दिशा शूल निवारण – काल राहु, योगिनी विचार

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Disha Shool

Dishashool In Hindi, दिशा शूल : रविवार और शुक्रवार को पश्चिम में यात्रा नहीं करनी चाहिए। सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। मंगलवार बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा निषेध है। तथा गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशा शूल होता है। शनिवार को पूर्व में दिशाशूल होता है।

दिशा शूल निवारण – काल राहु, योगिनी विचार

काल राहु

1.शुक्रवार को आग्नेय कोण अर्थात पूर्व दक्षिण का कोना में काल राहु रहता है।

2. गुरुवार को दक्षिण बुद्ध को नैत्रत्य कोण यानि दक्षिणी पश्चिम दिशा में राहु काल रहता है।

3. मंगल को पश्चिम वह सोमवार को वायव कोण अर्थात पश्चिम-उत्तर(north west) दिशा में तथा

4. रविवार को उत्तर में कॉल राहुल रहता है।

योगिनी विचार

तारीख 1,9 को पूरब में 2,10 उत्तर में 3,11 को अग्नि कोण में 4,12 को वायाम कौन उनमें 5,11 को दक्षिण में 6,14 को पश्चिम में 7,14 नेतृत्व कोण में तथा 830 को ईशान कोण में योगिनी का वास होता है। यात्रा के समय दिशाशूल बायीं ओर का राहु तथा योगिनी पीठ पीछे और चंद्रमा सम्मुख या दाहिने हाथ की ओर हो तो यात्रा सर्व सुखदायक होती हैं।

दिशा शूल निवारण

यात्रा करने से पहले इन वस्तुओं का जरूर उपयोग करना चाहिए।

  1. रवि को पान, सोम को दर्पण, मंगल गुड़ करिए अर्पण ।
  2. बुद्ध को धनिया, बिफै जीरा, शुक्र कहे मोहे दधि का पीरा।
  3. कहे सनी में अदरख पावा ,सुख संपति निश्चय घर लावा।
  4. रविवार को पान खाकर यात्रा करनी चाहिए।
  5. सोमवार को शीशे में मुंह देखकर यात्रा करनी चाहिए।
  6. मंगलवार को गुड़ खाकर यात्रा करनी चाहिए।
  7. बुधवार को धनिया खाकर के यात्रा करनी चाहिए।
  8. गुरुवार को जीरा खाना चाहिए।
  9. शुक्रवार को दही खाकर यात्रा करनी चाहिए और शनिवार को अदरख खा कर के यात्रा करने से सभी कार्य सफल होते

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