अनियमित मासिक धर्म के उपाय | महावारी लाने के उपाय

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अनियमित मासिक धर्म के उपाय – महावारी लाने के उपाय – स्त्रीओ में माहवारी एक सामान्‍य प्रक्रिया है। माहवारी की कम या ज्यादा आना कभी समय से पहले कभी बाद में या फिर महीने के कई बार खून के थक्के का होना ही अनियमित माहवारी कहलाती है। यदि मासिक धर्म सही समय पर नहीं हो तो या अनेक समस्‍याओं को जन्‍म देती है। मासिक धर्म में अनियमितता गर्भ ठहरने में दिक्‍कत खड़ी करती है। यदि समय से इसका उचित इलाज नहीं किया गया तो यह रोग में कभी भी गर्भ नहीं ठहर सकता है। जिससे स्त्री माँ बनने का सुख नहीं ले पाती है। साथ ही शरीर में अनेक रोगों का कारण बनती है। अनियमित मासिक धर्म के उपाय

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1. मासिक धर्म की अनियमितता के मुख्य कारण

कभी भी शारीरिक परिश्रम न करना, शरीर में खून की कमी , मैथुन विकार, बारिश में अधिक देर तक भीगना, ठंड लगना, ज्यादा गुस्सा करना, दुःख तनाव तथा मासिक धर्म के दौरान अनुचित खानपान आदि इसके प्रमुख कारण होते है।

2. मासिक धर्म की गड़बड़ी के लक्षण

गर्भाशय में दर्द, अजीर्ण, उल्‍टी, कब्‍ज़, भूख का कमी, स्‍तनों में दर्द और दूध कम निकलने की शिकायत, दिल की धड़कन तेज़ होना, साँस लेने में परेशानी, अजीब अजीब आवाजें सुनाई पड़ना, अनिंद्रा, दस्‍त, पेट दर्द, पूरे शरीर में दर्द व सूजन, हमेशा थकान लगना आदि मासिक धर्म में अनियमितता के मूल लक्षण हैं।

3. मासिक धर्म की अनियमितता का इलाज

1. रुकी हुई माहवारी लाने के लिए 250 ग्राम पानी में दो चम्मच बथुआ का बीज उबालें जब पानी आधा रह जाए । इसके बाद उसे छान ले और ठंडा होने पर पी जाएं। (irregular menstrual)
2. 3 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण शहद के साथ खाने से मासिक धर्म की अनियमितता ठीक हो जाती है।
3. दूब का एक चम्‍मच रस प्रतिदिन पीने से मासिक धर्म नियमित रूप से आने लगती है। तथा इससे रुका हुआ मासिक धर्म फिर से होने लगता है।
4. कच्‍चे पपीता की सब्‍ज़ी रोजाना खाये इससे भी रुकी हुई माहवारी खुल कर आने लगती है यह अनियमित मासिक धर्म के लिए उत्‍तम इलाज है।
5. एलोवेरा के दो चम्मच रस के सेवन से भी मासिक धर्म खुलकर आने लगती है
6. माहवारी की अनियमितता दूर करने के लिए 10 ग्राम तिल, 2 ग्राम कालीमिर्च, दो छोटी पीपल व थोड़ी चीनी मिलाकर काढ़ा बना लें। इसका नियमित सेवन करने से मासिक धर्म नियमित हो जाता है।
7. शहद के साथ 3 ग्राम तुलसी की जड़ का चूर्ण सेवन करने से फायदा मिलता है।
8. मासिक धर्म खोलने के लिए 50 ग्राम सोंठ, 30 ग्राम गुड़, 5 ग्राम बायबिड़ंग व 5 ग्राम जौ कूटकर दो कप पानी में उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो आग से उतार कर ठंडा करके पीना लाभप्रद है।
9. तीन-तीन ग्राम बरगद की जटा, मेथी व कलौंजी कूट लें और उसे आधा लीटर पानी में उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो पी जाएं।
10. मासिक धर्म नियमित करने के लिए प्‍याज का सूप फायदेमंद है। एक कप प्‍याज के सूप में थोड़ा गुड़ मिलकर लें। प्रतिदिन दो ग्राम सुबह, दोपहर, शाम गरम पानी के साथ सेवन करें।

4.अनियमित मासिक धर्म के अन्य उपयोगी उपचार

1. मक्‍के के भुट्टे को जलाकर राख बना लें। उसे छान कर रख लें। इसमें से 3 ग्राम सुबह खाली पेट पानी के साथ लें। मासिक धर्म खुल जाने पर औषधि लेना बंद कर दें। यह मासिक खोलने के साथ ही कई तरह के विकारों को नष्‍ट कर देता है।

2. मासिक धर्म के विकारों को नष्‍ट करने में चौलाई कारगर औषधि है। इसकी जड़ को छाया में सुखा लें। सूख जाने पर महीन पीस लें। मासिक धर्म शुरू होने से एक सप्‍ताह पहले से इसे पांच ग्राम सुबह खाली पेट पानी के साथ लें, जब मासिक धर्म शुरू हो जाए तो औषधि लेना बंद कर दें।

3. असगंध व खांड का चूर्ण बराबर मात्रा में मिला लें और इसमें से दस ग्राम चूर्ण मासिक धर्म शुरू होने के एक सप्‍ताह पहले से लेना शुरू करें, जब मासिक धर्म शुरू हो जाए तो औषधि लेना बंद कर दें।

4. मैदा में आधा ग्राम कपूरचूरा मिलाकर चार गोलियां बना दें। मासिक धर्म शुरू होने से चार दिन पहले से प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गोली पानी के साथ लें। मासिक धर्म शुरू होने के बाद औषधि का सेवन बंद कर दें।

5. मिश्री व विदारीकन्द का चूर्ण 1-1 चम्‍मच लें और उसे पीसकर एक चम्‍मच घी के साथ दिन में दो बार लेने से मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्‍तस्राव बंद हो जाता है। घी व चीनी के साथ एक चम्‍मच विदारीकन्द का चूर्ण लेने से भी अधिक रक्‍स्राव बंद हो जाता है। (अनियमित मासिक धर्म के उपाय)

6. यदि 2-3 माह से माहवारी नहीं आ रही है और पेट में दर्द है तो एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व 2 चम्मच मधु मिलाकर दिन में दो बार एक माह तक नियमित सेवन करें।

5. इन औषधियों के प्रयोग के दौरान आलू व बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।

  •  मासिक धर्म के किसी भी विकार में उलटकंबल की जड़ की छाल का गर्म चिकना रस 2 ग्राम प्रतिदिन सेवन करने से लाभ मिलता है। (अनियमित मासिक धर्म के उपाय)
  •  6 ग्राम उलटकंबल की जड़ की छाल व 1 ग्राम कालीमिर्च मिलाकर पीस लें। इसे मासिक धर्म शुरू होने के एक सप्‍ताह पूर्व से मासिक धर्म आने तक पानी के साथ लें। यह गर्भाशय को शक्ति प्रदान करते हुए बांझपन से भी मुक्ति दिलाता है।
  •  माहवारी अनियमित होने के साथ ही कमर व जांघ में दर्द हो तो 4 ग्राम उलटकंबल की जड़ का रस शक्‍कर के साथ सेवन करने से तत्‍काल लाभ मिलता है। (अनियमित मासिक धर्म के उपाय)
  •  उलटकंबल की 50 ग्राम सूखी छाल को पीसकर आधा लीटर पानी में उबालें जब पानी आधा रह जाए तो इसे आग से उतार कर रख लें। मासिक धर्म शुरू होने के एक सप्‍ताह पूर्व से मासिक धर्म शुरू होने तक आवश्‍यकतानुसार इसका सेवन करें, लाभ मिलेगा।
  •  काली मिर्च के सात दानें व उलटकंबल की जड़ की छाल का 4 ग्राम चूर्ण मासिक धर्म के दौरान पानी के साथ सेवन करें। यह गर्भाशय के सभी विकारों को नष्‍ट करता है। प्रदर व बांझपन को भी दूर करता है। (अनियमित मासिक धर्म के उपाय)
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