केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, कल आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज

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रामविलास पासवान
रामविलास पासवान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया है. उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. लोक जनशक्ति पार्टी के 74 वर्षीय संरक्षक रामविलास पासवान का कुछ दिन पहले दिल्ली के एक अस्पताल में हृदय का ऑपरेशन हुआ था.

लंबी बीमारी के बाद केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के गुरुवार शाम निधन हो गया. उनके बेटे और एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस बात की पुष्टि की है. चिराग पासवान ने अपने ट्वीट में लिखा है, “पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं. Miss you Papa…”

अपने ट्वीट में चिराग पासवान ने अपने पिता की एक तस्वीर भी शेयर की है जिसमें चिराग रामविलास की गोद में नजर आ रहे हैं. आपको बता दें कि रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया में हुआ था. वही उनकी मृत्यु 08 अक्टूबर 2020 को दिल्ली के एक अस्पताल में हुई.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनका निधन भारतीय राजनीति के लिये अपूरणीय क्षति है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘ रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के बड़े हस्ताक्षर थे . वे प्रखर वक्ता, लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक, मजबूत संगठनकर्ता और बेहद मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे . ’’ उन्होंने कहा कि वह (पासवान) पहली बार 1969 में बिहार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे . 1977 में वे पहली बार हाजीपुर लोकसभा सीट के लिये चुने गए थे और उनकी यह जीत विश्व रिकार्ड के रूप में दर्ज हुई थी . नीतीश कुमार ने रामविलास पासवान के साथ अपने आत्मीय संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि उनके साथ हमारा पुराना रिश्ता रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘ उनके पासवान) निधन से मुझे व्यक्तिगत तौर पर दुख पहुंचा है . उनका निधन भारतीय राजनीति के लिये अपूरणीय क्षति है .’’

रामविलास पासवान

रामविलास पासवान देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे. उनके पास 5 दशक से भी ज्यादा का संसदीय अनुभव था जिसमें वह 9 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा सांसद रहे. बिहार से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का आज निधन हो गया.

रामविलास पासवान को भारतीय राजनीति का ऐसा नेता माना जाता है जो बहुत जल्द ही हवा का रुख पहचान लेते थे. कभी कांग्रेस की सत्ता के खिलाफ इमरजेंसी के दौरान वह जेल गए तो उसी की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे. तब जो बीजेपी उनकी नीतियों का विरोध करती थी उसी एनडीए की सरकार में पासवान मंत्री भी रहे.

सुबह 10 बजे 12 जनपथ ले जाया जाएगा शव

रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को आखिरी दर्शन के लिए सुबह 10 बजे उनके आवास 12 जनपथ पर अस्पताल से सीधा लाया जाएगा. दोपहर 2 बजे के बाद उनके पार्थिव शरीर को पटना में लोकजनशक्ति पार्टी के कार्यालय लाया जाएगा.
रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार शनिवार को पटना में किया जाएगा.

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