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हिन्दी कविता – Poem

उसे यह फ़िक्र है हरदम – उनका पोस्टर

भगत सिंह ने गान्धी जी के असहयोग आन्दोलन को रद्द कर देने के कारण उनमें थोड़ा रोष उत्पन्न हुआ, पर पूरे राष्ट्र की तरह वो भी महात्मा गांधी का सम्मान करते थे. पर उन्होंने गांधी जी के अहिंसात्मक आन्दोलन की जगह देश की स्वतन्त्रता के लिये हिंसात्मक क्रांति का मार्ग अपनाना …

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ठग-बुद्धि

ठग-बुद्धि सपाट सडकों पर लू के बवंडर और…… पुल के इस पार, उस पार फलों के ढेर का खरीदार ढूंढते यह मासूम उखडे उजडे, चेहरे कितने झुलसे से हैं और….. तुम हम उनसे चार छह पैसे कम में सामान खुश हैं, तृप्त है अपनी ठग-बुद्धि पर। उप-वास की रात उप-वास …

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जिंदगी क्या है जिंदगी पर एक अनोखी कविता

जिंदगी क्या है ? जी हाँ दोस्तों, हम सब के मन में ये बात कभी ना कभी जरुर आता है। खासतौर से तब जब हम किसी तरह की परेशानी में फसे हो, जब जीवन दुखदायी हो रही हो, कही से कोई उम्मीद की रौशनी दिखाई ना दे ऐसे समय में …

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रानी लक्ष्मी बाई पर कविता Poem on the Rani of Jhansi

Poem on the Rani of Jhansi – रानी लक्ष्मी बाई पर कविता खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की …

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मैं क्यों बड़ी हो गयी Mai kyun badi ho gayi

मैं क्यों बड़ी हो गयी Mai kyun badi ho gayi एक दिन पूछा पापा से मैं छोटी से एकाएक यों बड़ी हो गयी ? आपके आंगन की कली- नाजों में पली मां की ममता में पगी- भैया के रेशमी रक्षासूत्र में बंधी- दूसरों ने शरारतें कीं भी- तो उन्हें दी …

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