Jyotish Eclipse

4 दिन बाद आंशिक सूर्य ग्रहण, करें शनिचारी अमावस्या का दान

शनि अमावस्या वैशाख अमावस्या का दिन शनिवार है। इसे शनिचारी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। अमावस्या हर महीने के कृष्ण पक्ष की 15 तारीख को पड़ती है। (Surya grahan date and time in india) इस तिथि को कृष्ण पक्ष समाप्त होता है और अगली तिथि से शुक्ल पक्ष प्रारंभ होता है। इस बार सूर्य ग्रहण भी शनि अमावस्या को पड़ रहा है, जो वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण है। आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि 30 अप्रैल को दोपहर 12.15 बजे से सूर्य ग्रहण लगेगा। हालांकि, भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा।

प्रीति योग में है अमावस्या

उन्होंने बताया कि शनि अमावस्या के दिन 30 अप्रैल की सुबह से प्रीति योग है. जो दोपहर 03:20 बजे तक रहेगा। उसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। अश्विनी नक्षत्र भी रात 8:13 बजे तक है। ये योग और नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं। इसलिए जातक शनि अमावस्या के दिन सुबह से ही स्नान दान कर सकता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन पूर्वजों की भी पूजा की जाती है। अमावस्या के दिन पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वे प्रसन्न होते हैं।

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शनि अमावस्या का महत्व:

आचार्य अंजनी ने शनि अमावस्या के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि इस दिन कर्म दाता शनि देव की पूजा करनी चाहिए. सुबह स्नान और दान के बाद शनि मंदिर में जाकर शनि देव की पूजा करें और उन्हें काले या नीले वस्त्र, नीले फूल, काले तिल, सरसों का तेल आदि चढ़ाएं। इसके साथ ही छाता, जूते, उड़द की दाल, काले तिल, सरसों का तेल और शनि चालीसा को जरूरतमंदों में बांटना चाहिए.

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Web Title: Story Surya Grahan date and time in India after 4 days of the partial solar eclipse this time in preeti yoga do charity of shanishchari amavasya

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