आयुर्वेदिक पौधे

रोगनाशक ब्राह्मी के फायदे Curative benefits of Brahmi

रोगनाशक ब्राह्मी के फायदे Curative benefits of Brahmi

चेहरे पर तेज ब्राही से

कहते है कि ’स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है’ यह केवल एक कहावत नहीं हैं अपितु जीवन का सत्य हैं, जब हम अपने शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम करते है, व संतुलित आहार लेते हैं तो क्यों न अपने चेहरे पर तेज बनाए रखने के लिए भी कुछ ऐसा ही खास आजमाएं।
एक ऐसी ही लाभदायक औषधी है ’बाकोपा मोनिएरी’ यानी ब्राही का वैज्ञानिक नाम है, यह आपके मस्तिष्क को शीतलता देने के साथ ही उसकी कार्य क्षमता को भी बढाएगी, इस औषधी को ब्राह्यी नाम से जाना जाता है, ब्राही को यह नाम उसके बुद्धिवर्धन गुण के कारण ही दिया गया है, इसे जलनिम्ब भी कहते हैं क्योंकि यह प्रधानतः जलासन भूमि में ही पाई जाती है।

कैसी होती है ब्राही

ब्राही हरे और सफेद रंग की होती है इसका स्वाद फीका होता है, व इसकी तासीर शीतल होती है, ब्राही का पौधा पूर्ण रूप से औषधीय हौता है, यह पौधा भूमि पर फैलकर गूदेदार और फूल सफेद होते है, ब्राही के फूल सफेद के अलावा नीले और गुलाबी रंगों के भी होते है, ब्राही के पौधे के सभी भाग उपयोगी होते है जहां तक हो सके इसे ताजा ही प्रयोग करना चाहिए।

चेहरे का तेज बढाएं

जब इंसान का मस्तिष्क अच्छी प्रकार से कार्य करता है तो वह बुद्धिमान कहलाता है, बुद्धिमत्ता इंसान के चेहरे के तेज को बढाती है, चेहरे का प्राकृतिक तेज सौंदर्य में बढोतरी करता है इसलिए आवश्यक है कि बुद्धि जहां से और जिस रह से भी मिले, ग्रहण कर लेना चाहिए, ब्राही मस्तिष्क और दिल दोनां को स्वस्थ रखती है, यह यह स्मरण शक्ति और बुद्धि को बढाती है, जो लोग पढने लिखने का कार्य अधिक करते है, जैसे लेखाक, स्क्रिप्ट राइटर, वकील, अध्यापक, वैज्ञानिक, स्काॅलर्स आदि उनके लिए यह औषधी रामबाण का काम करती है,
इसका ज्यादातर प्रभाव मस्तिष्क पर ही पडता है यह मस्तिष्क के लिए टाॅनिक का कार्य करती है, जब मस्तिष्क अधिक कार्य करने से थक जाता है तब ब्राही का प्रयोग करने से शांति का अनुभव होता है, और व्यक्ति की हास हुई कार्य क्षमता में वृद्धि होती है,

रोगनाशक

  1. मिर्गी के दौरों तथा उन्माद की स्थिति में ब्राही बहुत लाभकारी होती है।
  2. सही मात्रा में इसका सेवन करने से यादश्त दुरूस्त होती है, अल्पमंदता में ब्राह्यी का रस या चूर्ण पानी या मिश्री के साथ रोगी को देने से लाभ होता है, ब्राह्यी मानसिक रोगों में भी बहुत लाभकारी है।
  3. ब्राही के तेल की मालिश से मस्तिष्क की दुर्बलता व खुश्की दूर होती है और बुद्धिबढती है,
  4. कब्ज व गठिया की बीमारी में भी ब्राही एक अचूक औषधी है, ब्राही में रक्त शोधक गुण भी पाए जाते है।
  5. यह दिल की मजबूती के लिए पौष्टिक आहार है।
  6. यह बुखार को कम करती है।
  7. सफेद दाग, पीलिया रोग में लाभदायक है।
  8. खून को साफ करती है।

खांसी, पित्त, और सूजन को रोकती है, ब्राही का सेवन जब भी करें किसी आयुर्वेदिक डाॅक्टर की सलाह पर करें क्योंकि वही बताएगा कि आपके लिए कितनी मात्रा में और किस प्रकार सेवन करना उचित रहेगा।

 

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