श्रावण : देखिये इन 5 शक्तिशाली शिव- मन्त्रों का चमत्कार !

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श्रावण : देखिये इन 5 शक्तिशाली शिव- मन्त्रों का चमत्कार !

श्रावण : देखिये इन 5 शक्तिशाली शिव- मन्त्रों का चमत्कार !

भगवान शिव अपने भक्तों पर बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाने वाले देवता है। शिव के मंत्रों को सुनने और जपने से बहुत से कष्ट और वेदना और परेशानियों से बचा जा सकता है। पांच शिव के ऐसे मंत्र हैं, जो बीमारी कठिनाइयों और दुख को मनुष्य के जीवन से दूर कर देते हैं। भगवान शिव महाकाल हैं। यह दया के सागर हैं, भक्तों पर सहज ही प्रसन्न हो जाते हैं, उनको मुक्ति देते हैं यानी जन्म और मृत्यु के कष्टकारी चक्र से हमेशा के लिए बाहर निकाल देते हैं। आप इन मंत्रों को अपनाएं तो आप इसकी शक्तिशाली शक्ति को अनुभव कर पाएंगे। यह मंत्र आपको दिए जा रहे हैं, यह कोई साधारण मंत्र नहीं है। उनके अनगिनत लाभ हैं, आप इसे करेंगे तो खुद महसूस कर पाएंगे।

1.मंत्र नंबर 1 : ॐ नमः शिवाय

आत्मा की शुद्धि, सुरक्षा के लिए

3. मंत्र नंबर 1 का अर्थ – पंचाक्षरी शिवा मंत्र

इस मंत्र का अर्थ है – मैं भगवान् शिव को नमन करता हूँ .

4. मंत्र नंबर 2 : ॐ नमो भगवते रुद्राय

4. मंत्र नंबर 2 : ॐ नमो भगवते रुद्राय

 भगवान् शिव से सहायता और अपनी इच्छा- पूर्ति के लिए

5. मंत्र नंबर 2 का अर्थ - रूद्र मंत्र
5. मंत्र नंबर 2 का अर्थ – रूद्र मंत्र

 मैं परम पवित्र रूद्र भगवान् यानि शिवजी को नमन करता हूँ .

6. मंत्र नंबर 3 : मन की शांति और शिव जी को प्रसन्न करने हेतु
6. मंत्र नंबर 3 : मन की शांति और शिव जी को प्रसन्न करने हेतु

ॐ सर्वेश्वराय विद्महे, शूलहस्ताय धीमहि | तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ||

7. मंत्र नंबर 3 का अर्थ - रूद्र गायत्री मंत्र
7. मंत्र नंबर 3 का अर्थ – रूद्र गायत्री मंत्र

 हे सर्वेश्वर भगवान ! आपके हाथ में त्रिशूल है | मेरे जीवन में जो शूल है, कष्ट है | वो आपके कृपा से ही नष्ट होंगे | मैं आपकी शरण में हूँ . … ॐ ॐ ॐ …

8. मंत्र नंबर 4 : धन, सेहत और शांति हेतु
8. मंत्र नंबर 4 : धन, सेहत और शांति हेतु

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् । सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि ॥ … ॐ ॐ ॐ …

9. मंत्र नंबर 4 का अर्थ - शिव ध्यान मंत्र
9. मंत्र नंबर 4 का अर्थ – शिव ध्यान मंत्र

 कर्पूर के समान चमकीले गौर वर्णवाले ,करुणा के साक्षात् अवतार, इस असार संसार के एकमात्र सार, गले में भुजंग की माला डाले, भगवान शंकर जो माता भवानी के साथ भक्तों के हृदय कमलों में सदा सर्वदा बसे रहते हैं ,मैं उन देवाधिदेव की वंदना करता हूँ !! … ॐ ॐ ॐ …

10. मंत्र नंबर 5: शिवजी की प्रसन्नता और मृत्यु-भय दूर करने हेतु
10. मंत्र नंबर 5: शिवजी की प्रसन्नता और मृत्यु-भय दूर करने हेतु

 ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् । … ॐ ॐ ॐ …

11. मंत्र नंबर 5 का अर्थ - महामृत्युंजय मंत्र
11. मंत्र नंबर 5 का अर्थ – महामृत्युंजय मंत्र

 हम उस त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की आराधना करते है जो अपनी शक्ति से इस संसार का पालन -पोषण करते है उनसे हम प्रार्थना करते है कि वे हमें इस जन्म -मृत्यु के बंधन से मुक्त कर दे और हमें मोक्ष प्रदान करें | जिस प्रकार से एक ककड़ी अपनी बेल से पक जाने के पश्चात् स्वतः की आज़ाद होकर जमीन पर गिर जाती है उसी प्रकार हमें भी इस बेल रुपी सांसारिक जीवन से जन्म -मृत्यु के सभी बन्धनों से मुक्ति प्रदान कर मोक्ष प्रदान करें. … ॐ ॐ ॐ …

12. कैसे जपें –

रोज सुबह और शाम को 9 बार तथा सोमवार के दिन 108 बार शुद्ध मन से जपें इनमे से कोई एक मंत्र और देखें चमत्कार. श्रावण मास तथा शिव रात्रि के दिन जपने से अधिक फलदाई हैं. … ॐ ॐ ॐ …

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