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धतूरा के औषधीय प्रयोग फायदे और नुकसान – Dhatura stramonium Benefits And Side Effects in Hindi

धतूरा  को अन्य भाषाओं में मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिवशेखर, सविष, कनक, धुतूरा, सादा धुतूरा, धोत्रा, काला धतूरी, जन्जेलमापिल, ततूर, दतुरम, (stramonium) आदि नामो से जाना जाता है। ये एक क्षुप जाति की वनस्पति है। इसके पत्ते बड़े डंठल युक्त, नोकदार, अण्डाकृत होते है। इसके फूल घंटे के आकार के होते है, फूल का रंग बीच में सफ़ेद होता है। इनमे पांच पंखुडिया होती है।इसके फल गोल, कांटेदार और भीतर बहुत बीजो वाला होता है। इसके वनस्पति के सूखे पत्ते और बीज औषधि प्रयोग के काम आते है। इसके बीज कालेपन लिए भूरे रंग के, चपटे, खुरदरे और कड़वे होते है। इनमे कोई सुगंध नहीं होती, मगर कूटने पर एक प्रकार की उग्र गंध आती है।

धतूरा के फायदे और औषधीय प्रयोग – Datura stramonium Medicinal Uses, Side Effects and Benefits in Hindi

धतूरा के 60 लाजवाब फायदे और उपयोग विधि | Benefits of Datura

धतूरा के 60 लाजवाब फायदे और उपयोग विधि | Benefits of Datura

सुजाक या प्रमेह का होम्योपैथिक इलाज धतूरा  – Herbal Datura treatments for gonorrhea in hindi

इसके पत्तो को पीसकर उसके रस को निकाल ले। और उसे घी निकाले हुए दूध के साथ पिलाने से सूजाक बहुत लाभ मिलता है।

कान के पीछे लिम्फ नोड्स का सूजन में लाभ – Benefits in swelling of the lymph nodes behind the ear in hindi

धतूरा के पत्तो के रस लेकर उसे आग पर रखकर गाढ़ा करे। इसे कान के पीछे की सूजन पर लगाने से आराम मिलता है।

सेक्स पॉवर बढ़ाने में धतूरा उपयोगी – Datura useful to increase sex power in hindi

धुतूरा के बीज, अकलकरा और लौंग इन तीनो चीजों की पीसकर गोलिया बना ले। इन गोलियों के खिलाने से कामशक्ति बढ़ती है।

वायरल बुखार में अपनाएं धतूरा के घरेलू उपाय – Dhatura’s home remedies for viral fever in hindi

काले धतूरे के बीज को पीसकर इसका चूर्ण बना ले। इसे आधी रत्ती के मात्रा में बुखार आने से पहले देते पर बुखार छूट जाता है और शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है।

गर्भ ठहरने में मदद करते हैं धतूरा के घरेलू उपाय – Datura’s home remedies for pregnancy in hindi

इसके फलो को पीसकर चूर्ण बना ले और इसे घी और शहद में मिलाकर खिलाने से गर्भधारण करने में सहायता मिलती है।

धतूरा शीघ्रपतन का आसान होमियोपैथिक इलाज – Easy Homeopathic Treatment of Datura Premature Ejaculation in hindi

kala dhatura के बीज और काली मिर्ची को पानी में पीसकर, काली मिर्च के बराबर गोलियां बना ले। इसमें से एक-एक गोली सुबह शाम सौंफ के अर्क के साथ ले। इक्कीस दिन में पुरानी से पुरानी अनैच्छिक वीर्यस्राव की बीमारी दूर हो जाती है। लेकिन इसमें खटाई और बाड़ी की चीजों से परहेज करने चाहिए।

क्षय रोग के उपचार – Tuberculosis

kala dhatura के पत्तो का स्वरस एक रत्ती के मात्रा में देने से क्षय रोग में बहुत लाभदायक होता है।

गठिया (आर्थराइटिस) रोग को जड़ से खत्म करे धतूरा

इसके पत्तो को पीसकर सूती कपडे में पुल्टिस बांधकर या पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह पर लेप करने से गठिया और हड्डी के दर्द में बहुत लाभ मिलता है।

दांत के दर्द में धतूरा के औषधीय प्रयोग

शिवशेखर के बीजो को पीसकर गोली बना ले। इसे दांत में हुए सूराख या दांत के दर्द वाले स्थान पर रखने से लाभ मिलता है।

दमा के दौरे पड़ने पर धतूरा के लाभ

तम्बाकू, धतूरा, अपामार्ग और जवासा इन चारो चीजों को समान भागो में लेकर चूर्ण बना लेना चाहिए। इसमें से दो चुटकी चूर्ण चिलम में रख कर पीने से दमे का दौरा पड़ना बंद हो जाता है।

बादी के दर्द में धतूरा के औषधीय प्रयोग

काले धतूरे का पंचांग का रस निकालकर उसको तिल्ली के तेल में पचा देना चाहिए, इस तेल को मालिश करके ऊपर धतूरे के पत्ते से बाँध देने से बादी का दर्द मिट जाता है।

जोड़ों की सूजन – Swelling of joints in hindi

धतूरे के पिसे हुए पत्तों में शिलाजीत मिश्रित कर लेप करने से अण्डकोष की सूजन, पेट के अन्दर की सूजन, संधियों (जोड़ों) की सूजन और हडि्डयों की सूजन में बड़ा लाभ मिलता है।

धतूरा के पत्तों की पोटली बांधने से नारू, बाला…

नारू की बीमारी में धतूरे के पत्तों की पोटली बांधने से बहुत ही लाभ मिलता है।Datura ke Fayde aur Nuksan in Hindi1

तिजारी

धतूरे के पत्तों का 5-6 बूंद रस में लगभग 25 ग्राम दही मिलाकर पिलाने से 1 या दो बार में तिजारी चली जाती है।

धतूरा के पत्तों की लुगदी से बिच्छूदंश : Scorpion Stinger:

धतूरा के पत्तों की लुगदी, बिच्छू दंश पर लगाने से आराम मिलता है।

धतूरा के पत्तों की पोटली (घाव )

जिस घाव पर गहरा पीप या पपड़ी जम गया हो उसको गुनगुने पानी की धार से धोकर दिन में 3-4 बार धतूरा के पत्तों की पोटली बांधनी चाहिए।

कान की सूजन, दर्द धतूरा का रस – Ear swelling, pain in hindi

• धतूरे के पत्तों के रस को आग पर गाढ़ा करके, कान के पीछे की सूजन पर लगाने से आराम मिलता है।
• कान में यदि मवाद बहता हो तो 8 भाग सरसों का तेल, 1 भाग गंधक, 32 भाग धतूरा के पत्तों का रस मिलाकर गर्म कर लें, फिर इस तेल की एक बूंद कान में सुबह-शाम डालने से कान के दर्द में आराम आता है।
• धतूरे के पत्तों को गर्म करके 2-3 बूंदों को कान में टपकाने से कान दर्द से छुटकारा मिलता है।
• 400 ग्राम धतूरा का रस, धतूरा के रस में चटनी की तरह पिसी हुई हल्दी 25 ग्राम और तिल का तेल 100 ग्राम लेकर हल्की आग पर पका लेते हैं। तेल शेष रहने पर छान लेते हैं। यह कान के और नाड़ी के घाव के लिए लाभकारी होता है।
• जिस कान में दर्द हो उसके अन्दर धतूरे के ताजे पत्तों के रस को गुनगुना करके इस रस की 2 बूंदे कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

गंजेपन की समस्या से छुटकारा –  baldness in hindi

धतूरे के पत्तों के रस का लेप करने से खालित्य (गंजेपन का रोग) नष्ट हो जाता है।

धतूरा की जड़ों के चूर्ण पिटका

धतूरा की जड़ों के चूर्ण को पानी में पीसकर बाधंने से पिटका नष्ट हो जाती है।

 हाथ – पैरों में पसीने की अधिकता में धतूरा के बीजों की राख

• धतूरे के बीजों की राख बनाते हैं। फिर इसे 1-1 ग्राम की मात्रा में 8-10 दिन रोजाना एक बार सेवन करने से हाथ-पैरों में अधिक पसीना आने का रोग दूर हो जाता है।

• लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग धतूरे के बीजों को खाने से हाथ-पैरों में पसीना आने वाले रोगी को लाभ मिलता है।

कुत्ते के काटने पर धतूरे के फायदे- Dog Bites: Preventing Infections and Treating Injuries in hindi

  • धतूरे के पत्तों के रस में लाल मिर्च को पीसकर काटे हुए स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।

धतूरा के पंचांग दमा या श्वास रोग – Asthma or breathing disease

  • धतूरे के पंचांग को पीसकर सुखा लेते हैं और चिलम में रखकर धूम्रपान की तरह उपयोग करते हैं। इससे श्वास रोग (दमा) नष्ट हो जाता है।
  • धतूरे के पत्ते का भी धूम्रपान करने से खांसी खत्म हो जाती है।
  • धतूरे के दूध को छाती पर लगाने से श्वास (दमा) और पुराना दिल का रोग मिट जाता है।
  • धतूरे के सूखे पत्तों को चिलम में रखकर पीने से तीव्र वेग का श्वास (दमा) भी सामान्य हो जाता है।

धतूरे के बीज और ग्राम अफीम

  • 6 ग्राम धतूरे के बीज और 2 ग्राम अफीम को पानी में पीसकर 33 गोलियां कालीमिर्च के समान आकार की बना लेते हैं और इसे छाया में सुखा लेते हैं। दिन में 3 बार 1-1 गोली चूसने से दमा रोग ठीक हो जाता है।
  • धतूरे के फलों की राख लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग की मात्रा में लेकर शहद के साथ सेवन करने से दमा खत्म हो जाता है।
  • धतूरे के फूल पर फल आते हैं। 1 फल को तोड़कर ले आएं और इसे 2 बराबर हिस्सों में काट लेते हैं। आधे भाग के बीज निकालकर फेंक देते हैं और उसमें छोटी इलायची का चूर्ण अच्छी तरह से भर लेते हैं। दूसरे भाग के बीज नहीं निकालने हैं।
  • अब दोनों हिस्सों को मिलाकर धागे से लपेटकर पहले की तरह जोड़ देते हैं। इसके ऊपर बारीक कपड़ा लगाकर ऊपर गीली मिट्टी से पूरे फल पर लेप कर कण्डे (उपले) को जलाकर उसके बीच अच्छी तरह से रख देते हैं, जब कण्डे अच्छी तरह जल जाएं तथा ठण्डी राख शेष रहे तब इस कपड़े में मिट्टी में लिपटे धतूरे के फल को निकालकर सावधानी से साफ करके मिट्टी आदि हटाकर फल को अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लेते हैं। लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग तक की गोलियां बनाकर सुखाकर रख लेते हैं।
  • अब 2-3 गोली श्वास या दमे के रोगी को शहद में मिलाकर दें। इस दवा के उपयोग से रोगी शीघ्र लाभ महसूस करने लगेगा। कुछ दिनों तक लगातार प्रयोग करने से दमा रोग नष्ट हो जाता है।
  •  धतूरा के आधे सूखे हुए पत्तों के चूर्ण को लगभग आधा ग्राम की मात्रा में लेकर बीड़ी पिलानी चाहिए। यदि 10 मिनट तक दमें का दौरा शान्त न हो तो अधिक से अधिक 15 दिनों बाद दूसरी बीड़ी पिलानी चाहिए। तब भी आराम न हो तो तीसरी बीड़ी नहीं पिलानी चाहिए। जिन्हें धतूरा अनुकूल न हो उन्हें इसे नहीं देना चाहिए।

धतूरे के पत्ते पर तेल अण्डकोष की सूजन –

  • धतूरा के पत्ते पर तेल लगाकर अण्डकोषों पर बांधने से अण्डवृद्धि जल्द मिट जाती है।

धतूरे के बीज का चूर्ण  पुनरावर्तक ज्वर – Recurrent fever

धतूरा के बीज का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लेकर 1 ग्राम तक दही के साथ बुखार आने से पहले खिला दें तो बुखार दुबारा नहीं चढ़ता है। इस प्रयोग से पहले बीजों को लगभग 12 घंटे तक गाय के मूत्र में भिगोकर रख दें।

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना

धतूरे के ताजे पत्ते पर सरसों के तेल के लेप को आग में सेंक दें। फिर उसे अण्डकोष पर बांध दें। रोजाना रात में सोते समय इस उपचार को करें। इससे लाभ होता है।

फेफड़ों की सूजन – pneumonia

फेफड़ों की सूजन में धतूरा के पत्तों का लेप छाती और पीठ पर या पत्तों के काढ़े से मालिश करने से लाभ होता है।

आंखों का दर्द – Eye pain  in hindi

अगर आंखों में दर्द हो रहा हो तो पके धतूरे के पत्ते का रस अथवा नीम के कोमल पत्तों का रस या दोनों के पत्तों का रस एक साथ मिलाकर दोनों कानों में डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।

खांसी के घरेलू उपाय – cough in hindi

धतूरे के पत्ते, भांग के पत्ते और कलमी शोरा को बराबर मात्रा में लेकर पीस लेते हैं। श्वास (सांस) का दौरा उठने पर इस 2-3 चुटकी चूर्ण को कटोरी में डालकर जला लेते हैं जब कटोरी में से धुंआ निकलने लगे तो तो धुंए को मुंह के द्वारा खींचने से खांसी ठीक हो जाती है।

अफारा (गैस का बनना) – Afara (gas formation)

धतूरा के पत्तों का लेप या पत्तों के काढ़े से सेंकने या पत्तों के तेल से मालिश करने से पेट की गैस दूर होती है।

धतूरे के बीज+अकरकरा और लौंग नपुंसकता में – impotency

धतूरे के बीज, अकरकरा और लौंग को बराबर मात्रा में पीसकर चने के बराबर 1-1 गोलियां बनाकर रोज सुबह-शाम लेने से नपुंसकता के रोग में लाभ होता है।

लिंग का ढीलापन में – Male disease

धतूरा के 15 फलों को बीज सहित लेकर पीसकर बारीक चूर्ण को 20 किलोग्राम दूध में डालकर दही जमा देते हैं। अगले दिन दही को मथकर घी निकाल लेते हैं। इस घी की 125 ग्राम की मात्रा पान में रखकर खाने से बाजीकरण होता है तथा लिंग पर घी की मालिश करने से उसकी शिथिलता (ढीलापन) दूर हो जाती है।

धतूरा का पीला पत्ता कान से कम सुनाई देना – Less hearing

धतूरा का पीला पत्ता (बिना छेद वाला) को गर्म करके उसका रस निकाल लें। इस रस को लगातार 15 दिन तक कान में डालने से बहरापन ठीक हो जाता है।

धतूरे की जड़  गर्भपात रोकना –

• यदि बार-बार गर्भ गिर जाता है तो धतूरे की जड़ चार अंगुल के बराबर लेकर कमर में बांधने से गर्भ स्थिर हो जाता है।
• काले धतूरे की जड़ अथवा अनार की जड़ को रविवार को सफेद कपड़े में बांधकर कमर में धारण करने से गर्भपात का डर समाप्त हो जाता है।

धतूरे के फल का रस कमरदर्द –

200 मिलीमीटर धतूरे के फल का रस, 200 मिलीमीटर आक के पत्तों का रस, 200 मिलीमीटर एरण्ड के पत्तों का रस, 800 मिलीमीटर तिल्ली का तेल। सबको मिलाकर अच्छी तरह से पकाएं। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। इस तेल के कमर पर मालिश से कमर का दर्द सही हो जाता है।

महिलाओं के योनि में दर्द की दवा धतूरा – Vaginal pain

धतूरा के पत्तों को पीसकर उसमें थोड़ा-सा सेंधानमक और घी मिलाकर कपडे़ की पोटली बना लें। रात में सोने से पहले पोटली योनि में रखने और सुबह निकाल लेने से दर्द में आराम मिलता है।

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