक पीसकर आपस में मिला लें और बराबर मात्रा में 14 पुड़िया बना लें।
  2. सूखी खांसी में 125 ग्राम गर्म दूध के साथ एक पुड़िया प्रतिदिन सोते समय लेना चाहिए तथा बलगमी खांसी  में 125 मिलीलीटर गर्म पानी के साथ एक पुड़िया रोजाना लेने से बलगमी खांसी लाभ होता है।
  3. फिटकरी को पीसकर लोहे की कड़ाही में या तवे पर रखकर भून लें। इससे फिटकरी फूलकर शुद्ध हो जाती है। इस भुनी हुई फिटकरी का कई रोगों में सफलतापूर्वक बिना किसी हानि के उपयोग किया जाता है।
  4. इससे पुरानी से पुरानी खांसी दो सप्ताह के अन्दर ही नष्ट हो जाती है। साधारण दमा भी दूर हो जाता है। गर्मियों की खांसी के लिए यह बहुत ही लाभकारी है।

गर्भपात: Abortion fitkari ke fayde

पिसी हुई Fitkari चौथाई चम्मच एक कप कच्चे दूध में डालकर लस्सी बनाकर पिलाने से गर्भपात रुक जाता है। गर्भपात के समय दर्द, रक्तस्राव हो रहा हो तो हर दो-दो घंटे से एक-एक खुराक दें।

बांझपन: Infertility fitkari ke fayde

मासिक-धर्म ठीक होने पर भी यदि सन्तान न होती हो तो रूई के फाये में Fitkari लपेटकर पानी में भिगोकर रात को सोते समय योनि में रखें। सुबह निकालने पर रूई में दूध की खुर्चन सी जमा होगी। फोया तब तक रखें, जब तक खुर्चन आती रहे। जब खुर्चन आना बंद हो जाए तो समझना चाहिए कि बांझपन रोग समाप्त हो गया है। fitkari ke fayde

योनि संकोचन: Vaginal shrinkage  reduction, Vagina decrease, Vaginal sag

  • बांझपन की तरह Vagina (योनि) में रूई का फाया रखें तथा Fitkari पानी में घोलकर योनि को दिन में तीन बार धोएं। इससे योनि सिकुड़कर सख्त हो जाएगी और योनि का ढीलापन समाप्त हो जाएगा।
  • Fitkari 30 ग्राम और 10 ग्राम माजूफल को लेकर अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इस चूर्ण को मलमल के कपड़े में डालकर पोटली बनाकर सोने से पहले रात को योनि में रखने से योनि का ढीलापन दूर होकर सिकुड़ जाती है
  • 2 ग्राम फिटकरी को 80 मिलीलीटर पानी में घोलकर योनि को धोने से योनि की आकृति कम यानी योनि सिकुड़ने लगती है।

कान में चींटी चली जाने पर: Kaan se kida nikalne ke upay

कान में चींटी चली जाने पर कान में सुरसरी हो तो Fitkari (Alum) को पानी में घोलकर पीने से लाभ मिलता है। (fitkari ke fayde)

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5 COMMENTS

  1. नये साल के शुभ अवसर पर आपको और सभी पाठको को नए साल की कोटि-कोटि शुभकामनायें और बधाईयां। Nice Post ….. Thank you so much!! 🙂 🙂

  2. मेरी 78 year old बहिन जो फ़िटकरी में बहुत विश्वास रखती हे।फ़िटकरी को भून कर ही रोज़ इसका ( चुटकी भर मात्रामें) इसका एस्तेमाल करती है!
    Height पर बहुत ही गहरा असर हो रहा हे… दिनपर दिन छोटी ही होती जा रही है।
    👉Personally, I believe that It has bone Dissolving properties.
    👉 Friends check thoroughly any ‘substances intake’ before its use.
    Sometimes little knowledge is too dangerous!!

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