Bhangarh fort story, भानगढ़ फोर्ट स्टोरी | भूतो की कहानियां

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bhangarh fort story, भानगढ़

bhangarh fort story, भानगढ़ फोर्ट स्टोरी : यह किला भानगढ़ का किला के निर्जन गांव में पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह गांव अलवर और जयपुर के बीच में है और सरिस्का टाइगर रिजर्व के आखिर में है। राजस्थान के सबसे दिलचस्प पर्यटक आकर्षणों में से एक यह किला ज्यादातर दुनिया के सबसे भुतहा स्थानों में से एक के रूप में जाना जाता है।

भूतो का गढ़ कहे जाने वाले इस जगह को यहाँ के ग्रामीणों द्वारा सुनाई गई कहानियां और भी रहस्यमयी बनाती है। हालांकि, सूर्योदय से पहले किले में प्रवेश करने या सूर्यास्त के बाद रहने की अनुमति नहीं है। इस नियम को अधिकृत करने के लिए, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण ने एक बोर्ड को स्पष्ट रूप से किले के बाहर स्थापित किया है। bhangarh fort story

भानगढ़ फोर्ट

भानगढ़ फोर्ट स्टोरी – दो कहानियां

bhangarh fort story पहली : बारू नाथ और राजा माधो सिंह की कहानी जिसके अनुसार बारू नाथ के तपस्या करने के स्थान पर किला बनाने की अनुमति इस शर्त पर मिलती है की महल की छाया उनपर नहीं पड़नी चाहिए। लेकिन किले की उचाई जयदा हो जाने के कारण उसकी छाया बारू नाथ पर पड़ जाती है जिसे बाद पूरा शहर तबाह हो गया।

भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती

एक और कहानियां कहती हैं कि भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती बेहद खूबसूरत थीं और कम उम्र से ही उनके शादी का प्रस्ताव आना शुरू हो गया था । लेकिन एक जादूगर जो उसकी सुंदरता पर मर मिटा था और उससे शादी करना चाहता था। यह जानते हुए कि यह असंभव है, उसने काले जादू की मदद से राजकुमारी रत्नावती को छलवाने की कोशिश की।

भानगढ़ किला बर्बाद

राजकुमारी को यह पता चल गई और वह अपनी योजना में विफल रहा जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई । मरने से पहले उन्होंने शाप दिया था कि भानगढ़ किला बर्बाद हो जायेगा और कोई भी कभी भी वहां रहने में सक्षम नहीं होगा। यह सच भी हो गया और अगले साल एक लड़ाई हुई जिसमें अधिकांश लोगों के साथ रत्नाती की हत्या हो है। ऐसा कहा जाता है कि रत्नावती ने कहीं और जन्म लिया है और भानगढ़ का किला अभी भी राजकुमारी का इंतजार कर रहा है।

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