गर्भावस्था

प्रसव के बाद कमजोरी को दूर करने के क्या खाना चाहिए

डिलीवरी के बाद कमजोरी को दूर करने के क्या खाना चाहिए: डिलीवरी या प्रसव के बाद माँ के शरीर में कमजोरी आ जाती है। साथ ही माँ के ऊपर अपने बच्चे का भी भार रहता है। इसलिए यह जरुरी होता है की प्रसूति माँ और उसके बच्चे के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए उनके खान पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। ताकि प्रसव के बाद आयी कमजोरी को दूर किया जा सके। ज्यादातर घर के बड़े बुज़ुर्ग नई-नई मां को सोंठ के लड्डू खिलाते हैं। उनका यह तर्क होता है। कि सोंठ के लड्डू जच्चा और बच्चा यानी मां और नवजात दोनों के स्वास्थ्यके लिए अच्छा है। आइये जानते है की ऐसे क्या फायदे है सौंठ में।

कमजोरी को दूर करने के लिए सोंठ के लड्डू के फायदे –  Benefits Of Ginger Powder (Sonth) after Delivery in Hindi

1. सोंठ का लड्डू :  सोंठ सूखे अदरक का पाउडर होता है और इससे बना लड्डू प्रसव के बाद स्तन में दूध का उत्पादन बढ़ाने और कमजोरी को दूर करने में बहुत फायदेमंद साबित होता है।

2. सोंठ का लड्डू बनाने की विधि हर प्रांत में अलग-अलग होता है, जैसे- मुम्बई हो या आगरा इसको मेथी, अजवाइन, सोंठ आदि डालकर बनाया जाता है तो कोल्हापूर में लड्डू हींग, लहसुन, सोंठ डालकर बनाया जाता है।

3. कुछ लोग तो इसमें ड्राइ फ्रूट्स भी डालते हैं। लेकिन जैसे भी इसको बनाया जाय इसमें जो आयरन, कैल्सियम, बी-ग्रूप विटामिन और मिनरल्स होने के साथ-साथ उच्च मात्रा में यानि 200-300 तक कैलोरी होता है वह जच्चा के लिए लाभदायक ही होता है।

4. ये नई प्रसूता माता के अंदरूनी जख़्म को जल्दी ठीक करने और एनर्जी को वापस लाने में मदद करता है। लेकिन यह सबसे अच्छा काम दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है जो नवजात शिशु के लिए अमृत के सामान होता है।

सोंठ के लड्डू का सेवन और कुछ सावधानियां

लेकिन Sonth ke Laddu सेवन करने से पहले कुछ बातो को ध्यान में रखना चाहिए।

सोंठ के लड्डू का सेवन करने के वक्त एक बात का ध्यान रखें कि इसका प्रभाव बहुत गर्म होता है और कैलोरी भी उच्च मात्रा में होता है, इसलिए माँ बनने के तीन से चार महीनें तक ही इसका सेवन करना चाहिए। इसके साथ माँ जो मसालेदार खाना, ज्यादा महक वाले फूड्स जैसे प्याज़, शिमला मिर्च के सेवन से बचना चाहिए। और हमेशा संतुलित भोजन खाना चाहिए।
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