घरेलु नुस्खे

बवासीर की बीमारी को जड़ से दूर करने के घरेलू उपचार

बवासीर की पहचान  खूनी बवासीर का इलाज  बवासीर में परहेज  बवासीर के रोग

बवासीर की बीमारी को जड़ से दूर करने के घरेलू उपचार बवासीर की बीमारी एक गंभीर रोग है यह गुदा का रोग है। आजकल की विकृत जीवनशैली और खानपान की वजह से यह बीमारी होती है। इस रोग के होने पर मलाशय और गुदा द्वार नसों में सूजन होने लगती है। जिससे खून और दर्द होता है। मल त्यागते समय असहनीय पीड़ा होती है, और लगातार खून का रिसाव होता है। रोगी को उठने-बैठने चलने-फिरने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इस रोग का मुख्य कारण पेट की खराबी होता है। यह रोग रोग पीढ़ी दर पीढ़ी भी होता है। इसके अलावा यह रोग उन लोग को होने की ज्यादा संभावना होती है जो घंटो खड़े होकर काम करते है। जैसे बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस, पोस्टमैन और जो भारी वजन उठाने का काम करते है। Piles treatment at home in bleeding

बवासीर का कारण

वैसे बवासीर का मुख्य कारण कब्ज ही होती है। क्युकी कब्ज होने पर मॉल कड़ा हो जाता है। और मॉल त्यागते समय मल आसानी से गुदा से बाहर नहीं आता। जिसके कारण गुदा के नसों पर दबाब पड़ता है। यदि ऐसा लम्बे समय तक होता है तो नसों में सूजन आने लगती है। और धीरे धीरे मस्से का रूप ले लेती ही। शुरू शुरू में यह मस्से अंदर की तरफ होते है। लेकिन जैसे जैसे बीमारी बढ़ती है। यह मस्से मल त्यागते समय बाहर आने लगते है। और फिर अपने आप अंदर चले जाते है। परन्तु रोग के भयंकर रूप में यह मस्से गुदा द्वार पर बाहर की तरफ आ जाते है। जिनसे खून आने लगता है। और भयानक पीड़ा होती है। रोगी को चलने फिरने में काफी तकलीफ होती है। साथ ही साथ बवासीर की बीमारी से ग्रसित रोगी दिन प्रतिदिन कमजोर होता चला जाता है। इस रोग को अंग्रेजी में पाइल्स या (Piles) hemorrhoids कहा जाता है।

 बवासीर के प्रकार  Piles: Symptoms, causes, and treatments

बवासीर hemorrhoids होते हैं जो गुर्दे और मलाशय के निचले हिस्से में स्थित नसों को बढ़ाते हैं। इन नसों उनके भीतर बढ़ रहे दबाव के कारण सूजन आ जाती हैं। बवासीर दो प्रकार के हो सकते हैं, एक आंतरिक बवासीर होता है और दूसरा बाहरी बवासीर होता है और यह विभिन्न आकारों का हो सकता है।

बाहरी बवासीर जब थ्रोम्बोस हो जाते हैं, तो यह अधिक भयावह होता है जिसमें अहसहनीय दर्द होता है। गुदा में दर्द और खून का बहना बवासीर की बीमारी के संकेत है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत बवासीर के इलाज के बारे में सोचना चाहिए।

लक्षण

ज्यादातर मामलों में, बवासीर के लक्षण गंभीर नहीं होते हैं वे आम तौर पर कुछ दिनों के बाद स्वयं ठीक हो जाते है।

बवासीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को निम्न लक्षणों का अनुभव हो सकता है:

  • गुदा के आसपास, संभवतः दर्दनाक गांठ महसूस होती है इसमें खून का रिसाव भी शामिल हो सकता है। इस बवासीर को खूनी या बाहरी बवासीर कहा जाता है।
  • मल त्याग के समय तेज लाल खून दिखाई दे सकता है।
  • गुदा के आसपास का क्षेत्र में खुजली, लाल और पीड़ा होती है।
  • मल निकलते समय गुदा में भयंकर दर्द महसूस हो सकता है।

बाहरी बवासीर गुदा के बाहरी किनारे पर छोटे गांठ होते हैं। वे बहुत खुजलीदार होते हैं और अगर इनमे खून का थक्का बनता है तो दर्दनाक हो सकता है, क्योंकि रक्त का थक्का रक्त के प्रवाह को रोक सकता है। ऐसी कंडीशन में तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है।

कारण

  1. पुराना कब्ज
  2. पुरानी दस्त
  3. भारी वजन उठाना
  4. गर्भावस्था
  5. स्टूल पास करते समय तनाव

बवासीर की बीमारी को जड़ से दूर करने के घरेलू उपचार

सावधानियाँ

  • बवासीर के रोगी को बादी और तले हुये पदार्थ नही खाने चाहिये,  जिनसे पेट में कब्ज की संभावना हो .
  • हरी सब्जियों का ज्यादा प्रयोग करना चाहिये, बवासीर से बचने का सबसे सरल उपाय यह है कि शौच करने उपरान्त जब मलद्वार साफ़ करें

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