अमावस्या के दिन भूल कर नहीं करें यह काम

0
1952
अमावस्या के दिन भूल कर नहीं करें यह काम

Amavasya ke din bhulkar bhi na kare ye kaam – महीने में एक बार अमावस्या और एक बार पूर्णिमा का दिन होता। अमावस्या को अशुभ दिन मानते हैं क्योंकि इस दिन नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है। परन्तु पूजा, जप तप के लिए यह दिन बहुत ही शुभ होता है। इसके स्वामी पितृ देव है। इस दिन शुभ कार्य को नहीं करना चाहिए अन्यथा लाभ की जगह हानि होने की संभावना जायदा रहती है। चंद्रमा मन का कारक है इसलिए इस दिन मन बहुत असंतुलित होता है मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन बहुत से कार्यों को निषेध बताया गया है जिन्हें करने से जीवन में परेशानियां तकलीफ को का सामना करना पड़ सकता है इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे अमावस्या के दिन कौन से ऐसे कार्य हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

(अब इन्हे भी पढ़े : लाल किताब में कमजोर चंद्रमा के लिए उपाय)

अमावस्या के दिन भूल कर नहीं करें यह काम

श्मशान भूमि में जाने से बचना चाहिए

श्मशान भूमि में जाने से बचना चाहिएअमावस्या के दिन शमशान भूमि के आसपास या अंदर जाने से हर वर्ग के लोगों को नहीं बचना चाहिए क्योंकि इस दिन और रात में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है जो, आप को अपनी चपेट में ले कर आप को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मानसिक और शारीरिक दोनों तकलीफ को से परेशान कर सकती हैं। इसलिए जहां तक हो सके श्मशान भूमि अमावस्या के दिन नहीं जाना चाहिए।

पेड़ों के नीचे जाने से बचे

पेड़ों के नीचे जाने से बचेमेहंदी ,बरगद ,इमली ,मौलसिरी ,पीपल के पेड़ो के नीचे नहीं जाना चाहिए। क्यूंकि इन पेड़ो पर भूत,प्रेतों का वास होता है। जो अमावस्या को ज्यादा शक्तिशाली हो जाते है। यह आपको अपने वश में कर आपको दुखी करते रहते है। इसलिए इन पेड़ो के समीप जाने से भी इस दिन बचना चाहिए।

कोई महत्व फैसला लेने से बचे

कोई महत्व फैसला लेने से बचेकोई महत्व फैसला लेने से बचना चाहिए क्युकी इस दिन मन का संतुलन सामान्य ना होने की वजह से लिया गया कोई भी महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला गलत साबित हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा मन का कारक होता है, और इस दिन चंद्रमा दिखाई न देने की वजह से मन में असहजता बनी रहती है। इसलिए आपके द्वारा लिया फैसला आपको परेशानी में डाल सकता है। इसलिए इससे बचने की जरुरत होती है।

लड़ाई झगड़े और क्लेश से दूर रहे

अमावस्या की तिथि के देवता पितर देवता होते हैं। घर में सुख शांति और खुशी का माहौल पितरों की कृपा की से बनता है। पितरो को खुश करने और कृपा पाने के लिए जहां तक हो सके अपने आप पर और काबू रखें किसी से बिना वजह गाली गलौज मार-पीट ना करें। घर में प्यार का वातावरण बनाकर रखें। जप पूजा पाठ करे। ऐसा करने से पितर खुश होकर अपना आशीर्वाद देते हैं। इस दिन होने वाले घर के क्लेश से पितृ रुष्ट होते हैं। जिससे आपको और आपके परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

शारीरिक यौन संबंध बनाने से परहेज करें

शारीरिक यौन संबंध बनाने से परहेज करेंअमावस्या के दिन स्त्री हो या पुरुष दोनों को अपने मन पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है। मन मैं बुरी कामना नहीं आने देना चाहिए। इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से जीवन में परेशानियां बढ़ती है साथ ही इस संबंध से पैदा हुई संतान जीवन भर दुखी भोगती है। इसलिए इसदिन यौन संबंध न बनाये।

गरीब का अपमान ना करें

Last updated on August 19, 2018 7:44 am

भिखारी, गरीब का अपमान ना करेंइस दिन गरीब या जरूरतमंद इंसान की मदद करें। मदद ना भी कर सके तो, कम से कम उसका अपमान ना करें। उसके दिल को ना दुखाये। गरीब आदमी के दिल को ठेस पहुंचाने से शनि और राहु-केतु रुष्ट हो जाते हैं और उनके प्रकोप से आपके जीवन में उथल-पुथल मच सकती है।

अब इन्हे भी पढ़े :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here