hindi moral story for children असली बलि

hindi moral story for children : प्राचीन काल में प्रेमाचार्य एक महामुनि रहते थे| ऊपरी दिखावट से वे बहुत दूर रहते थे| यानी तिलक भसम आदि का सेवन नहीं करते थे| शिष्यों को उपदेश देते थे| सारी सृष्टि उनके दृष्टि में “सत्य शिवं सुन्दरं” थी|
उसी देश में एक राजा श्री भूरि सिंह रहते थे| उन्होंने प्रेमाचार्य का नाम सुना था पर कौन अम्बर को धारण करते हैं? नरेश को यह ज्ञात नहीं था | सपने में एक दिन महादुर्गा आकार राजा से कहीं – “सप्ताह के अन्दर ही बलि करो अन्यथा राज्य का दुर्गत होगा|”

hindi moral story for children : Asli Bali Real sacrifice

राजा सोच में पड़ गये| किसको बलि करें? यह सोचते ही बाग में टहलने चले| उन्होंने वहां देखा कि एक साधारण वेश वाला आदमी जिसके चेहरे से आभा दमक रही थी, झरने पर जल ग्रहण कर रहा था| hindi moral story for children
राजा ने पूछा – “तुम कौन हो?” सत्यं शिवम् सुन्दरम्, व्यक्ति ने उत्तर दिया| तुम्हारा घर कहां है? सत्यं शिवं| मैं कौन हूं ? सत्य शिवं|
राजा ने समझा कि यह पागल है| उसे पकड़ कर अपने राज्य में बलि देने के लिए ले गये|
रस्से में बंधा हुआ व्यक्ति जो वास्तव में प्रेमाचार्य था सुन्दर वस्त्रों से उसे सुशोभित करके महादुर्गा के मूर्ति के सामने बलि करने के लिए खड़ा किया गया| hindi moral story for children
राजा – कुछ खाओगे? हिंसा को खाऊंगा|
कुछ पीयोगे? झूठ और अन्याय को पीऊंगा|
कुछ चाहते हो? प्रेम, सत्य, न्याय, अहिंसा और धर्म|
अन्तिम कार्य के लिए राजा ने कृपाण उठाया | घोर गर्जन के साथ दुर्गा प्रकट हो गई और क्रोध से बोलीं – राजा यह क्या कर रहे हो?     बलि! महारानी – राजा ने कहा|
मैंने तुमसे जीव हिंसा करने के लिए कहा था? महरानी बोलीं|
समझा नहीं महारानी राजा ने कहा|
व्यक्ति की बेड़ियाँ टूट गईं| दुर्गा ने कहा – “मैंने तुमसे कहा था कि हिंसा, अन्याय, झूठ, मद्यपान, एवं अन्य बुराइयों की बलि करो|” इतना कहकर दुर्गा अन्तर्ध्यान हो गईं| hindi moral story for children
 
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