क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

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भारत में कोरोनावायरस की रफ्तार रुकने का नाम नहीं ले रही है। लगातार जहां सकारात्मक मामलों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कोरोना से भारत में आधिकारिक मौत का आंकड़ा अब दो लाख को पार कर गया है।

कई राज्यों में, ऑक्सीजन और उपचार इंजेक्शन की लगातार कमी है। 27 अप्रैल को भारत में तीन लाख 60 हजार नए कोविद -19 मामले सामने आए। पिछले सात दिनों का औसत अब बढ़कर तीन लाख 40 हजार 140 हो गया है। भारत में अब तक 18 मिलियन मामले सामने आए हैं। 14.8 मिलियन बरामद किए गए हैं।

देश में क्रिटिकल केयर बेड की संख्या भी समस्या पैदा कर रही है। देश भर के कई स्थानों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं। जिसमें अस्पतालों के बाहर कतारें हैं या मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इसी तरह की लड़ाई ऑक्सीजन और इंजेक्शन के लिए भी देखी जा रही है।

ऑक्सीजन की खपत हर दिन बढ़ रही है और मांग भी प्रति दिन पांच से छह प्रतिशत बढ़ रही है। सेना के विमान सहित ट्रेन में ऑक्सीजन के परिवहन में लगे हुए हैं। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है।

इस बीच, मंगलवार को अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविद -19 की स्थिति की समीक्षा की गई। आपने अधिकारियों को राज्य सरकार के साथ और निगरानी के साथ काम करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए थे।

भारत सरकार भी टीकाकरण पर केंद्रित है। 1 अप्रैल से, 18 अप्रैल से पुराने सभी लोगों को भी टीका लगना शुरू हो जाएगा। भारत में अब तक लगभग 14 करोड़ लोगों को टीका लगाया गया है। 1 मई से प्रत्येक वयस्क के लिए पंजीकरण भी शुरू हो गए हैं।

इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, डॉ। हर्षवर्धन ने युवाओं को कोविद की लड़ाई में लोगों को सचेत करने और कोविद के साथ व्यवहार करने का आह्वान किया है। उन्होंने प्लाज्मा दान के लिए भी अपील की है। ताकि जरूरतमंदों को इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में कुल मरीजों में से लगभग 82 प्रतिशत कोरोना से बरामद हुए हैं।

भारत में टीकाकरण की शुरुआत के बारे में चिंता करने वाली एक बात यह है कि नए कोरोना रोगियों में डबल म्यूटेंट वायरस भी पाया गया है। दिसंबर 2020 के बाद कोरोना मामले में कुछ कमी थी। लेकिन अचानक बीमारी का एक नया तनाव देखा गया। जिसका असर सबसे पहले महाराष्ट्र और केरल में देखा गया था। इस नए तनाव को और खतरनाक बताया जा रहा है। अब तक समन्या कोरोना के साथ लड़ना मुश्किल था और इस नए तनाव को कोरोना का और भी अधिक शक्तिशाली वायरस कहा जा रहा है। अगर आम भाषा में समझा जाए, तो वायरस समय के साथ-साथ अपनी संरचना को बदलता है और अधिक घातक हो जाता है। डबल म्यूटेंट वायरस महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में पाया जाता है।

क्या है डबल म्युटेंट कोरोनावायरस

कोरोना वायरस

ऐसे वायरस में एक चिंता यह है कि यह प्रतिरक्षा और दवाओं से लड़ना सीखता है। यूके स्ट्रेन के साथ जो देखा गया उसका एक म्यूटेशन डबल म्यूटेंट वायरस के साथ भी है। यह शरीर के अंदर पहुंचकर आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाता है। यह भी देखा जाता है कि लोगों को अधिक निमोनिया हो रहा है और युवा लोग भी इसकी चपेट में आते हैं। यह भी चिंता की बात है कि यह भी डॉक्टरों के ध्यान में आया है कि यह संस्करण एंटीबॉडी को बायपास करना भी सीख रहा है।

कोरोनावायरस के कुछ नए लक्षण

वर्तमान में कोरोना के कुछ नए लक्षण उभर कर आ रहे हैं जैसे :- जीभ पर धब्बे और सूजन का उभरना , स्किन पर लालिमा , स्किन पर जलन , पाँवों के तलवों में जलन , पैरों के तलवों में सूजन , स्किन एलर्जी , डायरिया , उल्टी दस्त , अपच , पेट में दर्द , बहती हुई नाक , सुखी खांसी , बुखार ।

कोरोना के लक्षण

कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों में शुरुआती तौर पर लोगों में

• तेज़ बुखार

• खांसी

जुकाम

• गले में खराश

• सांस लेने में तकलीफ होना

• तेज़ सर दर्द

कोविड -19 के सामान्य लक्षण

कोरोना वायरस के कुछ सामान्य लक्षण है जिनसे सतर्क रहने की बहुत आवश्यकता है ।

• शरीर में दर्द एवं पीड़ा

• गले में खराश

• दस्त लगना

• आँख आना / आँखों में तकलीफ होना

• सरदर्द / तेज़ सरदर्द

• स्वाद या गंध का चला जाना

• त्वचा पर दाने या उंगलियों या पैर की उंगलियों का काटना , चुभन, लालिमा

कोरोनावायरस के गंभीर लक्षण

• सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ

• ऑक्सीज़न लेवल का गिरना

• सीने में दर्द या दबाव की शिकायत

• बोलने और चलने-फिरने में परेशानी

• शरीर का टूटने लगना

दिसंबर 2020 के बाद कोरोना केस में कुछ कमी देखी जा रही थी । परंतु अचानक से इस बीमारी का एक नया स्ट्रेन देखा गया । जिसका असर सबसे पहले महाराष्ट्र और केरल में देखा गया । यह नया स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है । अभी तक सामन्या कोरोना से लड़ना मुश्किल हो रहा था और यह नया स्ट्रेन कोरोना का और भी ताकतवर वायरस बताया जा रहा है ।

वर्तमान में कोरोना के लक्षण

वर्तमान में कोरोना के कुछ नए लक्षण उभर कर आ रहे हैं जैसे :- जीभ पर धब्बे और सूजन का उभरना , स्किन पर लालिमा , स्किन पर जलन , पाँवों के तलवों में जलन , पैरों के तलवों में सूजन , स्किन एलर्जी , डायरिया , उल्टी दस्त , अपच , पेट में दर्द , बहती हुई नाक , सुखी खांसी , बुखार

कोरोनावायरस वैक्सीन की जरूरत

कोरोनावायरस की नई लहर खासी संक्रामक मानी जा रही है और सरकार और विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए जल्द से जल्द बड़ी आबादी का टीकाकरण करना आवश्यक है। फिलहाल देश में देसी वैक्सीन में कोवैक्सिन और कोविशील्ड हैं लेकिन उनका उत्पादन इतनी बड़ी आबादी का तेजी से टीकाकरण करने को पर्याप्त नहीं है। यही देखते हुए अब विदेशी वैक्सीन को मंजूरी मिल रही है।

कोरोना वायरस

भारत ने कोरोना की रोकथाम के लिए बहुत काम किया है । भारत ही अकेला ऐसा देश है जिसने कोरोना की वैक्सीन को न सिर्फ डेवलप किया बल्कि दूसरे देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध करवाया है । भारत ने अभी तक 2 वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन डेवलप कर ली है और अब भारत 5 और वैक्सीन्स पर काम कर रहा है । 16 जनवरी 2021 से भारत में वैक्सीनेशन का कम जारी है । इन दोनों वैक्सीन्स को आपतकालीन वैक्सीन की मंजूरी मिली हुई है । भारत में अब 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीकाकरण प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं 12 अप्रैल 2021 तक भारत में 10,45,28,565 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है जो देश की कुल आबादी का साढ़े सात फीसदी हिस्सा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह सूचना हमने विभिन्न विश्वसनीय संगठनों (जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन, युनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, मेसाचुसेट्स स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमीशन और क्लेवलैंड क्लिनिक आदि) की वेबसाइट से जुटाई है। इसमें से कुछ हिस्सा शब्दशः उसी तरह पेश किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर इसे नए सिरे से लिखा गया है। यह सूचना एकत्रित करने के लिए हम इन संगठनों के कठिन परिश्रम का आभार प्रकट करते हैं।

कोविड-19 कैसे फैलता है?

किसी भी व्यक्ति को कोविड-19 उन लोगों से हो सकता है जिनमें इस वायरस का संक्रमण पहले से है। जब कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छीकता है या सांस छोड़ता है तो उसके नाक या मुंह से निकली छोटी बूंदों से यह रोग दूसरे में फैल सकता है। ये बेहद नन्ही बूंदें उस व्यक्ति के आस-पास की दूसरी चीजों और सतहों पर भी गिर सकती है। दूसरा व्यक्ति उस सामान या सतह के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह, नाक या आंख को छूने से भी कोविड-19 से संक्रमित हो सकता है। लोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या सांस छोड़ने से निकली बूंदों को सांस के जरिए अंदर लेने से भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि बीमार व्यक्ति से 3-6 फीट या 1-2 मीटर दूर रहा जाए।

कोविड-19 के लक्षण क्या हैं?

कोविड-19 के मुख्य लक्षण बुखार, खांसी और सांस लेने में समस्या है। बीमार को थकान, बदन दर्द और नाक जाम होना, गले में खराश और उल्टी-दस्त की समस्या भी हो सकती है; हालांकि कुछ लोग जो इससे संक्रमित हो जाते हैं, उनको कोई भी लक्षण नहीं होते। इससे संक्रमित होने वाले अधिकांश लोगों को किसी विशेष इलाज की जरूरत नहीं होती। लेकिन कुछ लोग बेहद गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

कोविड-19 का कोई टीका, दवा या इलाज है?

अब तक नहीं है। कोविड-19 से बचाव के लिए कोई टीका या इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा अभी तक नहीं है। गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोग अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं। अधिकांश मरीज इस बीमारी से उबर जाते हैं।
शोधकर्ता टीके विकसित करने में प्रयासरत हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावी टीका उपलब्ध होने में 12-18 महीने लगने की संभावना है।

 

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