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जन्मकुंडली में है ऐसे योग तो व्यक्ति धनवान बनता है। जानिए 10 करोड़पति बनने के कुंडली के योग के बारे में…

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जन्मकुंडली में है ऐसे योग तो व्यक्ति धनवान बनता है, janma kundali : जानिए 10 करोड़पति बनने के कुंडली के योग के बारे में… जन्मकुंडली में ग्रहो की स्थिति और उनके चाल से व्यक्ति के जीवन में बहुत से घटनाये घटित होती है। व्यक्ति के जीवन में कैसे, कब, कहाँ कोनसे काम होंगे। उनकी भविष्वाणी कुंडली के द्वारा की जाती है। साथ ही व्यक्ति कब कैसे धन प्राप्त करेगा साथ किस माध्यम से पैसा आएगा सब जाना जा सकता है। आईये आपको बताते है कुंडली के खास योगो के बारे में जो व्यक्ति को करोड़पति बना देते है।

ऐसे पहचानें अपनी कुंडली से 10 योग करोड़पति होने के

Yese Pahchane Apni janma kundali Se Crorepati Hone Ke yog

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जन्मकुंडली – janma kundali Raj yog

1. करोड़पति योग – यदि मंगल चौथे, सूर्य पांचवें और गुरु ग्यारहवें या पांचवें भाव में होने पर व्यक्ति को पैतृक संपत्ति से, कृषि या भवन के माध्यम से आय प्राप्त होती है, जो निरंतर बढ़ती जाती है। इसे करोड़पति योग कहते हैं।

2. जब गुरु दसवें या ग्यारहवें भाव में और सूर्य और मंगल चौथे और पांचवें भाव में हो या फिर ग्रह इसकी विपरीत स्थिति में हो तो व्यक्ति एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेबिलिटीज के द्वारा धन अर्जित करता है।

3. जब गुरु कर्क,मीन या धनु राशि का और पांचवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति पुत्र और पुत्रियों के द्वारा अपार धन लाभ पाता है।
4. शुक्र,बुध और शनि जिस भाव में एक साथ हो वह व्यक्ति को व्यापार में बहुत उन्नति कर धनवान बना देता है।

5. दसवें भाव का स्वामी तुला राशि या वृषभ राशि में और शुक्र या सातवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति विवाह के द्वारा और पत्नी की कमाई से बहुत धन पाता है।

6. शनि जब तुला, कुंभ या मकर राशि में होता है, तब अकाउंटेंट (accountant) बनकर धन अर्जित करता है।

7. बुध, शुक्र और गुरु किसी भी ग्रह में एक साथ हो तब व्यक्ति धार्मिक कार्यों द्वारा धनवान होता है। जिनमें पुरोहित, पंडित, ज्योतिष, कथाकार और धर्म संस्था का प्रमुख बनकर धनवान हो जाता है।

8. कुंडली के त्रिकोण घरों या केन्द्र में यदि गुरु, शुक्र, चंद्र और बुध बैठे हो या फिर 3, 6 और ग्यारहवें भाव में सूर्य, राहु, शनि, मंगल आदि ग्रह बैठे हो तब व्यक्ति राहु या शनि या शुक्र या बुध की दशा में असीम धन प्राप्त करता है।

9. यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हो और ग्यारहवें भाव में केतु को छोड़कर अन्य कोई ग्रह बैठा हो, तब व्यक्ति व्यापार-व्यवसाय के द्वारा अतुलनीय धन प्राप्त करता है। यदि केतु ग्यारहवें भाव में बैठा हो तब व्यक्ति विदेशी व्यापार से धन प्राप्त करता है।

10. यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में शनि या मंगल या राहु बैठा हो तो व्यक्ति खेल, जुआ, दलाली या वकालात आदि के द्वारा धन पाता है।

जन्मकुंडली में है ऐसे योग तो व्यक्ति धनवान बनता है। janma kundali : जानिए 10 करोड़पति बनने के कुंडली के योग के बारे में…

ये तो ज्योतिष का अपना तर्क है लेकिन एक सच यह भी है की मेहनत और लगन भाग्य को भी बदल सकता है। क्यूंकि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

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1 Comment

  • It’s hard to come by well-informed people in this particular
    topic, but you seem like you know what you’re talking about!
    Thanks

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