lockdown-2

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 2 दौरान दी कुछ नई छूट, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को अनुमति

सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए चल रहे लॉकडाउन से कुछ और क्षेत्रों को शुक्रवार को छूट दी। इनमें ग्रामीण इलाकों में निर्माण गतिविधियां और देशभर में पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, बिजली, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों एवं सहकारी ऋण समितियों को काम करने की अनुमति देना शामिल हैं।

केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को भेजे दिशा निर्देशों में कहा कि इमारती लकड़ियों वाले पेड़ों को छोड़कर जंगल के अन्य पेड़ों, इमारती लकड़ियों वाले पेड़ों को छोड़कर अन्य वनोत्पाद के संग्रहण, कटाई और प्रसंस्करण करने में आदिवासियों और वनवासियों को लॉकडाउन से तीन मई तक की छूट दी जाएगी।

भल्ला ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में निर्माण गतिविधियों, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, बिजली, दूरसंचार की लाइनें और केबल बिछाने की अनुमति दी जा रही है। पूरे देश में गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, लघु वित्त संस्थानों को बंद के दौरान न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति दी जा रही है।

बांस, नारियल, सुपारी, कोको, मसाले की खेती, उनकी कटाई, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, बिक्री और मार्केटिंग को लॉकडाउन के दौरान छूट दी गई है।

मजदूरों की समस्या का होगा हल, श्रम मंत्रालय ने 20 राज्यों में बनाए हेल्पलाइन सेंटर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 24 मार्च को 14 अप्रैल तक देशभर में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी लेकिन अब इसकी अवधि को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन के दौरान विभिन्न लोगों और सेवाओं के लिए कई छूट दिये जाने की घोषणा की थी।सरकार की ओर से किसानों को लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट

सरकार की ओर से किसानों को लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट

कृषि क्षेत्र : सरकार की नई गाइडलाइन में जंगलों में अनुसूचित जनजातियों और वहां रहने वाले अन्य लोग लघु वन उपज (MFP) या फिर गैर इमारती लकड़ी को जमा कर सकते हैं और साथ ही वे उनकी कटाई भी कर सकते हैं. इसके साथ ही बांस, नारियल, सुपारी, कॉफी के बीज, मसाले की रोपाई और उनकी कटाई, पैकेजिंग, और बिक्री कर सकते हैं.

फाइनेंशियल सेक्टर: गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (NBFC) जिनमें हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (NBFC-MFI) शामिल हैं, जिनमें कम से कम कर्मचारी हो. साथ ही सहकारी समितियां को भी काम करने की इजाजत दी गई है.

निर्माण क्षेत्र : ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां, पानी की आपूर्ति और स्वच्छता, बिजली के तार बिछाना/ निर्माण और संबंधित गतिविधियों के साथ दूरसंचार ऑप्टिकल फाइबर और केबल को बिछाना भी शामिल है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.