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रुद्राक्ष पहनने के क्या फायदे है और किस मुखी को धारण करना चाहिए

benefits of wearing rudraksha in hindi पौराणिक कथाओं के अनुसार मन जाता है रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान् शिव के आंसुओ से हुआ है। इनमे इतनी शक्ति होती है जो मनुष्य हर तरह की समस्या को ख़त्म की क्षमता होती है। कहा जाता हैं की रुद्राक्ष जितना छोटा होता है , उसका प्रभाव उतना ही ज्यादा होता है। सफलता, धन-संपत्ति, मान-सम्मान दिलाता है, परन्तु हर मनोकामना और कार्य के लिए अलग अलग रुद्राक्ष धारण करने से लाभ जल्दी मिलता है। इसको धारण करने के कुछ नियम और कायदे होते है, यानी जिस माला से जप किया जाता है उसे गले में नहीं पहनना चाहिए। इसे किस अच्छे शुभ मुहूर्त में ही धारण करना चाहिए। इसको कभी भी अंगूठी में नहीं पहनना चाहिए। कहा जाता है की सभी नियम को निभाते हुए जो व्यक्ति इसे धारण करता है। उसके जीवन की सभी प्रकार की बाधाएं, परेशानियों का निवारण होता है। कष्ट दूर होकर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहते है कि जिस घर में इसकी पूजा अर्चना की जाती है , वहां मां लक्ष्मी का विशेष कृपा बानी रहती है। शंकर भगवान की प्रिय चीज़ो में एक मानी जाती है। आइए जानें, किस मुखी को धारण करना चाहिए और रुद्राक्ष पहनने के फायदे .  

रुद्राक्ष पहनने के फायदे/ रुद्राक्ष धारण के लाभ व विधि

एकमुखी रुद्राक्ष – One Mukhi Rudraksha

एक मुखी रुद्राक्ष–

एक मुखी को भगवान शिव का ही स्वरुप मानते है। इसे धारण करने से महालक्ष्मी की कृपा दृष्टि बानी रहती है, जीवन में हर प्रकार की सुख-सुविधा का लाभ मिलता है। हलाकि एकमुखी सरलता से नहीं मिल पाता है। इसको धारण करने से पहले इस मंत्र (ऊँ ह्रीं नम:।।) का जाप करना चाहिए।

दोमुखी रुद्राक्ष– Two face rudraksha

दो मुखी रुद्राक्षकिसी भी प्रकार की मनोकामनाओं को पूरा करने वाला दो मुखी रुद्राक्ष को देवदेवेश्वर का रूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है इसको धारण करने वाले के मन की हर इच्छा पूर्ण होती है। धारण करने से पहले इस मंत्र- ऊँ नम:।। का जप करना चाहिए।

तीनमुखी रुद्राक्ष– Three face rudraksha

तीन मुखी रुद्राक्षशिवपुराण के मता अनुसार तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले को वही फाल प्राप्त होता है। जिसे कठिन साधाना करने पर मिलता है। जिनको जीवन में विद्या प्राप्ति की इच्छा है यानी विधार्थी को इसे मंत्र (ऊँ क्लीं नम:) का जप करके धारण करना चाहिए।

चारमुखी रुद्राक्ष– Four face rudraksha

चार मुखी रुद्राक्ष

मंत्र – ऊँ ह्रीं नम:।। का जप करके चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले को धर्म, अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। क्यूंकि इसे ब्रह्मा का रूप मन जाता है।

पांचमुखी रुद्राक्ष– Five face rudraksha

पांच मुखी रुद्राक्षपांच मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति सहज ही मिल जाती है। और इच्छित फल की प्राप्ति होती है। इसे धसरण करने से पापो का असर अपने आप समाप्त हॉट जाता है। पहनने से पहले मंत्र है- ऊँ ह्रीं नम:।। का जप करना चाहिए।

छहमुखी रुद्राक्ष– Six face rudraksha

छह मुखी रुद्राक्षभगवान कार्तिकेय का रूप छहमुखी को माना जाता है। कार्तिकेय भगवान शिव के पुत्र हैं। जो मनुष्य छ: मुखी रुद्राक्ष को दाहिनी बाजू पर पहनता है, उसे ब्रह्महत्या के सामान सभी पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं हुं नम:।

सातमुखी रुद्राक्ष– Seven face rudraksha

सात मुखी रुद्राक्षसात मुखी रुद्राक्ष गरीब को भी धनवान बना देता है, जो व्यक्ति धन की कमी से परेशान रहता है,उसे सात मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। इसको पहनने वाले की धन सम्बंधित समस्या का निवारण हो जाता है। ऊँ हुं नम:। इस मंत्र के जप साथ धारण करें।

आठमुखी रुद्राक्ष– Eight face rudraksha

आठ मुखी रुद्राक्षअष्ट मुखी रुद्राक्ष को भैरव का रूप माना जाता है। इसे धारण करने वाले की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती,अपनी सम्पूर्ण आयु को जीता है। अकाल मौत से बचने के लिए इसको इस मंत्र के साथ उपयोग में लेना चाहिए। मंत्र है- ऊँ हुं नम:।

नौमुखी रुद्राक्ष–Nine face rudraksha

नौ मुखी रुद्राक्षमहाशक्ति के नौ रूपों का प्रतीक नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं।साथ ही हर जगह मान-सम्मान प्राप्त होता है। इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं हुं नम:।

दसमुखी रुद्राक्ष– Ten face rudraksha

दस मुखी रुद्राक्षभगवान विष्णु का प्रतीक मन की सभी मनोकामना को पूरा करने वाला दस मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी करता हैं, जिन्हे अपनी इच्छापूर्ति की अभिलाषा है वह इसको जरूर पहनना चाहिए। इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं नम:। इस मंत्र के साथ  धारण करें।

ग्यारहमुखी रुद्राक्ष– Eleven face rudraksha

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव के अवतार रुद्रदेव का रूप माना कहा गया है। यह जीवन में सभी क्षेत्रों में सफलता दिलाने वाला, दुश्मनो को पराजित कर उनपर पर विजय देने वाला है। इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं हुं नम:। इस मंत्र के साथ  धारण करें।

बारहमुखी रुद्राक्ष– twelve face rudraksha

बारह मुखी रुद्राक्ष

बारह मुखी रुद्राक्ष को विशेष रूप से बालों में धारण किया जाता है। जो बाहरमुखी रुद्राक्ष धारण करते हैं, उन्हें 12 आदित्यों की विशेष दया मिलती है। इसका मंत्र है- ऊँ क्रौं क्षौं रौं नम:।

तेरहमुखी रुद्राक्ष– Thirteen face rudraksha

तेरह मुखी रुद्राक्ष

यह  धारण करने से व्यक्ति का दुर्भाग्य नष्ट होकर भाग्यशाली बन जाता है। तेरह मुखी रुद्राक्ष पहनने से धन लाभ मिलता है। इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं नम:। इस मंत्र के साथ धारण करें।

चौदहमुखी रुद्राक्ष– Fourteen face rudraksha

चौदह मुखी रुद्राक्ष

शिवजी का रूप चौदह मुखी रुद्राक्ष है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति को सभी प्रकार के पापों से सहज ही मुक्ति मिल जाती है। इसको माथे पर धारण करना चाहिए। इसका मंत्र है- ऊँ नम:। इस मंत्र के साथ जप कर धारण करें।

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